Wazu banane ka sahi tarika

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Wazu banane ka sahi tarika हर मुस्लमान शख्स (औरत और मर्द) सभी को आना जरूरी है।

यूँ तो हर मुस्लमान (दीन वाले) को बचपन से पता होता है कि नमाज़ या क़ुरान पढ़ने से पहले वज़ु करना जरूरी है, और बिना वज़ु के नमाज़ अदा नहीं होती, इसलिए आज की इस पोस्ट में हम wazu banane ka sahi tarika या wazu ka tarika in hindi लेकर आये हैं।

आपको चाहिए कि आप इस पोस्ट (Wazu banane ka sahi tarika) को अच्छे से पढ़ें ताकि आप अपने दीन के मुताबिक सही राह पर चलें; क्यूंकि वज़ु करना भी एक इबादत है, और इसका सवाब भी बहुत है, ये हमारे नबी की सुन्नत है।

wazu banane ka sahi tarika in hindi
Wazu banane ka sahi tarika

Wazu ka tarika in hindi

Wazu banane ka sahi tarika जानने से पहले हम आपको कुछ जरूरी और अहम बातेँ बता देना चाहते हैं जिनका आपको जानना जरूरी है।

जरूरी बातेँ से मुराद है कि, आप वज़ु करने से पहले वज़ु की फराईज़ (wazu ke faraiz) जान लें ताकि आप वज़ु के जरूरी चीजें जान लें और फिर हम wazu banane ka sahi tarika जानेंगे।

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बता दें कि वज़ु में चार चीजें फर्ज़ होती हैं।

1. चेहरा धोना सबसे पहला ये कि आप अपने चेहरे को एक बार धोएं।

2. हाथों को धोना दूसरा हाथों को कुहनियों समेत अच्छे से एक बार धोना।

3. मसह करनाअपने सर का मसह करना यानी अपना गिला हाथ सर पर फिरा लेना।

4. पैरों का धोनावज़ु करते समय अपने दोनों पैरों को टखने तक एक बार धोना।

तो ये थी wazu ke faraiz जो कि wazu ki basics हैं, जिसकी मालूमात आपको पता होना चाहिए।

Wazu banane ka sahi tarika in hindi

शुरू करते हैं Wazu banane ka sahi tarika in hindi और इसका मसनून और आसान तरीका (Wazu karne ka asan tarika)

1. नियत – नियत से मुराद है, कि आप अपने मन में या ज़ेहन में नियत किए कि मैं नमाज़ या कुरान पढ़ने के लिए वज़ु कर रहा हूं।

Note – हमें हमेशा (जितना हो सके) उतना समय वज़ु में ही रहना चाहिए, इसका सवाब भी है और इससे हम पाक साफ और बीमारियों से महफ़ूज़ रहते हैं।

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आज कल जैसे कोरोना इतना फैला हुआ है, तो लोग हिदायत देते हैं, कि हमेशा हाथ मुँह धोते रहो। लेकिन हमारे नबी ए करीम सल्लल्लाहो अलैही व आलीही वसल्लम ने चौदह सौ साल पहले ही बयान कर दिया। अल्लाहु अकबर।

अब नियत करने के बाद आप बिस्मिल्लाह पढ़ें (बिस्मिल्लाह हिररहमानार्रहीम) बिस्मिल्लाह पढ़ने के बाद आप कम अस कम तीन मर्तबा मीसवाक करें यानी कि दातुन करें।

ध्यान रहे मीसवाक दातों के ऊपर नीचे करें न कि लंबाई में जैसे ब्रश कर लेते हैं। सबसे पहले दाहिनी तरफ से दांतों को साफ करें फिर बाएं तरफ के दांत माँजे।

2. हाथ धोना – मीसवाक करने के बाद अपने हाथों को गट्टों समेत (कलाई तक) मलें और अपनी उंगलियों का खिलाल करें।

अब अपने दाहिने हाथ पर पानी डालें, पानी ऐसे डालें कि आप पहले अपने उंगलियों के तरफ से शुरू करें और अपने कलाइयों तक ले जाएं।

ठीक इसी तरह अब आप अपने बाएं हाथ पर पानी डालें, ऐसा तीन मर्तबा करें।

3. कुल्ली करना – हाथों को अच्छे से तीन बार धोने के बाद आपको कुल्ली करना है, कुल्ली आपको इस तरह करनी है, कि मुँह और दाँतों के तमाम हिस्से धूल जाए और पानी हर हिस्से तक पहुंचे।

अगर आप रोजेदार हैं तो सिर्फ कुल्ली करें और अगर नहीं हैं तो आप गरारे के साथ कुल्ली करें।

4. नाक साफ करना – नाक में आप पानी डालकर अपनी बाएं हाथ की छोटी उंगली या हमारी अल्फाज़ में कानी उंगली को नाक में डाल कर अच्छे से साफ करें और साँसों की मदद से तीन मर्तबा दाहिने हाथों से नाक के नरम हिस्से तक पानी चढ़ाएं।

5. चेहरा धोना – अब तीन मर्तबा चेहरे पर अच्छी तरह पानी डाले और चेहरा धोएं, चेहरा पानी से तीन बार ऐसे धोएं की पानी एक कान की लौ से दूसरे कान की लौ तक और पेशानी के ऊपर जहां से हमारे बाल शुरू होते हैं, वहाँ से लेकर नीचे ठुड्डी तक पानी अच्छे से बह जाए और अपनी दाढ़ी को भी अच्छे से धोएं।

अगर आपके दाढ़ी के बाल चेहरे से नीचे तक आते हैं तो आप उनका खिलाल जरूर करें; खिलाल कुछ इस तरह करें कि आप अपने उंगलियों को दाढ़ी के अंदर अच्छे से डाल कर धोएं; ध्यान रहे पानी हर हिस्से पर बहे।

6. हाथों को धोना कुहनियों तक – चेहरा और दाढ़ी धोने के बाद आप अपने हाथों को कुहनियों तक धोएं, धोने के बाद दाहिने हाथ में पानी लेकर तीन मर्तबा कुहनियों ऊपर तक पानी चढ़ाएं या बहाएं।

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7. सिर का मसह करना – यहां बहुत लोग गलती करते हैं, वो गलती हम आपको बताते हैं।

गलती ये कि वो क्या करते हैं, कि अपने हाथों में पानी ले लेते हैं और सर पर फ़ेर लेते हैं, जो कि गलत wazu banane ka tarika है।

Wazu banane ka sahi tarika हम आपको बता रहे हैं। तो हम बात कर रहे थे सिर का मसह कैसे करें।

सिर का मसह इस तरह करें कि दोनों हाथों के अंगूठे और शहादत की उंगली छोड़ कर बाकी के तीन उंगलियों के सिरों को मिलाकर बाल उगने की जगह पर रखें और वही से सिर के ऊपरी हिस्से पर गुट्टों तक उंगलियों के पेट से मसह करते हुए ले जाएं फिर वहाँ से हथेलियों से सिर के दोनों करवटों का मसह करते हुए पेशानी तक वापस लाएं।

इसके बाद शहादत की उँगलियाँ से कान की अंदर के जगह का मसह करें और अंगूठे से कान के बाहरी हिस्से का मसह करें और इसके बाद हाथों की हथेलियों से गर्दन का मसह करें।

8. पैरों को धोना – आप अपने पैरों पर पानी के साथ मलें और सबसे पहले दाहिनी पैर पर पानी डालकर कम से कम 3 बार धोएं टखनों तक अच्छे से।

अब बाएं पैर को ठीक दाहिनी पैर की तरह धोएं 3 बार टखनों तक अच्छे से।

Wazu karne ka sahi tarika ये है, आप वज़ु इसी तरह करें ये wazu karne ka asan tarika है, कोई ज्यादा वक्त नहीं लगता वज़ु करने में तो आप कोशिश किया करें कि हर वक्त जितना हो सके वज़ु से रहें, हम आपको आगे wazu ki fazilat भी बतायेंगे।

Wazu ki dua in hindi

Wazu karne ki dua आपको आनी चाहिए यूँ तो wazu karne ki dua बहुत सी हैं जैसे की कुल्ली करते वक़्त की दुआ, नाक में पानी डालते वक़्त की दुआ और बहुत सी लेकिन हम आपको खाली wazu karne ki dua और wazu ke baad ki dua बताएँगे।

अगर आपको वज़ू के दौरान की सारी दुआ जाननी है तो आप हमें subscribe/bookmark कर लें इससे जब हम wazu ki dua in hindi लाएंगे तो आपको सबसे पहले मिलेगी।

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Wazu ki dua in hindi – wazu ke pahle ki dua

Wazu ke pahle ki dua ये है की आप सबसे पहले बिस्मिल्लाह करें और फिर नियत करें नियत की मैंने वज़ू की अल्लाह के वास्ते और पहला कलमा पढ़ें फिर wazu ke pahle ki dua पढ़ें।

Wazu se pahle ki dua in hindi

नवैयतु अन अ त वद्दा-अ लिल्लाहि त’आला

Wazu se pahle ki dua in english

Nawaytu An Atawadda-a Lillahi Ta’ala

Wazu ki dua in hindi – wazu ke baad ki dua

Wazu ke pahle ki dua पढ़ने के बाद आप वज़ू करें और दिर जब आप वज़ू करके फारिग हो जाएँ तो आप wazu ke baad ki dua पढ़ें।

Wazu ke baad ki dua in hindi

अल्लाहुम्मज अलनी मिनत तव्वाबीन वज अलनी मीनल मुततातह्हिरिन

Wazu ke baad ki dua in english

Allahummaj ‘alni minat-tawwabina waj’alni minal-mutatahhirin.

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Wazu ka tarika – कुछ जरूरी बातेँ।

1. वज़ु के दरमियान जिन जगहों पर यानी जिन हिस्सों पर पानी डाला जाता है, उन हिस्सों पर कम से कम 2 बूंद पानी का बहना जरूरी है।

2. ऐेसे भी लोग हैं जो जल्दी बाजी में वज़ु करते हैं, जहां न wazu karne ka tarika मालूम होता है और न ही फिक्र, वह बस तीन बार पानी से हाथ धो, कुल्ली करो नाक में पानी डालो पैर धो और नमाज़ पढ़ लो जो कि सरासर गलत है।

3. वज़ु के बचे हुए पानी को फेंकना सख्त मना है और ये नाजायज़ है, उसे न फेंके ब्लकि उसे पेड़ पौधों में डाल दें। ये अच्छा रहेगा।

4. बहुत लोगों को ये गलत फहमी रहती है कि जनाजे की नमाज़ के लिए बनाया गया वज़ु से वो कोई और नमाज़ नहीं पढ़ सकते तो बता दें कि ये सब गलत बात है, ऐसा कुछ नहीं है।

Wazu ki sunnatein/Wazu ki sunnat

Wazu ki sunnat का जानना आपका बेहद जरूरी है, क्यूंकि वज़ु एक इबादत है और इबादत करने का सही तरीका मालूम होना चाहिए, wazu ki sunnat से आपको wazu ka model पता चल जाएगा और आप गलती नहीं करेंगे।

1. Wazu ki niyat karna पहला वज़ु की नीयत करना आप अपने मन में वज़ु की नियत करें।

2. Bismillah padhna – किसी भी काम को करने से पहले अल्लाह का नाम लेने से उस काम में बरकत होती है इसलिए बिस्मिल्लाह करेंबिस्मिल्लाह हिररहमानार्रहीम

3. दोनों हाथों को तीन मर्तबा धोना – अपने हाथों को तीन मर्तबा अच्छे से उंगलियों के खिलाल करें।

4. Miswak karna (मिसवाक करना) – मिसवाक करना इससे मुह की बदबू दूर होती है, और ताजा सांसे आती है, और Miswak ki fazilat भी बहुत है, आइए कुछ Miswak ki fazilat aur fayde के बारे में जानते हैं।

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Miswak ki fazilat aur fayde

1. ये हमारे नबी की सुन्नत है।

2. इससे दांत मजबूत होते हैं।

3. एक हदीस शरीफ में आया है, कि Miswak ki fazilat ये हर बीमारी का इलाज है सिवाय मौत के।

तो ये थी कुछ Miswak ke fayde हमने चंद ही फायदे देखे हैं, लेकिन इसके फायदे बहुत हैं, जिसे हम आने वाली posts में बतायेंगे।

4. कुल्ली करना – दाहिने हाथ से तीन मर्तबा कुल्ली करना, कुल्ली ऐसे करें कि पूरे मुँह में पानी अच्छे से जाए और हिस्से को गिला करे।

5. नाक में पानी डालना – अब तीन मर्तबा नाक में पानी डालकर नाक साफ करें और पानी को नाक में धीरे – धीरे चढ़ाएं।

6. नाक साफ करना बाएं हाथ से।

7. दाढ़ी का अपने उंगलियों से खिलाल करना।

8. हाथ और पैर दोनों की उंगलियों का खिलाल करना।

9. हर हिस्से को तीन मर्तबा धोना।

10. पूरे सर का एक बार मसह करना।

11. तरतीब से वज़ु करना।

12. दाढ़ी के वो बाल जो मुह के दायरे के नीचे हैं उनपर गिला हाथ फिरा लेना।

13. अज़ा को लगातर धोना की एक अज़्व के सूखने से पहले ही दूसरे अज़्व को धो लें।

14. कानों का मसह करना।

15. हर मकरूह बात से बचना।

यहां आपका ये बात जानना बेहद जरूरी है, जो कि है wazu ke makroohat यानी wazu mein kya mana hai

तो चलिए जानते हैं wazu ke makroohat.

Wazu ke makroohat

Wazu ki makroohat का मतलब ये है, कि कुछ चीज़ें जो वज़ू के वक़्त नहीं चाहिए, इसका मतलब हराम से नहीं है मकरूह चीज़ों का मतलब अगर आप इन चीज़ों को करते हैं तो इससे आपको गुनाह नहीं मिलेगा लेकिन ये मना है।

आइये अब हम जानते हैं, कि wazu mein kya mana hai. इसका मतलब है वज़ू की मकरूहातें।

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Wazu mein kya mana hai

वज़ू में 21 चीज़ें या बातें मकरूह है या मना है, यह चीज़ें वज़ू में नहीं होनी चाहिए। हाँ ! लेकिन इससे आपको गुनाह नहीं मिलेगा लेकिन ये गलत है, जिसके वजह से आपको वज़ू का सवाब हासिल नहीं होगा।

तो हमें चाहिए की हम इन चीज़ों का न करें।

  1. औरत के वुज़ू या ग़ुस्ल के बचे हुए पानी से वुज़ू करना।
  2. वुज़ू के लिए नजस (गन्दे) जगह पर बैठना।
  3. नजस जगह वुज़ू का पानी गिराना।
  4. मस्जिद के अन्दर वुज़ू करना।
  5. वुज़ू के अजा से वुज़ू के बरतन में कतरे टपकाना।
  6. पानी में खखार या थूक डालना।
  7. क़िबला की तरफ थूकना या खखार डालना।
  8. बिना जरुरत दुनिया की बात करना।
  9. जरुरत से ज्यादा पानी खर्च करना।
  10. इस कदर पानी खर्च करना की सुन्नत अदा न हो।

Note – यहाँ हमने कुछ ही wazu ki makroohat बताएं हैं, अगर आपको wazu mein kya mana hai के बारे में जानना चाहते हैं तो क्लिक कीजिये read more.

Wazu ke mustahab

देखिये दोस्तों wazu ke mustahab की बहुत सी चीज़ें जिनका तो ज्यादातर जिक्र wazu ka tarika में हो चूका है, जैसे की हाथ धोना, नाक में पानी डालना, मुँह धोना, मसह करना और भी बहुत चीज़ें बताई गयी हैं, और जो बची हुई हैं उन्हें हम बता देते हैं।

  • उँगलियों के पीठ से गर्दन का मसह करना।
  • ऊँची जगह बैठ कर वज़ू करना।
  • वज़ू का पानी पाक जगह गिराना।
  • अपने हाथ से वज़ू के लिए वज़ू का पानी भरना।
  • दूसरे नमाज़ के लिए वज़ू का पानी पहले से भर कर रख देना।
  • ढीली अंगूठी को भी फिरा लेना।
  • कपड़ों को टपकते हुए कतरों से बचाना।
  • हर अज़्व को धोकर उस पर हाथ फेर देना ताकि कतरे बदन या कपड़ों पर न टपके।
  • हर अज़्व को धोते वक़्त दिल में wazu karne ki niyat को हाज़िर रखना।

तो चलिए अब हम wazu ki fazilat (Wazu ke fayde) जान लेते हैं, क्यूंकि ये एक इंसानी फितरत है कि जब हमें किसी चीज के फायदे (Wazu ke fayde) के बारे में पता होता है तो हम उसे पूरे दिल से करते हैं।

Wazu ki fazilat – wazu ke fayde

Wazu ke fayde (fazilat) बहुत है, जिसे हम पूरा बयान नहीं कर सकते, हाँ लेकिन हमने कुछ मोटी – मोटी फज़ीलतें बता दी हैं जिसे आप पढ़ें और इस पर अमल करें। तो हम आपको अब कुछ फायदें बताने जा रहे हैं। हमें उम्मीद है की आप इन फायदों को अच्छे से समझेंगे।

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दोस्तों तो हम शुरू करते हैं फ़ज़ीलत से।

Wazu ki fazilat

“वज़ू वो जरिया है जिससे एक सच्चे मुस्लमान की पहचान होती है। वज़ू वो जरिया भी बन सकता है जिससे मोमीन की गुनाहों की बक्शीश होगी।”

दोस्तों आपको ज्यादा न घुमाते हुए सीधे-सीधे कुछ फ़ज़ीलतों से रूबरू करवाते हैं।

  • वज़ू से गुनाहों की बक्शीश होगी :- जी हाँ दोस्तों, वज़ू से गुनाहों की बक्शीश होती है। नबी-इ-करीम (ﷺ) ने फ़रमाया की; जब उनकी उम्मत वज़ू करती है तब उस बन्दे के शरीर के हर हिस्से से गुनाहों रिहाई होती हैबोलो “अल्लाह-हु-अकबर”
  • नबी-इ-करीम (ﷺ) आपको मैदान-इ-हशर मैं पहचानेंगे :- जी हाँ, नबी-इ-करीम (ﷺ) मैदान-इ-हशर मैं वज़ू बनाने वाले को पहचानेंगे। हमारे नबी (ﷺ) ने फ़रमाया की; वज़ू बनाकर नमाज़ पढ़ने वाले शख्श को वो हशर के दिन उनको इस तरह पहचानेंगे जब उनके हाथ, पैर, चेहरे चमकेंगे, तब वो नमाज़ पढ़ने वालों को पहचान लेंगे।
  • नबी-इ-करीम (ﷺ) ने ये भी फ़रमाया की जो सख्श वज़ू करके नमाज़ पढता है उसका दर्ज़ा अल्लाह-त-आला बुलंद फरमाता है।और साथ ही साथ तमाम बिमारियों से निजाद फरमाता है। और अल्लाह उस बन्दे पर ज़्यादा मेहरबान और उससे खुश रहता है।

तो दोस्तों वज़ू की ये सब फ़ज़िलतें हैं, और भी कई सारी हैं। पर आपके लिए इतना जानना काफी है नमाज़ को बरक़रार रख कर पढ़ने के लिए। तो चलिए अब हम जान लेते हैं

Wazu karne ke fayde

वज़ू बनाने के फायदें। वैसे तो वज़ू बनाने के अनगिनत फायदें हैं। पर मैं आपको कुछ ज़रूरी फायदें बताऊंगा; ज़रूरी से मेरा मतलब आम फायदें जो हम खुद महसूस कर सकते हैं। तो चलिए शुरुर करते हैं।

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  • चेहरा और शरीर नूरानी और रूहानी बनता है। खूबसूरत भी।
  • बदन में ताकत महसूस होती है।
  • इमां मजबूत होता है।
  • नमाज़ पढ़ने में अच्छा महसूस होता है और नमाज़ में ध्यान इधर-उधर नहीं जाता है।
  • नबी-इ-करीम (ﷺ) हमें हशर के दिन पहचानेंगे।
  • फ़ज़ीलत में जो भी लिखा है वो सब।
  • शरीर मजबूत और तंदरुस्त होता है।
  • अल्लाह हिफाज़त करता है।
  • और भी अनगिनत फायदें हैं।

तो दोस्तों ये सभी वज़ू बनाए के फायदें हैं। इसमें बेशक सभी फायदें नहीं लिखे जा सकते क्यूंकि wazu karne ke fayde अनगिनत हैं। पर हाँ दोस्तों ये बात हमेशा याद रखना की wazu banane ka sahi tarika जानना भी बहुत ज़रूरी है इसले सवाब हासिल करने के लिए जो की हम आपको ऊपर बता चुके हैं।

तो हम यहाँ पर अपना ये पोस्ट मुकम्मल करते हैं और आपसे इजाज़त मांगते हैं। और ये दरख्वास्त करते हैं की अगर आपको हमारी ये पोस्ट अच्छी लगी तो अपने दोस्तों, परिवार में इसे Share करें ताकि वे भी wazu banane ka sahi tarika जान पाएं।

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अल्लाह हाफिज !!!!

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