SURAH YASEEN IN HINDI

Surah yaseen in hindi या yaseen sharif in hindi में काफी लोग जानना चाहते थे; क्यूंकि इसकी बहुत बड़ी वज़ह है, सुरह यासीन कुरान मजीद की सबसे बड़ी सुरतों में से एक है.

इन चीजों को करने से वज़ु टूट जाता है, अगर आप इन चीजों को वज़ु के बाद कर रहें हैं तो हो जाएं सावधान…

Surah yaseen सिर्फ कुरान मजीद की सबसे बड़ी सुरतों में से एक ही नहीं; ब्लकि सबसे अज़मत, बरकत, रहमत और फजीलत वाली सुरह है.

Surah yasin को कुरान मजीद का दिल भी कहा जाता है, बता दें सुरह यासीन पढने के फायदे बहुत हैं;जिससे हम मुसलमान सुरह यासीन पढकर अपनी दुआओं को अल्लाह से मनवाते और अपनी बिगड़ी बात बनवा लेते हैं.

आपको यह पता चल गया होगा कि surah yaseen sharif कितनी अजमत वाली सुरह है; इसलिए हम सभी को जितना हो सके उतनी सुरह यासीन की तिलावत करनी चाहिए.

Soorah yaseen in hindisurah yaseen in hindi (सुरह यासीन हिन्दी में)

Soorah yaseen in hindi mein हम आपको इसलिए बता रहे हैं ताकि वो लोग जिन्हें अरबी पढ़ना नहीं आता वो भी सुरह यासीन को पढ सकेे और सुरह यासीन की फजीलत हासिल कर सकें…

Note – दोस्तों कुरान मजीद की कोई भी सुरह, आयत हमेशा अरबी अल्फाज़ में ही पढ़ना चाहिए और यह सब सुरतें अरबी अल्फाज़ में ही नाजिल हुई.

ऐेसे में कुरान मजीद की तमाम सुरतों को अरबी में पढने से इसका सवाब भी काफी ज्यादा मिलता है.

तो चलिए दोस्तों अब हम Surah yasin in hindi की छोटी मगर जरूरी बातों की मालूमात ले लेते हैं ताकी हमें और सवाब मिले और हमारी दीन की knowledge (जानकारी) बढ़े.

अपनी इल्म (दीन और दुनिया) की बढाना चाहते हैं, तो इस दुआ को पढ़ें…

Surah yaseen in hindi (जरूरी मालूमात)

SurahSurah yasin
Surah number36वीं
Total Rukus5
Total ayat 83
Soorah yaseen in hindi

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Surah yaseen in hindi (1 – 20)

1 – यासीन.

2 – वल कुर आनिल हकीम.

3 – इन्नका लमिनल मुरसलीन.

4 – अला सिरातिम मुस्तकीम.

5 – तनजीलल अजीज़िर रहीम.

6 – लितुन ज़िरा कौमम मा उनज़िरा आबाउहुम फहुम गाफिलून.

7 – लकद हक कल कौलु अला अकसरिहिम फहुम ला युअ’मिनून.

8 – इन्ना जअल्ना फी अअ’ना किहिम अगलालन फहिया इलल अजक़ानि फहुम मुक़महून.

9 – व जअल्ना मिम बैनि ऐदी हिम सद्दव वमिन खलफिहिम सद्दन फअग शैनाहुम फहुम ला युबसिरून.

10 – वसवाउन अलैहिम अअनजर तहुम अम लम तुनजिरहुम ला युअ’मिनून.

11 – इन्नमा तुन्ज़िरू मनित तब अज़ ज़िकरा व खशियर रहमान बिल्गैब फबश्शिर हु बिमग फिरतिव व अजरिन करीम.

12 – इन्ना नहनु नुहयिल मौता वनकतुबु मा क़द्दमु व आसारहुम वकुल्ला शयइन अहसैनाहु फी इमामिम मुबीन.

13 – वज़ रिब लहुम मसलन असहाबल करयह इज़ जा अहल मुरसळून.

14 – इज़ अरसलना इलयहिमुस नैनि फकज जबूहुमा फ अज़ ज़ज्ना बिसा लिसिन फकालू इन्ना इलैकुम मुरसळून.

15 – कालू मा अन्तुम इल्ला बशरुम मिसळूना वमा अनजलर रहमानु मिन शय इन इन अन्तुम इल्ला तकज़िबुन.

16 – क़ालू रब्बुना यअ’लमु इन्ना इलैकुम लमुरसळून.

17 – वमा अलैना इल्लल बलागुल मुबीन.

18 – कालू इन्ना ततैयरना बिकुम लइल लम तनतहू लनरजु मन्नकूम वला यमस सन्नकुम मिन्ना अज़ाबुन अलीम.

19 – कालू ताइरुकुम म अकुम अइन ज़ुक्किरतुम बल अन्तुम क़ौमूम मुस रिफून.

20 – व जा अमिन अक्सल मदीनति रजुलुय यसआ काला या कौमित त्तबिउल मुरसलीन.

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Soorah yaseen in hindi (21 – 40)

21 – इत तबिऊ मल ला यस अलुकुम अजरौ वहुम मुहतदून.

22 – वमालिया ला अअ’बुदुल लज़ी फतरनी व इलैहि तुरजऊन.

23 – अ अत्तखिज़ु मिन दुनिही आलिहतन इय युरिदनिर रहमानु बिजुर रिल ला तुगनि; अन्नी शफ़ा अतुहुम शय अव वला यूनकिजून.

24 – इन्नी इज़ल लफी ज़लालिम मुबीन.

25 – इन्नी आमन्तु बिरब बिकुम फसमऊन.

26 – कीलद खुलिल जन्नह काल यालैत क़ौमिय यअ’लमून.

27 – बिमा गफरली रब्बी व जअलनी मिनल मुकरमीन.

28 – वमा अन्ज़लना अला क़ौमिही मिन बअ’दिही मिन जुन्दिम मिनस समाइ वमा कुन्ना मुनजलीन.

29 – इन कानत इल्ला सैहतौ वाहिदतन फइज़ा हुम् खामिदून.

30 – या हसरतन अलल इबाद मा यअ’तीहिम मिर रसूलिन इल्ला कानू बिही यस तहज़िउन.

31 – अलम यरौ कम अहलकना क़ब्लहुम मिनल कुरूनि अन्नहुम इलैहिम ला यर जिउन.

32 – वइन कुल्लुल लम्मा जमीउल लदैना मुह्ज़रून.

33 – व आयतुल लहुमूल अरज़ुल मैतह अह ययनाहा व अखरजना मिन्हा हब्बन फमिनहु यअ कुलून.

34 – व जअलना फीहा जन्नातिम मिन नखीलिव व अअ’नाबिव व फज्जरना फीहा मिनल उयून.

35 – लियअ’ कुलु मिन समरिही वमा अमिलत हु अयदीहिम अफला यशकुरून.

36 – सुब्हानल लज़ी ख़लक़ल अज़वाज कुल्लहा मिम मा तुमबितुल अरज़ू वमिन अनफुसिहिम वमिम मा ला यअलमून.

37 – व आयतुल लहुमूल लैल नसलखु मिन्हुन नहारा फइज़ा हुम् मुजलिमून.

38 – वश शमसु तजरि लिमुस्त कररिल लहा ज़ालिका तक़्दी रूल अज़ीज़िल अलीम.

39 – वल कमर कद्दरनाहु मनाज़िला हत्ता आद कल उरजुनिल क़दीम.

40 – लश शम्सु यमबगी लहा अन तुद रिकल कमरा वलल लैलु साबिकुन नहार वकुल्लुन फी फलकिय यसबहून.

बुरी नजर से बचने की दुआ हिंदी में.

Surah yaseen sharif in hindi (41 – 60)

41 – व आयतुल लहुम अन्ना हमलना ज़ुररिय यतहूम फिल फुल्किल मशहून.

42 – व खलकना लहुम मिम मिस्लिही मा यरकबून.

43 – व इन नशअ नुगरिक हुम फला सरीखा लहुम वाला हुम युन्क़जून.

44 – इल्ला रहमतम मिन्ना व मताअन इलाहीन.

45 – व इजा कीला लहुमुत तकू मा बैना ऐदीकुम वमा खल्फकुम लअल्लकुम तुरहमून.

46 – वमा तअ’तीहिम मिन आयतिम मिन आयाति रब्बिहिम इल्ला कानू अन्हा मुअ रिजीन.

47 – व इज़ा कीला लहुम अन्फिकू मिम्मा रजका कुमुल लाहु क़ालल लज़ीना कफरू लिल लज़ीना; आमनू अनुत इमू मल लौ यशाऊल लाहू अत अमह इन अन्तुम इल्ला फ़ी ज़लालिम मुबीन.

48 – व यकूलूना मता हाज़ल व’अदू इन कुनतुम सादिक़ीन.

49 – मा यन ज़ुरूना इल्ला सैहतव व़ाहिदतन तअ खुज़ुहुम वहुम यखिस सिमून.

50 – फला यस्ता तीऊना तौ सियतव वला इला अहलिहिम यरजिऊन.

51 – व नुफ़िखा फिस सूरि फ़इज़ा हुम मिनल अज्दासि इला रब्बिहिम यन्सिलून.

52 – कालू या वय्लना मम ब असना मिम मरक़दिना हाज़ा मा व अदर रहमानु व सदकल मुरसलून.

53 – इन कानत इल्ला सयहतव वहिदतन फ़ इज़ा हुम जमीउल लदैना मुहज़रून.

54 – फल यौम ला तुज्लमु नफ्सून शय अव वला तुज्ज़व्ना इल्ला बिमा कुंतुम तअ’लमून.

55 – इन्न अस हाबल जन्न्तिल यौमा फ़ी शुगुलिन फाकिहून.

56 – हुम व अज्वा जुहूम फ़ी ज़िलालिन अलल अराइकि मुत्तकिऊन.

57 – लहुम फ़ीहा फाकिहतुव वलहुम मा यद् दऊन.

58 – सलामुन कौलम मिर रब्बिर रहीम.

59 – वम ताज़ुल यौमा अय्युहल मुजरिमून.

60 – अलम अअ’हद इलैकुम या बनी आदम अल्ला तअ’बुदुश शैतान इन्नहू लकुम अदुववुम मुबीन.

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Surah yasin in hindi (61 – 80)

61 – व अनिअ बुदूनी हज़ा सिरातुम मुस्तक़ीम.

62 – व लक़द अज़ल्ला मिन्कुम जिबिल्लन कसीरा अफलम तकूनू तअकिलून.

63 – हाज़िही जहन्नमुल लती कुन्तुम तूअदून.

64 – इस्लौहल यौमा बिमा कुन्तुम तक्फुरून.

65 – अल यौमा नाख्तिमु अल अफ्वा हिहिम व तुकल लिमुना अयदीहिम व तशहदू अरजु लुहुम बिमा कानू यक्सिबून.

66 – व लौ नशाउ लता मसना अला अअ’युनिहिम फ़स तबकुस सिराता फ अन्ना युबसिरून.

67 – व लौ नशाउ ल मसखना हुम अला मका नतिहिम फमस तताऊ मुजिय यौ वला यर जिऊन.

68 – वमन नुअम मिरहु नुनक किसहु फिल खल्क अफला यअ’ किलून.

69 – वमा अल्लम नाहुश शिअ’रा वमा यम्बगी लह इन हुवा इल्ला जिक रुव वकुर आनुम मुबीन.

70 – लियुन जिरा मन काना हय्यव व यहिक क़ल कौलु अलल काफ़िरीन.

71 – अव लम यरव अन्ना खलक्ना लहुम मिम्मा अमिलत अय्दीना अन आमन फहुम लहा मालिकून.

72 – व ज़ल लल नाहा लहुम फ मिन्हा रकू बुहुम व मिन्हा यअ’कुलून.

73 – व लहुम फ़ीहा मनाफ़िउ व मशारिबु अफला यश्कुरून.

74 – वत तखजू मिन दूनिल लाहि आलिहतल लअल्लहुम युन्सरून.

75 – ला यस्ता तीऊना नस रहुम वहुम लहुम जुन्दुम मुह्ज़रून.

76 – फला यह्ज़ुन्का क़व्लुहुम इन्ना नअ’लमु मा युसिर रूना वमा युअ’लिनून.

77 – अव लम यरल इंसानु अन्ना खलक्नाहू मिन नुत्फ़तिन फ़ इज़ा हुवा खासीमुम मुबीन.

78 – व ज़रबा लना मसलव व नसिया खल्कह काला मय युहयिल इजामा व हिय रमीम.

79 – कुल युहयीहल लज़ी अनश अहा अव्वला मर्रह वहुवा बिकुलली खल किन अलीम.

80 – अल्लज़ी जअला लकुम मिनश शजरिल अख्ज़रि नारन फ़ इज़ा अन्तुम मिन्हु तूकिदून.

81 – अवा लैसल लज़ी खलक़स समावाती वल अरज़ा बिक़ादिरिन; अला य यख्लुक़ा मिस्लहुम बला वहुवल खल्लाकुल अलीम.

82 – इन्नमा अमरुहू इज़ा अरादा शय अन अय यकूला लहू कुन फयकून.

83 – फसुब हानल लज़ी बियदिही मलकूतु कुल्ली शय इव व इलैहि तुरज उन.

अच्छी सेहत पाने के लिए यह दुआ पढें.

Surah yaseen ki hadees in hindi

#1 – एक हदीस में आया है कि सूरह यासीन कुरान मजीद का दिल है; यानी की जा सुरा काफी ज्यादा बडे अज़मत वाली है.

#2 – हदीस में आया है, हमारे नबी इरशाद फरमाते हैं, कि जो शख्स दिन के शुरुआत यानी; के फज्र के वक्त सुरह यासीन को पड़ेगा तो उसकी उस दिनभर की तमाम जरुरतें पूरी की जाएंगी.

#3 – हमारे हुजूर ने फरमाया कि जिस शख्स का इंतकाल हो जाए तो उसके पास सूरह यासीन की तिलावत किया करो; इससे दुनिया से रुखसत होने वाले शख्स की रूह आसानी से कब्ज़ की जाती है.

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Surah yaseen ki fazilat in hindi

दोस्तों सूरह यासीन कुरान मजीद का दिल है, इससे आप यह तो अंदाजा लगा सकते हैं; कि इसकी फजीलत कितनी ज्यादी होगी जिसको हम बयान नहीं कर सकते लेकिन आपको चंद फजीलतें बता देते हैं.

  • दुनिया और आखरत में भला होगा.
  • जो मांगोगे मिलेगा.
  • दुआ कबूल होगी.
  • तमाम तरह की मुसीबतें और बुलाओ से महफूज रहेगा.
  • काला जादू, बुरी नजर वगैरह से हिफाजत होगी. (बुरी नजर से बचने की दुआ)
  • रोजी रोटी में बरकत होगी.
  • अगर कोई शख्स रात को सुरे यासीन पढ़ कर सो गया और उसकी उसकी मौत आ गई तो वह शहीद कदर जा पाएगा.
  • हुजूर पढ़ा करते थे Read more…

Surah yaseen ki tafseer (surah yaseen in hindi)

आइए दोस्तों अब हम यह जान ले कि आखिर सूरह यासीन की तफसीर क्या है? यानी सूरह यासीन पूरे सुरह में क्या बताती है; जिसका जानना भी हमारे लिए जरूरी है, और आपको बता दें तफसीर को एक तरीके से छोटा तर्जुमा भी कह सकते हैं.

दोस्तों सूरह यासीन में कुल 83 आयतें हैं, लेकिन तफसीर में हम आपको इसे छोटा करके यानी सुरह यासीन की समरी बताएंगे; ताकि आपको आसानी से पूरे सूरह यासीन का मतलब समझ में आ जाए.

लेकिन आप से गुजारिश है, कि आप सूरह यासीन का पूरा तर्जुमा जाने इस की फजीलत बहुत ज़्यादी है.

पहली तीन आयत

दोस्तों पहली तीन आयतों मे सूरह यासीन यह कहती है; कि अल्लाह की कसम हुजूर मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो अलेही वसल्लम अल्लाह के नबी हैं.

चौथी और पांचवीं आयत

चौथी आयत बिल्कुल साफ है, की कुरान मजीद मक्का के लोगों को खबरदार करने के लिए है; मतलब कि तुम अल्लाह के बंदे हो और अल्लाह की ही तिलावत और बंदगी करो.

छटवीं से नौवीं आयत

छठी से 9वी आयत में यह जानने को मिलता है, कि मक्का के बहुत लोग कुरान, हमारे नबी और अल्लाह की मुलामत करते हैं.

यह बात हम सब जानते हैं, कि हमारे नबी दुनिया में जब तशरीफ लाए और नबूवत का ऐलान किया; तो लोग (मक्का के) उनके मुखालफत करने लगे और तरह तरह के इल्जामात उन पर लगाने लगे.

दसवीं आयत

10 वीं आयत यह कहती है, कि मोहम्मद की तबलीग यानी दीन ए इस्लाम उनके खुफिया मानने वाले (सच्चे मोमीन) लोगों के लिए फायदेमंद है.

मतलब जो हमारे नबी ने हमें इस्लाम और जिस तरह उस पर चलने का हुक्म दिया अगर; जो कोई शख्स उस तरह उस पर चलता है, तो वह काफी फायदे में रहेगा दुनिया और आखरत दोनों में.

ग्यारहवीं बारवींं से तेरहवीं आयत

11वीं आयत काफी अहम बात कहती है, की मरने के बाद मुर्दों को वापस जिंदा किया जाएगा; और उनके आमाल का हिसाब किताब होगा और उनके आमाल लिखे जा रहे हैं.

ये बात तो हम मुसलमानों को बचपन से बताई जाती है, कि हर चीज का हिसाब किताब अल्लाह रखता है; और मरने के बाद कब्र में उसका लेखा-जोखा सामने रखकर उसकी सुनवाई होती है.

इन दो आयतों (12 – 13) में कहा गया है, कि ईसा अलैहिस्सलाम के दो रसूलों को अंताकिया (एक शहर) भेजा गया है.

चौदवीं से सत्रहवीं आयत

दोनों आयातो में 12 और 13 आयत के ही बारे में बताया गया है इसमें यह कहा गया है; कि उन्हें जालसाज कह कर खारिज कर दिया जाता है, और उन्हें पत्थरों से मारने की धमकी भी दी जाती है.

यानी जब दोनों रसूल अंताकिया जाते हैं, तो वहां के लोगों को उनकी बात समझ में नहीं आती; और वह उन्हें पत्थरों से मारकर मार डालने की धमकी देते हैं.

अठारहवीं आयत

दोनों रसूल अंताकिया के लोगों को आने वाले अलहय्यी फैसलों से खबरदार करते हैं.

इस आयत में यह बताया गया है, कि जब दोनों रसूलों को अंताकिया के लोगों ने धमकी दी; तो उन्होंने उन्हें सावधान किया कि तुम गलत राह पर चल रहे हो इसका तुम्हें खामियाजा भुगतना पड़ेगा.

उन्नीसवीं से छब्बीसवीं आयत

यह आयत कहती है, कि इस्लाम के एक खास मोमिन को काफिर उन्हें मौत के घाट उतार दिया है.

सत्ताईस, अट्ठाइस से उनीसवीं आयत

जुल्म करने वाले काफिर अचानक तबाह हो जाते है.

मर्द आमतौर पर खुदा के रसूल को रद करते हैं.

तीस, एकत्तीस से तैंतीसवीं आयत

30वीं आयत कहती है, कि लोग अपना पुराना बिता हुआ वक्त (अतीत) के सबक भूल जाते हैं.

कहने का मतलब यह है, कि उस जमाने में लोग पहले तो गलती करते फिर तौबा करते; लेकिन वापस उस गलती को सुधारते नहीं – अपनी पुरानी गलती से सबक हासिल नहीं करते.

31, 33 इन दो आयतों का कहना है, कि कयामत की नजरें पर जोर दिया गया उसकी मिशाल दी गई.

चौंतीस से चौवालीसवीं आयत

इन 10 आयतों क्या कहना है कि खुदा की कुदरत और नेकी उसके कामों से जाहिर होती है.

कहना है, कि खुदा कादीर है, वह सबसे बड़ा है, वह पूरे जहान का बादशाह है; जिसने पेड़, पौधे – जमीन, आसमान, पहाड़ सबमें बनाएं.

पैंतालीस, छेयालीस, सैंतालीस से अडतालीसवीं आयत

45, 46 इनमें यह कहा गया है कि का फिर या तो डर से या कुरान की निशानीयों से डरे नहीं; मतलब उनके अंदर खुदा का डर नहीं था.

वहीं 47, 48 आयत में यह कहा गया है, कि खैरात और कयामत का मजाक उड़ाते हैं; ऐसे बहुत से लोग हैं, जो खैरात को सही नहीं समझते और यह समझते हैं कि कयामत नहीं आएगी तो वह गलत है.

उंचास से चउउवनवीं आयत

49, 53 इन दो आयतों का कहना है, कि कयामत का बिगुल और कयामत का दिन काफिरों को हैरान कर देगा; वहीं 54 वीं आयत कहती है, खुदा का फैसला आमाल के मुताबिक होगा.

इन तमाम आयतों का कहना, है कि जब कयामत आएगी और कयामत का बिगुल बज उठेगा; तब उस वक्त जो इस्लाम को नहीं माने होंगे उन्हें यह सब हैरान कर रहा होगा.

और कयामत के दिन हर किसी का आमाल देखा जाएगा और उसके मुताबिक उसे जन्नत या जहन्नुम भेजा जाएगा.

पंचपन से पैंसठ और छांछट से अडसठवीं आयत

नेकियों की जज़ा और बदकारों की सजा 55-65 इन दो आयतों का कहना है; 66,68 आयत का कहना है, खुदा शरीरों के साथ जैसा चाहेे वैसा सुलूक करता हैै.

यहां इन अजीम आयतों का कहना है, कि जो नेकी करते हैं, उसका फल अच्छा मिलता है; और जो बखारी करते हैं, उन्हें उसका फल खट्टा मिलता है, और खुदा जैसे चाहे वैसे लोगों के शरीरों का सुलूक करता है.

उनहत्तर, सत्तर से तेहत्तरवीं आयत

सूरह यासीन अपने 69, 70 आयत में यह कहती है, कि मोहम्मद कोई शायर नहीं है कुरान खुदा की कलाम है.

वहीं 71,73 इन दो आयतों का यह कहना है, कि खुदा अपने फजल के कामों में वाज़े तोर पर होता है.

यहां खुदा की तारीफ की गई है, और बताया गया है, कि खुदा ने ही कुरान मजीद को नाजिल किया; और मोहम्मद कोई शायर नहीं है, वह अल्लाह के नबी हैं, और खुदा अपने कामों में वाज़े तोर पर होता है.

चौहत्तर से छेहत्तरवीं आयत

74,75 यह दो आए थे बहुत बड़ी बात कहती है; की बूत परस्तों को बुतों पर भरोसा बेकार लगेगा और l76 वी यह कहती हैं; की मुशरिकीन के सख्त बातों पर गमगीन ना होना खुदा सब जानता है.

सतहत्तर से इक्यासीवीं आयत

इन दो आयतों का कहना है, कि हर चीज़ का खालीक मुर्दो को ज़िंदा करने की कुदरत और ताकत रखता है.

यहां भी खुदा की तारीफ की गई है, कि वही पूरे जहान का बादशाह है, वही है; जो जो चाहेगा वह होगा वह मुर्दों को जिंदा करने की कुदरत अपने हाथ में रखता है.

बयासवीं, तेरासवीं आयत

82 वीं आयत यह कहती हैं कि हो जा और वह हो गया यह मेरे रब की शान है.

83 वीं आयत कहती हैं, कि खुद मुख्तार खालीक और मुर्दों को ज़िन्दा करने वाले की हम्द हो.

FAQ’s

सूरह यासीन मक्का शहर में नाजिल हुई और यह मक्की सुरह है.

दोस्तों सुरह यासीन दो पारों में है, यानी एक पारे में कुछ हिस्सा है; और कुछ हिस्सा दूसरे पारे में – पहला हिस्सा 22 वें पारे में और दूसरा हिस्सा 23 वें पारे में है.

सूरह यासीन कुरान मजीद की 36वीं सूरह है, और यह कुरान मजीद की बड़ी सुरतों में से एक है.

आज आपने क्या जाना (Conclusion)

दोस्तों यह भी हमारी आज की पोस्ट इस पोस्ट में हमने सूरह यासीन इन हिंदी में जाना और साथ ही साथ और भी कई चीजें जानी चोर सूरह यासीन से जुड़ी हुई है.

हमने सूरह यासीन की हदीस सूरह यासीन की फजीलत और सूरह यासीन की तस्वीर पर भी तहसील से बात की है उम्मीद है आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आई होगी

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आपको सुरह यासीन पढकर कैसा लगा? और आप हमें क्या सलाह देना चाहते हैं; कमेंट (comment) में जरूर बताएं अल्लाह हाफिज !!!

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