Shab e meraj ki namaz ka tarika

Shab e meraj ki namaz ka tarika बहुत से मोमिन जानना चाहते हैं; क्यूंकि इस रात shab e meraj ki namaz पढ़ने की बडी फजीलत है.

इस सुरह को पढ़ने से सारी परेशानियों दूर हो जाती है..

यूँ तो shab e meraj ki nafil namaz padhne ka tarika तो काफी आसान है; लेकिन ज्यादातर लोगों को इसे पढ़ने का सही तरीका नहीं मालूम.

सही तरीका ना मालूम होने के कारण लोग shab e meraj ki raat को जाया कर देते हैं; और वह इस रात की बरकत और फजीलत से मरहूम हो जाते हैं.

आपलोग इस इस रात की फजीलत और सवाब को हासिल कर सकें; इसलिए आज हम आपके दरमियान में Shab e meraj ki namaz ka tarika लेकर आए हैं.

Shab e meraj kya hai (shab e meraj ki raat)

Shab e meraj ki raat एक बड़ी अजमत, बरकत और रहमत वाली रात है, जो रज्जब के 27 तारिक को आती है; और लोग इस रात को काफी ज्यादा तवज्जो के साथ इबादत में मशगूल रहते हैं.

इस रात इबादत करने से इस रात की फजीलत में चार चांद लग जाते हैं, और खास करके shab e meraj ki namaz पढ़कर; इस रात अपने रब और अपनी तमाम हाजतों को अल्लाह से दुआ करके पूरा कर लेते हैं.

Shab e meraj ka waqia (Shab e meraj ki raat kya hua tha)

दोस्तों शबे मेराज की रात वह रात है जिस रात को हमारे नबी ए करीम सल्लल्लाहो ताला अलेही वसल्लम; जो इस जहान के और अल्लाह के रसूल है, वह मेराज के सफर में गए थे और पहली बार जन्नत को देखा था.

इस रात हमारे नबी सल्लल्लाहो तआला अलेही वसल्लम को जिब्राइल अलैहिस्सलाम बुर्राक के साथ उन्हें लेने आए थे; जिस पर हमारे नबी तशरीफ रखकर जन्नत के सफर पर चले गए थे.

आपको बता दें जब मेराज की रात का सफर शुरू हुआ था तब हमारे नबी मस्जिद – ए – नबवी में आराम फरमा रहे थे; तभी जिब्रील अलैहिस्सलाम आकर उन्हें बुर्राक से मस्जिद अल अक्सा लेकर के गए.

जो आज की तारीख में इजराइल में है; और वहां हमारे रब (अल्लाह) ने हमारे नबी सल्लल्लाहो तआला अलेही वसल्लम को कई निशानिया दिखाईं.

Note – आपको एक और जानकारी दे दें हम मुसलमानों का पहला बैतूल मुकद्दस मस्जिद अल अक्सा ही है.

दोस्तों अब आपको यह पता चल गया होगा कि यह रात कितनी important रात है; तो चलिए अब हम shab e meraj kab hai इसे भी जान लेते हैं.

Shab e meraj kab hai 2022 (shab e meraj date 2022)

दोस्तों शबे मेराज इस्लामिक महीने के मुताबिक रजब के महीने में आता है, और यह महीना काफी अफजल वाला है.

यूं तो तमाम महीने ही मुबारक है, लेकिन हदीस में आया है, कि इस महीने में ऐसी 5 रातें हैं; जो इबादत के लिए सबसे अफजल मानी जाती हैं.

आइए उन पांच रातों को भी जान लेते हैं…

Shab e meraj ki date 2022 in India

Shab e meraj 2022 India 1 March को है इस दिन का पूरी दुनिया के मुसलमान काफी ज्यादा बेसब्री; से इंतजार कर रहे हैं, ताकि वह इस रात की पक्का फजीलत से बचे ना रह जाए.

Note – शबे मेराज चांद के हिसाब से होगा इसलिए ऐसा मुमकिन है, कि शबे मेराज 1 मार्च को ना हो करके; किसी और दिन हो लेकिन अभी के मुताबिक यह 1 मार्च को होने की संभावना हैै.

Rajjab ke mahine ki sabse afzal raat (shab e meraj ki raat)

जो रात में सबसे अफजल है रज्जब के महीने की वह यह है…

  • रज्जब के महिने की पहली रात।
  • लैलतुर रगायब की रात।
  • पन्द्रहवीं रात शबे इस्तिफ़्ताह।
  • आखरी शब शबे मेराज की रात।

दोस्तों यहां हमने आपको 5 रातें तो बता दी जिसमें आप इबादत कर के ढेरों सवाब हासिल कर सकते हैं; लेकिन इन सभी रातों में जो सबसे अफजल रात है, वह मेराज की रात है, जिसकी जानकारी आज हम आपको तफ्सील से दे रहे हैं.

Shab e meraj ki namaz (shab e meraj ki nafil namaz)

दोस्तों जैसा कि हमने आपको ऊपर ही बता दिया कि शबे मेराज की रात बड़ी असमत, बरकत और रहमत वाली है; इसलिए इस रात इबादत करने से हमें और दिनों के मुकाबले ज्यादा सवाब मिलता है.

ऐसे में इबादत के तौर पर इस रात shab e meraj ki nafil namaz पढ़ना काफी ज्यादा अच्छा माना जाता है.

आपको यह भी बता दें shab e meraj ki namaz हमारे आका भी अदा किया करते थे; ऐसे में हमें भी इस रात इबादत करना चाहिए.

दोस्तों लेकिन हममें से ज्यादातर लोग यह तो जानते हैं, कि शबे मेराज की रात इबादत करना बहुत ही अफजल माना गया है.

लेकिन वह इबादत करें कैसे? यानी shab e meraj ki namaz kaise padhe (shab e meraj ki namaz ka tarika)?

Shab e meraj ki namaz kitni rakat hai? shab e meraj ki namaz ki niyat तो चलिए अब हम उन चीजों पर भी राब्ता कर लेते हैं.

Shab e meraj ki namaz kaise padhe?

दोस्तों shab e meraj ki namaz आपको उसी तरह पढ़नी है, जैसे हम बाकी नवाफिल नमाज पढ़ते हैं; बस आपको इसमें कुछ तब्दीली करनी है, बाकी सभी चीजें एक जैसी ही रहेंगी जैसे हम अपनी बाकी की नफिल नमाजों में करते हैं.

जानें नमाज़ पढ़ने का सही तरीका हिन्दी में…

Shab e meraj ki namaz ka time (shab e meraj ki namaz Kab padhe)

शबे मेराज की नमाज़ का टाइम कोई फिक्स नहीं है, आप रज्जब की 27वीं तारीख को मगरिब की नमाज अदा करने के बाद से लेकर तहज्जुद और फजर की नमाज से पहले तक अदा कर सकते हैं.

Shab e meraj ki namaz kitni rakat hai

दोस्तों इस नमाज की रकात से जुड़ी हदीस से तीन तरह की है कुछ कहती है; कि इसे 12 रकात अदा किया जाए, तो कुछ कहती है 20 रकात अदा किया जाए 10 सलाम के साथ.

वहीँ कुछ का कहना है कि 6 रकात अदा की जाए तीन सलाम के साथ.

तो ऐसे में आपको यह कंफ्यूजन हो रही होगी कि आप इस नमाज को कैसे और कितनी रकात अदा करें.

तो मैं आपको बता दूं हम यूं तो आपको इन तीनों ही हदीसों से मालूम हुई रकातो की नमाज का तरीका बताएंगे.

लेकिन आपको बता दें हमारे हुजूर इस रात को अक्सर 6 रकात या 12 रकात नमाज अदा करते थे; लेकिन चूंकि यह इबादत की नमाज है. तो आप ज्यादा से ज्यादा भी अदा कर सकते हैं; अगर नहीं कर सकते तो कम से कम 6 या 12 रकात अदा जरूर करें.

Shab e meraj ki namaz ki niyat in hindi

जैसे हम पांचों वक्त की नमाज की नियत अदा करते हैं ठीक उसी तरह शबे मेराज की नमाज़ की नियत भी अदा करेंगे क्योंकि यह नफील नमाज़ है तो उसकी नियत भी नफिल नमाज की तरह ही होगी.

नियत – ” नियत करता हूं मैं 2 रकात नमाज नफिल की शबे मेराज वास्ते अल्लाह ताला के मुंह मेरा तरफ काबा शरीफ के अल्लाह हू अकबर ”

Shab e meraj ki namaz ka tarika in hindi (बारह रकात नमाज़ वाली हदीस)

किताब उल अवराद में मुंकल है कि इस रात को 12 रकात नफिल नमाज वह भी छह सलाम के साथ अदा करें; और हर नमाज में के बाद सूरह इखलास पांच बार पढ़ें.

नमाज से फारिग होने के बाद कलमा तम्जिद, असतगफार और दरूद शरीफ सौ सौ बार पढ़कर जो दुआ मांगोगे वह कबूल होगी.

Shab e meraj ki 12 rakat nafl namaz ka tarika

  • सबसे पहले आप 2 रकात नमाज की नियत करें और नियत करने के बाद सुबहाना कल्लाहुम्मा एक बार पढ़ ले.
  • अब आप रुकु में जाए रुकूं में दो बार सुबहाना रब्बि यल अजीम पढ़ें और समीअल्लाह होलेमन हमीदह कहते हुए खड़े हो जाएं.
  • खड़े होने के बाद आप सजदे में जाएं सजदे में तीन बार सुबहाना रब्बी यल अला पढ़ें; और सजदा दो बार करें दूसरा सजदा करने के बाद आप अल्लाह हू अकबर कहते हुए दूसरी रकात के लिए खड़े हो जाए.
  • दूसरी रकात भी आपको पहली रकात की तरह ही पढ़नी है, इसमें बस आपको सना नहीं पढ़ना.
  • इतना करने के बाद अब आप रुकु में जाएंगे, सजदे में जाएंगे फिर आप तशहुद में बैठ जाएंगे; और तशहुद में पहले अत्तहीयात, दरुद शरीफ फिर दुआ ए मासुरा पढ़कर सलाम फेर लेंगे.

यह आपकी 2 रकात नमाज मुकम्मल हो गई अब आपको बाकी की 10 रकात नमाज भी ठीक इसी तरह पढनी करनी है.

फिर जब 12 रकात नमाज मुकम्मल हो जाए तब आपको यह पढ़ना है; कलमा तम्जिद, असतगफार और दरूद शरीफ सौ सौ बार.

इतना पढ़ने के बाद आप दुआ मांगें इंशाअल्लाह आपकी दुआ कबूल होगी.

Shab e meraj ki namaz ka tarika hindi mein (छह रकात नमाज़ वाली हदीस)

तुहफा में मजकूर है कि रात को छः रकात नमाज वह भी तीन सलाम के साथ अदा करें; और वही हर रकात में अल्हम्दु शरीफ के बाद सूरह इखलास को 7 बार पढें.

नमाज़ मुकम्मल होने के बाद 50 बार दरूद शरीफ पढ़कर अल्लाह ताआला से अपनी तमाम हाजतों के लिए दुआ मांगे.

Shab e meraj ki 6 rakat nafl namaz ka tarika

  • शुरुआत करना है नफिल नमाज की 2 रकात नियत से और उसके बाद सना पढ़ना है.
  • सना पढ़ने के बाद 7 बार सुरह इखलास पढ़ना है; सुरह पढ़ने के बाद आपको रुकु में जाना है; फिर सजदे में जाना है, फिर दूसरी रकात के लिए खड़ा हो जाना है.
  • दूसरी रकात भी आपको पहली रकात की तरह ही अदा करनी है, अदा करने के बाद आपको रुकु में जाना है; फिर सजदे में जाना है, दो बार सजदा करना है, फिर तशहुद में बैठ जाना है.
  • तशहुद में आपको एक बार अत्तहियात, दरूदे इब्राहिम और दुआ ए मासुरा पढ़कर सलाम फेरना है; और आपकी नमाज़ मुकम्मल हो जाएगी.

ये आपकी 2 रकात नमाज़ हुई अब आपको इसी तरह बाकी की चार रकात नमाज़ 2 सलाम के साथ अदा कर लें

नमाज़ के बाद आपको 50 बार दरुद शरीफ पढना है और अल्लाह से दुआ मांगना है.

Shab e meraj ki namaz ka tarika (2 रकात नमाज वाली हदीस)

तुहफा में मरकूम है कि दो रकात नफिल नमाज पढे और पहली रकात में अल्हम्दुलिल्लहि पढने के बाद; सुरह अलम तैरा कैफ और दूसरी रकात में सुरह लि इलाफी कूरैश एक एक बार पढे, सवाबे अज़ीम पाएगा.

Shab e meraj ki 6 rakat nafl namaz ka tarika

  • सबसे पहले आप 2 रकात नमाज की नियत करें और एक बार सना पढ़े और एक बार अल्हम्दु शरीफ पढ़ें.
  • सुरह पढ़ने के बाद आप रुकु में जाएंगे रुकू करने के बाद सजदे में जाएंगे; और दोनों सजदे करने के बाद आप दूसरी रकात के लिए खड़े हो जाएंगे.
  • दूसरी रकात में आप सना नहीं पढेंगे आप पहले अल्हम्दु शरीफ पढेंगे और उसके बाद लिलाफी कुरैश सुरह पढ़ेंगे; और फिर रुकु में जाएंगे फिर सजदे में जाएंगे सजदा करने के बाद फिर आप तशहुद में बैठ जाएंगे.
  • तशहुद में आप एक बार अत्तहियात, दरूद शरीफ और दुआ ए मासुरा पढ़कर सलाम फेर लेंगे; और आपकी शबे मेराज की नमाज मुकम्मल हो जाएगी.

नमाज मुकम्मल होने के बाद आप अल्लाह की बारगाह में हाथ फैला कर अपने लिए और तमाम उम्मते मोहम्मदिया के लिए दुआ मांगे और हमें अपनी दुआओं में याद रखें.

Shab e meraj ke din kya padhna chahiye

शबे मेराज काफी अजमत वाली रात है; इसलिए आप इस रात जो भी इबादत अल्लाह की रजा और अपने नबी की मोहब्बत में करेंगे अल्लाह उसे कबूल करेगा.

लेकिन हम आपको कुछ चीज बता देते हैं, जो अगर आप इस रात को करेंगे तो आपको उसका ज्यादा सवाब मिलेगा.

  • पहला तो इस रात शबे मेराज की नमाज पढ़ना।
  • ज्यादा से ज्यादा दरूद शरीफ का विर्द करना।
  • कुरान मजीद की तिलावत करना।
  • तस्बीहात पढ़ना।

Shab e meraj me nafl padhe ya qaza

कई लोगों का सवाल होता है कि हम शबे मेराज की रात अपनी कज़ा नमाजो को अदा कर लें या शबे मेराज की नमाज़ पढ़े.

तो आपको हम यह कहना चाहेंगे कि आप अपनी कजा नमाजों को ही अदा करें क्योंकि हदीसों में आया है; कि जब तक आप की फर्ज और सुन्नते मोअक्किदाआ और सुन्नते मोअक्किदाआ पता नहीं होंगे आपकी नफल नमाज़ें कबूल नहीं की जाएंगी.

इसलिए आप शबे मेराज की रात में अपनी तमाम कजा नमाजों की अदायगी कर ले.

कजा नमाज अदा करने का सही तरीका…

आज आपने क्या जाना (conclusion)

तो दोस्तो यह थी मेरी आज की पोस्ट इस पोस्ट में हमने आज आपको शबे मेराज की नमाज का तरीका, रकात, टाइम; नियत और और भी कई चीजों के बारे में आसान लफ्जों में बताने की कोशिश की.

उम्मीद है आपको आपके तमाम सवालों के जवाब मिल गए होंगे और आपका मारिया पोस्ट पसंद आई होगी.

दोस्तों शबे मेराज की रात काफी अजमत काली रात है, इस रात दुआ कबूल होती है; इसलिए आप अपने चाहने वालों और तमाम मुसलमानों तक इस पोस्ट को जरूर पहुंचाएं.

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आपको यह पोस्ट कैसी लगी और आप हमें क्या सलाह देना चाहते हैं, हमें कमेंट में जरूर बताएं.

बाकी आज के लिए बस इतना ही मिलते हैं, हम आपसे अगली पोस्ट में तब तक के लिए अल्लाह हाफिज !!!

Quransays.in

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