Surah Yaseen Me Kitne Mubeen Hai? सुरह यासीन में कितने मुबीन हैं?

Surah yaseen me kitne mubeen hai? इस बात की मालूमात हर मुस्लमान को होनी ही चाहिए क्यूंकि सुरह यासीन कुरान मजीद का दिल है और इसकी हर एक आयत और मुबीन में अल्लाह का खास पैगाम है.

आप लोग जब सुरह यासीन की तिलावत करते होंगे तो आपको की मर्तबा मुबीन शब्द दिखाई देता होगा लेकिन काफी कम लोगों को ही सुरह यासीन में इन मुबीनों का क्या मतलब है पता होगा.

बता दें सुरह यासीन की मुबीनों की तिलावत करने से कई फजीलतें हासील होती हैं, जिनकी मालूमात होना आपको होनी चाहिए.

आज हम आपको surah yaseen me kitne mubeen hai? और इससे जुडी कई अहम जानकारी देंगे इसलिए आप इस पोस्ट को अखिर तक जरूर पढ़ें.

Surah yaseen mubeen meaning in hindi

सुरह यासीन में कई बार मुबीन लफ्ज़ का जिक्र हुआ है, जिसका मतलब खुला हुआ होता है. यानी सुरह यासीन में अल्लाह के खास पैगामों को साफ-साफ खुल्लम-खुल्ला बयान कर दिया गया है.

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Surah yaseen me kitne mubeen hai?

सुरह यासीन में कुल 7 बार मुबीन शब्द आया है जिसका मतलब सुरह यासीन में कुल 7 मुबीन हैं, और हर मुबीन का अपना अलत मतलब और मरतबा है.

आप यह समझ सकते हैं की सुरह यासीन सात मुबीनों में बंटा हुआ है, यानी सुरह यासीन सात भागों (parts) में बंटा हुआ है.

7 mubeen in surah yaseen shareef

सुरह यासीन शरीफ में कुल 7 मुबीन हैं जो इस प्रकार हैं –

  • इमामिम मुबीन।
  • बलागुल मुबीन।
  • दलालिम मुबीन।
  • दलालिम मुबीन।
  • अदुव्वुम मुबीन।
  • कुरआ’नुम मुबीन।
  • खसीमुम मुबीन।

आइए अब हम इन सातों मुबीनों के माने और उसमें क्या पैगाम हैं जान लेते हैं, फिर surah yaseen 7 mubeen benefits जानेंगे.

#1 – इमामिम मुबीन

इमामिम मुबीन यह सुरह यासीन का पहला मुबीन है, इमामिम मुबीन में लौहे महफूज़ की बात आई है, जिसमें अल्लाह तआ’ला ने साफ फर्मा दिया है कि –

जो कुछ भी तुम जिन्दगी में कर रहे हो या आगे करोगे वह सब लौहे महफूज़ में लिखा हुआ है और जब तुम कल अल्लाह की बारगाह में पहुंचोगेतो तुमसे तुम्हरे किए गए आमाल के बारे में सवाल जवाब होंगे.

#2 – बलागुल मुबीन

बलागुल मुबीन सुरह यासीन की दुसरी मुबीन है जिसका नाम काफी लोग पहले से जानते होंगे, बलागुल मुबीन का मतलब खुल्लम-खुल्ला पैगाम होता है.

खुल्लम-खुल्ला पैगाम रिसालत, तौहीद और आखिरत का है, जिसे अल्लाह के पैगम्बरों (नबीयों) ने तुम तक पहुंचाया है, इसलिए तुम उनका कहा मान लो क्योंकि वह अल्लाह की जानीब से खुला हुआ पैगाम सुना रहे हैं.

और अगर फिर भी तुम नहीं मानते हो तो इसके होने वाले अंजाम के जिम्मेदार तुम खुद होगे.

# 3 – दलालिम मुबीन

दलालिम मुबीन तीसरा मुबीन है जिसका माना खुली हुई गुमराही होता है, सुरह यासीन में दलालिम मुबीन का दो बार जिक्र हुआ है.

पहले दलालिम मुबीन में यह पैगाम है –

जब खुले और सीधे रास्ते की हिदायत पहुंच गई और अल्लाह के रसूलों ने तुम तक अल्लाह का हक पैगाम पहुंचा दिया लेकिन फिर भी तुम खुली हुई गुमराही में फंसे हुए हो.

और अल्लाह को छोड़ कर गैरों के सामने झुकते हो, बुतों को इबादत का हकदार समझते हो, और जिंदगी – मौत गैरों के हाथों में है समझते हो.

जबकी कायनात की हर एक चीज़ अल्लाह ही के हुकुम से हरकत करती है.

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#4 – दलालिम मुबीन

दूसरे दलालिम मुबीन में भी खुल्लम-खुल्ला गुमराही का जिक्र आया है जिसमें यह पैगाम है कि –

नेकी करने से तुम कतराते हो और जब भी कोई नेक काम या आमाल करने का तुम्ह मौका मिले तो तुम्हारा नफ्स तुमपर गालिब आ जाता है.

जिससे तुम उस नेक काम को करना छोड देते हो जिससे अल्लाह के यहां तुम्हारा ही दर्जा बढता तो यह भी खुल्लम-खुल्ला गुमराही है.

#5 – अदुव्वुम मुबीन

अदुव्वुम मुबीन यासीन शरीफ की पांचवीं मुबीन है, जिसमें एक बडा पैगाम है जिसमें बलागुल मुबीन का भी जिक्र है, और अदुव्वुम मुबीन का माना खुला हुआ दुश्मन है.

अदुव्वुम मुबीन में यह पैगाम आया है कि शैतान जो तुम्हारा खुला हुआ दुश्मन है, वही है वो (शैतान) जो तुमसे गुमराही भरे कामों को करवाता है.

जिसकी वज़ह से तुम बलागुल मुबीन (खुल्लम-खुल्ला पैगाम) नहीं समझ रहे हो और अदुव्वुम मुबीन (खुले हुए दुश्मन) के चंगुल यह हाथों में पड गए हो.

#6 – कुरआ’नुम मुबीन

कुरआ’नुम मुबीन में कुरान की शान और मरतबे का जिक्र किया गया है, जिसमें यह पैगाम दिया गया है –

कुरान एक ऐसी किताब है जिसको अगर तुम अपना रहबर और अमीर मान लोगे तो हिदायत पा जाओगे, तुम पर शैतान कभी हावी नहीं हो पाएगा, अल्लाह की रिज़ा हासील होगी और आखिरत में जन्नत तुम्हारा घर होगा.

लेकिन क्यूंकि तुमने कुरान को अपने सीने से नहीं लगाया है तो इसलिए शैतान तुमपर हावी हो जाता है और तुम बुराईय में पड जाते हो.

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#7 – खसीमुम मुबीन

खसीमुम मुबीन जो की सुरह यासीन की सातवीं और आखरी मुबीन है, जिसका मतलब खुल्लम-खुल्ला झगडा करने वाला है.

खसीमुम मुबीन में यह पैगाम है कि इंसान एक खसीमुम मुबीन है यानी झगडा करने वाला है, जो नबियों से झगडे करता है, ईमान की बात पर बहस करता है.

जबकी इंसान एक नापाक नुत्फे से बना हुआ है और अल्लाह के बारे में झगडने लगता है.

Surah yaseen 7 mubeen benefits

सुरह यासीन में सात मुबीन हैं और इन्हें पढने से सुरह यासीन पढने की फजीलत हासील होती है, यहां हमने चंद Surah yaseen 7 mubeen benefits बताये हैं –

  • बडी-बडी बिमारियों से शिफा मिलती है।
  • दिल साफ होता है।
  • गुनाहें माफ होती हैं।
  • दुआएँ कबूल होती हैं।
  • कारोबार में तरक्की मिलती है।
  • और घर में बरकत होती है।

तो यह थी 7 mubeen in surah yaseen shareef, आप सुरह यासीन की तिलावत खूब करें और इससे मिलने होने वाली फज़ीलतों को हासील करें.

उम्मीद है ! कि आपको यह पोस्ट अच्छी लगी होगी, आपसे गुज़ारिश है कि आप इस पोस्ट को अपने वाट्सअप, फेसबुक पर शेयर जरूर करें.

अल्लाह हाफिज !!!

Quransays.in

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