SURAH YASEEN KI FAZILAT

Must read

Surah yaseen ki fazilat in hindi में हम आपको बताएंगे; ताकि आप इस बा बरकत सूरह को पढकर कइ सारे फायदे हासिल कर सकें.

सुरह यासीन कुरान मजीद की एक ऐसी सुरह है, जिसकी फज़ीलतों के बारे में बहुत सी हदीसें मौजूद हैं; और उलमा ए कराम इस सुरह को पढ़ने को कहते हैं.

आपको बता दें हमारे नबी सल्लल्लाहो अलेही वसल्लम ने सुरह यासीन को कुरान मजीद का दिल कहा है; और surah yaseen padhne ke fayde भी बयान किए हैं.

आज हम आपको हमारे हुजूर की बताई हुई तमाम surah yaseen ke fayde बताएंगे; जिसे जानकर आप हैरान हो जाएंगे – तो चलिए शुरू करते हैं.

ये आयत कुरान मजीद की सबसे ताकतवर आयत हैं.

Surah yaseen ki fazilat in hindi

Surah yaseen ki fazilat in hindi काफी ज्यादा है, क्योंकि सूरह यासीन कुरान मजीद की सबसे बड़ी सुरतों में आती है; और इस सुरह में अल्लाह के पैगामों का जिक्र है, और हमारे नबी की शान बयान की गई है.

दोस्तों यूं तो सूरह यासीन की फजीलत अनगिनत है, जिसे हम बयान नहीं कर सकते; हां लेकिन बहुत सी हदीसों से कुछ फायदे हमें जानने को मिले हैं, जो हम आपको बता रहे हैं.

आज की इस पोस्ट में हम आपको surah yaseen ki fazilat ki hadees भी बताएंगे; जिससे आप इस सुरह के तालुक से इसकी फजीलतों को समझ सकेंगे.

Surah yaseen ki fazilat ki hadees

#1 – पहली बारिश यह है; कि हमारे हुजूर सल्ला वाले वसल्लम ने इरशाद फरमाया की सूरह यासीन को कल्ब ए कुरान कहा जाता है; इसलिए इसकी तिलावत मरने वाले के पास किया करो.

#2 – हज़रत मुअक्क़ील बिन प्यार से रिवायत है; कि जो कोई भी अल्लाह और आख़िरत के लिए इस सूरह की तिलावत करेगा, तो उसके तमाम गुनाह माफ हो जाएंगे.

#3 – हदीस में आया है, हमारे नबी सल्लल्लाहू अलेही वसल्लम इरशाद फरमाते हैं; कि अगर कोई शख्स दिन के शुरुआत में सूरह यासीन की तिलावत कर ले, तो उसके दिन भर के तमाम हाजतें पूरी होंगी.

#4 – हजरत अनस बिन मलिक रज़ी अल्लाहु अन्हा से रिवायत है; कि हमारे नबी ने इरशाद फरमाया कि हर चीज का दिल होता है, इसी तरह सुरह यासीन कुरान मजीद का दिल है.

जिसका दिल ना काम करें तो उसकी जिंदगी खत्म हो जाती है; ठीक उसी तरह जो सुरह यासीन की तिलावत ना करें उसका ईमान मुर्दा हो जाता है.

दोस्तों उम्मीद है ! की आपको सुरह यासीन और उसकी अहमियत का पता चल गया होगा; आइए अब हम Surah yaseen padhne ke fayde जान लें.

Surah yaseen padhne ke fayde

Surah yaseen padhne ke fayde हमारे नबी ने बहुत से बयान किए और भी कई हदीसे में Surah yaseen ke fayde (फायदों) का जिक्र आया है.

जिसमें सबसे बड़ा जिक्र और फायदा यह है, कि इसे पढ़ने से आप के तमाम गुनाह माफ हो जाते हैं; आपकी दुआएं कबूल होती हैं, आप बुराइयों से और शैतान के बहकावे से बचते हैं.

NAMAZ PADHNE KA SAHI TARIKA IN HINDI
(1) – फज्र की नमाज़ का तरीका।
(2) – जोहर की नमाज का तरीका।
(3) – असर की नमाज़ का तरीका।
(4) – मगरिब की नमाज का तरीका।
(5) – ईशा की नमाज का तरीका।

Surah yaseen ki fazilat in hindi

  • 10 कुरान पढ़ने का सवाब मिलता है.
  • 20 हज करने का सवाब.
  • दोनों जहां की भलाई होगी.
  • तमाम दुख दूर हो जाते हैं.
  • बुराई से हिफाजत होगी.
  • तमाम हाजतें और दुआएं कबूल होंगी.
  • गुनाह माफ़ हो जाएंगे.
  • मां बाप के गुनाह माफ़ हो जाएंगे.
  • बखशीश होगी.
  • नेक मकसद में कामयाबी हासिल होगी.

10 कुरान पढ़ने का सवाब मिलता है

दोस्तों हम सब जानते हैं, कि कुरान एक ऐसी बा-बरकत किताब है; जिसे पढ़ने का हुक्म हमें हमारे अल्लाह और नबी ने दिया लेकिन अफसोस हम कुरान मजीद पढ़ने के पाबंद नहीं हैं.

हम साल में एक कुरान पढ़ ले तो बहुत बड़ी बात है; लेकिन कुरान मजीद का दिल कहे जाने वाली सुरह यासीन को अगर आप एक मर्तबा पढ़ लेतेे हैं, तो उसका सवाब 10 कुरान पढ़ने के बराबर का मिलेगा.

MUST READ
(1) – जुम्मे की नमाज का तरीका।
(2) – जुम्मे के दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं?
(3) – जुम्मे के दिन सुरह कहफ पढ़ने के फायदे।

20 हज करने का सवाब मिलेगा

आप तमाम लोग हज करने के सवाब से तो वाकीफ होंगे और हज करना फर्ज इबादत है; अगर अल्लाह ने आपको उसके काबील बनाया है.

लेकिन हर कोई हज करना चाहता है, और अपने रब से दुआ मांगता है; कि या अल्लाह हमें भी मदीना बुला लेकिन हर किसी के नसीब में वहां जाना नहीं होता.

ऐसे में एक हदीस है, जिसके रावी अबू बकर सिद्दीक हैं, उन्होंने बताया हमारे नबी सल्लल्लाहू अलेही वसल्लम का इरशाद है; कि अगर कोई शख्स सुरह यासीन का पाबंद हो जाए और उसकी तिलावत करे, तो उसे 20 हज का सवाब मिलेगा.

दोनों जहां की भलाई होगी

हमारे नबी ने ही साथ फरमाया है, कि तौरात में सूरह यासीन को मोअम्मा कहा गया है; जो अपने पढ़ने वाले को दोनों जहां की भलाईयां अता करती है.

तमाम दुख दूर हो जाते हैं

आज हर इंसान किसी ना किसी वजह से दुख में जी रहा है, कोई अपने कारोबार में तरकी ना होने की वजह से दुख में है; तो कोई अपनी परेशानियों की वजह से.

ऐसे में हदीसों में आता है, कि सूरह यासीन एक ऐसी अज़ीम ओ शान सुरह है; जिसको पढ़ने से तमाम दुनियावी और आखिरत के दुख खत्म हो जाते हैं.

बुराई से हिफाजत होगी

दोस्तों आज के वक्त में सवाब हासिल कर लेना तो दूर की बात है, उल्टा हम अपनी जिंदगी में ऐसे काम कर देते हैं; जो गुनाह है, जिसका हमें खामियाजा आखरत में भुगतना पड़ेगा.

आपको बता दें शैतान हमें हर वक्त बहकाता है, और हमसे रोज हजारों की तादाद में गुनाह करवाता है; और वह खुश होता है, ऐसा करके.

यह तो हमारी जिम्मेदारी बनती है; कि हम हमारे नबी के बताए हुए रास्ते पर चलते रहें और गुनाहों से बचें.

ऐसे में हदीसों में आया है, की जो शख्स सूरह यासीन की तिलावत करता है; तो सूरह यासीन तमाम बुरी चीजों से उसकी हिफाजत करती है, और वह गुनाहों से बचा रहता है.

तमाम हाजतें और दुआएं कबूल होंगी

दोस्तों हर इंसान की कुछ ना कुछ हाजतें होती हैं, जो वह अपने दुआओं के जरिए अल्लाह से हासिल करना चाहता है.

ऐसे में हदीस शरीफ आया है, कि अगर कोई शख्स सूरह यासीन को अपनी जरूरतों, हाजतों और दुआओं के कबूलियत के लिए इस की तिलावत करें; तो अल्लाह सुबहान वतआला सुरह यासीन की बरकत से उसके दुआओं को कबूल कर लेता है.

गुनाह माफ़ हो जाएंगे

हम आए दिन जाने अनजाने में हजारों की तादाद में गुनाह कर बैठते हैं, और करते रहते हैं; जिसका हमें अंदाजा भी नहीं होता लेकिन उसका हमें गुनाह बहुत मिलता है.

और आपको बता दें जिसके जिम्मे गुनाह ज्यादा होते हैं, उसके दुआ नहीं कबूल किए जाते; और अल्लाह उससे अपनी रहमत और बरकत छीन लेता है

इसलिए हमें सुरह यासीन की तिलावत रोजाना करनी चाहिए जिससे हमारे तमाम गुनाह माफ हो जाए; और अल्लाह हमसे राजी हो.

मां बाप के गुनाह माफ़ हो जाएंगे

हजरत अबू बकर सिद्दीक रज़ी अल्लाहु ताआला अन्हा से रिवायत है; कि हुजूरे पाक सल्लल्लाहु अलेही वसल्लम ने इरशाद फरमाया कि जो शख्स जुम्मे के दिन अपने मां-बाप के कब्र पर जाकर सूरह यासीन की तिलावत करेगा.

तो सूरह यासीन में जितने हर्फ हैं, उतने तादाद में उनके गुनाह माफ कर दिए जाएंगे.

बखशीश होगी

कई हदीसों से साबित है; कि रात को सोने से पहले सूरह यासीन की तिलावत करने से सूरह यासीन की प्रकृति उसे पढ़ने वाले को बख्श दिया जाता है.

नेक मकसद में कामयाबी हासिल होगी

सुरह यासीन की सबसे बड़ी फर्जी लोगों में से एक फजीलत यह भी है, कि अगर किसी नेक इरादे या मकसद में कामयाबी हासिल करने के लिए पढ़ा जाए.

और उसके बाद अल्लाह की बारगाह में हाथ उठा कर दुआ की जाए तो उस नेक मकसद में कामयाबी हासिल होती है.

आज आपने क्या जाना।

दोस्तों आज हमने आपको surah yaseen ki fazilat in hindi में बताई जिससे आप इस अजीम ओ शान सूरत की बरकत और रहमत से रूबरू हो जाएं और इसको पढ़ने के बाद बंद हो जाएं.

उम्मीद है ! आपको यह पोस्ट अच्छी लगी होगी और आप अब सूरह यासीन पढ़ने के पाबंद हो जाएंगे.

आज के लिए बस इतना ही मिलते हैं, अगली पोस्ट में तब तक के लिए अल्लाह हाफिज !!!

Quransays.in

पिछला लेख15 SHORT SURAH IN HINDI
अगला लेखSHAB E MERAJ KE ROZE KI FAZILAT
- Advertisement -spot_img

More articles

Leave A Reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article