Zakat kisko dein? Eid me zakat kisko dein? ज़कात-अल-फ़ित्र किसको दें

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Zakat kisko dein? या ramzan me zakat kis insan ko deni chahiye? यह सवाल हर एक नए या पुराने कमाने वाले मुसलमान के मन में आती ही है; और हमें हमेशा लोगों से सुनने को मिलता है कि रकात हमेशा जरूरतमंद को ही देनी चाहिए. 

जो कि बिल्कुल सही है लेकिन इसमें कुछ कमी- बेसी भी है, यानी इसमें कुछ दूसरी बातें भी है जिसका आपको ख्याल रखना चाहिए जकात करते वक्त… 

आज हम इस आर्टिकल में यही जानने वाले हैं कि अगर हम जकात दे रहे हैं तो हम जकात किसको दे सकते हैं यानी zakat kisko dein?

लेकिन चलिए उससे पहले यह जान लेते हैं कि zakat kise kahte hai? 

Zakat kise kahte hai? 

हमारी आज की अब पोस्ट इस पर नहीं है कि जगत किसे कहते हैं बल्कि इस पर है कि जकात किस इंसान को देनी चाहिए; लेकिन फिर भी अगर आपको यह नहीं पता कि जगत किसे कहते हैं तो मैं आपको जल्दी-जल्दी छोटे में बता देता हूं. 

जकात इस्लाम के 4 स्तंभों में से एक है यानी कि यह काफी ज्यादा जरूरी है….

जकात तारीफ (definition) कुछ इस तरह है:- “अगर आप मुसलमान हैं और पैसे कमाते हैं यानी आमदनी है तब आप पर जकात फर्ज हो जाती है बशर्ते आप अपनी जरूरतों को पूरी कर लें; तब आपको अपनी बची हुई आमदनी में से 2.5 % हिस्सा गरीबों को देना होता है, जिसे जकात कहते हैं” 

आप पैसे, माल, खाना-पीना, कपड़े, मकान आदि जरूरतमंद सामान को जकात के रूप में किसी जरूरतमंद इंसान को दे सकते हैं; ऐसे इंसान आपके रिश्तेदार, खानदान में जरूरतमंद इंसान, गरीब या विकलांग, जरूरतमंद पड़ोसी आदी जैसे लोग हो सकते हैं.

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Note:- घर में जितने भी कमाने वाले इंसान हैं सबपर अलग अलग जकात फर्ज होती है, लेकिन अगर आप के घर में सभी का पैसा एक-साथ जुड़ता है तब अलग बात है; तब आप अपने घर की कमाई में से 2.5 % जकात दे. एक बात और ईद-उल-फितर की नमाज पढ़ने से पहले जगा देना जरूरी है; अगर आप पर जकात फर्ज है और आप बिना जकात दिए ही ईद-उल-फितर की नमाज पढ़ते हैं तो वह नमाज कबूल नहीं होगी.

तो दोस्तों इतना काफी है हमारे आगे के पोस्ट के लिए, उम्मीद करता हूं कि आपको जकात का मतलब समझ में आया होगा; तो चलिए अब हम जान लेते हैं कि हमें किस इंसान को जकात देनी चाहिए……. 

Zakat kisko dein?

बच्चा बच्चा यह जानता है कि जकात हमें किसी जरूरतमंद इंसान को देनी चाहिए जैसे कोई गरीब रिश्तेदार या पड़ोसी या अन्य जरूरतमंद इंसान को जकात दे सकते हैं; और जकात देने से अल्लाह हमें ढेर सारी खुशियां और सवाब देता है. और अल्लाह ने जहां भी फरमाया है कि

“जकात अदा करने से तुम्हारा माल कभी भी कम नहीं होगा उल्टा माल में इजाफा और बरकत होगा; यह मेरा तुमसे वादा है, तुम जकात अदा करो” 

तो दोस्तों zakat kisko dein? का जवाब तो यही है कि हमने जकात किसी मिसकीन-व-गरीब को ही देनी; जिसे किसी चीज जैसे पैसे, घर, काम, कपड़े, खाने आदि की जरूरत है, या आसान भाषा में कहें तो गरीब की जरूरत करना है…… लेकिन इसकी कुछ शर्तें भी है…. 

जकात अदा करना कोई आसान काम नहीं है कि सालाना कमाई का 2.5% हिस्सा गरीबों में बस बांट दें; इसका एक तरीका होता है जिसके हिसाब से जकात देने से ही उसका सवाब मिलता है. ऐसा बिल्कुल भी नहीं होता कि पैसा निकाला और किसी को भी दे दिया…. इसलिए ये जानना भी जरूरी है कि zakat kis insan ko de? 

Zakat kis insan ko de sakte hain kisko nahi? 

जकात आप गरीब को दे सकते हैं और गरीबों को ही देना चाहिए, क्यूंकि उनको जकात देना ही फर्ज है; और बता दूँ को मदद और जकात मे अन्तर है, जकात आपको देनी ही है जो कि किसी गरीब को देनी होती है. 

वहीं मदद आप किसी को भी दे सकते हैं चाहे भाई, बहन, पड़ोसी, गरीब-मिस्कीन आदि; और आप मदद के बदले मदद की उम्मीद भी कर सकते हैं लेकिन जकात में ऐसा नहीं है, जकात गरीब का हक है, और आपका उन्हें जकात देना फर्ज है…. 

Inko zakat de sakte hain

  • जान पहचान का कोई गरीब जो आपके घर आया आपसे जकात की उम्मीद लेकर. 
  • कोई अनजान गरीब जिसपर आपको तरस आया. 
  • गरीब बच्चा, बेबस औरत, जरूरतमंद बुजुर्ग आदि को कई तरह से जकात अदा कर सकते हैं.
  • गरीब पड़ोसी को भी जकात की नीयत से जकात अदा कर सकते हैं. 
  • जान पहचान के गरीब लोगों को भी जकात दिया जा सकता है. 
  • दूर के रिश्तेदारों को भी जकात दिया जा सकता है अगर वो जकात के हकदार हैं. 
  • जिन्हें जकात अच्छी-खासी मिल चुकी है उन्हें जकात ना देकर दूसरे गरीब को जकात दें.
  • अपाहिज गरीबों को जरूर से जकात दें.
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नोट:- भाई, बहन, औलाद, मां-बाप, दोस्त को जकात नहीं दी जाती, उनकी मदद की जाती है; जकात की नीयत से इनकी मदद ना करे, इससे जकात का सवाब नहीं मदद का सवाब मिलता है. एक बात और जकात सिर्फ एक इंसान को नहीं ब्लकि कई इंसानों को दे सकते हैं 

आपका जकात तब ही कबूल होगा जब आप जकात की सभी फर्ज और जरूरी बातों को ध्यान मे रखकर जकात अदा करेंगे….. यहां जाने जकात देने का तरीका 

Link:- zakat dene/ada karne ka sahi tarika in hindi

तो चलिए जान लेते हैं कि zakat kisko dein sahi insan, क्यूंकि आप हर मिसकीन-व-गरीब को जकात नहीं दे सकते; और अगर किसी गलत इंसान को जकात दे दिए हैं तो वो जकात आपकी बर्बाद हो गई. आइए इसपर अच्छे से बात कर लेते हैं….. 

Zakat kisko dein, sahi insan? (zakat dene ke liye sahi insan kaise chune)

इस बात में कोई दो राय नहीं है कि आपको जकात मिसकीन-व-गरीब को ही देनी है लेकिन कुछ ऐसी बातें भी है जिसका आपको खासकर ध्यान रखना है; जिससे आपका जकात कबूल होकर सवाब भी दे और साथ-साथ आपका दिया हुआ जकात बर्बाद भी ना हो.

ऐसा करने के लिए आपको सही इंसान को ही जकात देनी होगी, क्योंकि कभी-कभी हम गलती से गलत इंसान को जकात दे बैठते हैं; जिससे हमारी जकात बर्बाद हो जाती है और उस इंसान की दुआ भी नहीं मिलती लेकिन जकात देने का सवाब मिलता है.

और हम चाहते हैं कि जकात के सवाब के साथ हमें उस इंसान की दुआ भी मिले जिसे हमने जकात दी है; इसके लिए हमे सही इंसान चुन्ना होगा. तो चलिए zakat dene ke liye sahi insan kaise chune जान लेते हैं……

Zakat dene ke liye sahi insan kaise chune

Zakat dene ke liye sahi insan kaise chune? ये सवाल काफी जरूरी तो है लेकिन उससे पहले हमारा ये जानना भी जरूरी है कि; जकात किस-किस इंसान को अदा कर सकते हैं. क्यूंकि हर बार गरीब ही जरूरतमंद नहीं होता…. 

सीधी सी बात है, अगर आपको ज़कात-अल-फ़ित्र का पूरा सवाब लेना है तो आपको सही इंसान को सही तरीके से देना होगा; जिससे आपको जकात देने का सवाब, उस इंसान की दुआ, सब चीज़ें मिल जायें.

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Zakat dene ke liye sahi insan aise chune!

जकात देने के लिए आपको अच्छा इंसान चुन्ना है ताकि आपको पूरा सवाब मिल सके ज़कात-अल-फ़ित्र का; जकात देने के लिए कुछ नियमों पर चलना होता है, जो नीचे दिए हुए हैं….. 

  • अपने रिश्तेदार, पड़ोसी गरीब या अन्य गरीबों में जकात अदा करें. 
  • किसी भी गरीब को जकात उठाकर ना दे दें, ध्यान रहे कि वो गरीब असलियत मे जकात का हकदार है ना कि गलत कामों मे जकात को उड़ा दे जैसे, शराब आदि. 
  • ध्यान रहे कि जिसे जकात दे रहे हैं वो चोर, या बहुरूपिया गरीब ना हो. तब ही जकात दें जब आपको उसपर पूरा भरोसा हो कि वो इंसान जकात का सही इस्तेमाल करेगा. 
  • उस इंसान को जकात न दें जिसका हाथ-पैर होने का बावजूद अपनी बीवी-बेटी से पैसा मांगता हो और शराब, जुआ और अन्य गंदे कामों मे लगाता हो. अगर वह मजबूर, दिव्यांग या अपंग हो तो जरूर जकात दें. 
  • जकात आप किसी भी उम्र के लोगों को दे सकते हैं, चाहे बच्चा हो या बुढ़ा और जवान. 
  • शराबी और जुआड़ी को कभी भी जकात ना दें, ये जानते हुए कि वह इस जकात का गलत इस्तेमाल करे. 
  • किसी को भी जकात देने से पहले उसके बारे मे सभी जानकारी ले लें ताकि वह जकात का गलत इस्तेमाल ना कर सके; अगर रिश्तेदार में किसी को जकात दे रहे हैं तो उसमे कोई जानकारी लेने की जरूरत नहीं क्यूंकि आप उन्हें अच्छे से जानते हैं. 
  • कसी गैर-मुस्लमान को जकात ना दें इससे आपको सवाब मिलेगा, जकात गरीबों का हक तो है लेकिन सिर्फ मुस्लमान गरीब का; लेकिन आप गौर-मुस्लमान की मदद बेशक कर सकते हैं. 
  • जकात को मदद की तरह ना देखें ये मदद नहीं है गरीबों का हक्क है और आपका फर्ज; मदद किसी को भी दिया जा सकता है लेकिन जकात सिर्फ गरीबों को.

तो दोस्तों उपर लिखी चीजों को आपको ध्यान में रखना है अगर आप किसी को जकात देने जा रहे हैं; अगर आप ऊपर लिखी चीज़ों मे किसी एक पर भी गौर ना करें तो आपका सवाब कम हो सकता है…. 

तो दोस्तों यह थी हमारी आज की पोस्ट जिसमें हमने ये जाना कि zakat kisko dein? और इससे जुड़ी सभी चीज़ों पर भी बात की; उम्मीद करता हूँ कि आपको ये पोस्ट पसंद आई होगी और कुछ नया सीखने को मिला होगा. 

अगर हाँ, तो इस POST को अपने दोस्तों और परिवार के साथ जरूर SHARE करें और हमारे इस WEBSITE को BOOKMARK कर ले ताकि आप सभी को इस्लाम से जुड़ी ऐसी ही POST मिलती रहे.

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