Qurbani Karne Ka Tarika In Hindi – क़ुरबानी करने का तरीका – Qurbani Ka Tarika

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Qurbani karne ka tarika in hindi में जानना हर उस मुसलमान बालिग शख्स के लिए जरूरी है; जिस पर कुर्बानी वाजिब है, और जो इस साल बकरा ईद में कुर्बानी करने वाला हो.

कुर्बानी करना इस्लाम में एक वाजिब इबादत है, जोकि हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की सुन्नत है, इसे अल्लाह ने उम्मते मोहम्मदिया पर सुन्नत करार दिया है.

रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम फरमाते हैं, कि अल्लाह को बकरीद के दिन कुर्बानी करने से ज्यादा कोई और अमल खास महबूब और पसंद नहीं है.

इस एक हदीस से हम यह समझ सकते हैं, कि कुर्बानी की अहमियत इस्लाम में कितनी आला है; इसलिए आज हम qurbani karne ka sunnat tarika बताएंगे जिससे कि आप इस अज़ीम ओ शान इबादत की फजीलत को हासिल कर सकें.

Qurbani kya hai? Qurbani ka tarika

क़ुरबानी बकरीद के दिन में की जाती है, जो की एक इबादत है, जो की मालदार सख्स (पैसे वाले लोगों) पर ही वाजिब है; इसका मतलब की अल्लाह ता’आला ने जिसे हर चीज़ से नवाज़ा है, क़ुरबानी सिर्फ़ उसी पर वाजिब है.

बकरीद में क़ुरबानी किसी हलाल जानवर को अल्लाह सुभानवताला की रज़ा के लिए जिबह करना क़ुरबानी है; और अल्लाह उसकी रज़ा के लिए कुर्बानी करने वालों को पसंद करता है, और ढेरों नेकियां अता करता है.

कुरबानी का बयान जरूर पढें। –

तो चलिए अब हम Qurbani ka tarika in hindi में फटाफट जान लेते हैं।

Qurbani ka tarika in hindi

  • सबसे पहले कुरबानी की नियत करें।
  • नियत के बाद जानवर को नहला कर जमीन पर लिटाएं।
  • फिर कुरबानी की दुआ पढें।
  • कुरबानी की दुआ का आखरी लफ्ज बिस्मिल्लाहि अल्लाहु अकबर कहकर छूरी चलाएं।
  • जानवर ज़िब्ह करने के बाद कुरबानी के बाद की दुआ पढें।
  • अब जानवर के गोश्त को तकसीम करें।

Qurbani karne ka tarika in hindi

Qurbani karne ka tarika in hindi में यह है, कि आप सबसे पहले कुर्बानी के जानवर को नहलाएं, फिर बकरीद की नमाज को जाएं, नमाज़ अदा करने के बाद जानवर को जमीन पर लिटाएं फिर कुर्बानी की दुआ पढकर जानवर ज़िब्ह करें और जानवर ज़िब्ह होने के बाद कुर्बानी के बाद की दुआ पढें.

इन चीज़ों को सिलसिलेवार तरीके से करने के बाद आपकी कुर्बानी मुकम्मल हो जाती है; और यही qurbani karne ka sunnat tarika है.

आइए अब हम qurbani karne ka tarika को और आसान लफ्जों में तफसील से समझ लेते हैं, ताकी qurbani ka tarika में छोटी सी भी गलती ना हो और हमारी कुरबानी सुन्नत तरीके से अदा हो जाए.

कुछ सवालों के जवाब। –

Qurbani karne ka sunnat tarika

  • कुर्बानी देने से पहले आप हजरात अपने जानवर को यानी जिसकी क़ुरबानी देनी हो उसे अच्छे से नहला दें और बकरीद की नमाज अदा करने के लिए मस्जिद जायें.
  • जब आप बकरीद की नमाज अदा कर लें तब आप अपने घर आकर अपने जानवर (बकरा, भैंस) को जलेबी खिलायें और अच्छे से बांध कर छोड़ दें.
  • अब आप अपने छुरी को तेज कर लें, लेकिन यहां बात समझने वाली ये है, कि आप अपनी छुरी जानवर के सामने तेज न करें, ऐसा करना सख्त मना है.
  • अब आप क़ुरबानी के लिए जानवर को लिटाएं और उसका रुख क़िब्ला की तरफ हो बता दें कि जिस तरफ जानवर का रुख है; यानी काबा शरीफ की ओर उसी तरफ ज़िब्ह करने वाले का भी रुख हो.
  • कुर्बानी का जानवर सही से लेट जाए तब आप अपना दायां पैर जानवर के गर्दन के पीछे के पहलू पर रखें, लेकिन ध्यान रहे आपको जानवर के पेट पर पैर नहीं रखना है.
  • जब जानवर को आप ऊपर बताए हुए तरीके से लिटा दें तब आप कुर्बानी की दुआ पढ़ें।

Qurbani ki dua in hindi कुरबानी की दुआ हिन्दी में।

इन्नी वज्जहतु वजहि य लिल्लज़ी फ़ त रस्मावाति वल अर्दा हनीफँव व् मा अ न मिनल मुशरिकीन इन न सलाती व नुसुकी मह्या य व ममाती लिल्लाहि रब्बिल आलमीन ला शरी क लहू व बि ज़ालि क उमिरतु व अ न मिनल मुस्लिमीन अल्लाहुम्मा ल क व मिन क बिस्मिल्लाहि अल्लाहु अकबर।

Note – अगर आप खुद दुआ पढ़ सकते हैं, तो ठीक लेकिन अगर आपको दुआ याद ना हो तो आप किसी और से दुआ पढ़वा सकते हैं, और कुर्बानी कर सकते हैं.

अब आप कुर्बानी की दुआ पढ़ें अगर नहीं पढ़ रहें हैं, तो जो शख्स पढ़ रहा हो; और जब पढ़ने वाला अल्लाहू अकबर पर आए तब उसी वक्त आप अल्लाहु अकबर कहते हुए तेज़ छुरी चला कर ज़बह कर दें.

ध्यान रहे आपको छुरी फौरन और तेजी से जानवर के गर्दन पर चलानी है ताकि उसे कम से कम तकलीफ हो.

Note – जब आप ज़िब्ह कर रहे हों तब आपको अल्लाहु अकबर अल्लाहु अकबर कहते हुए ज़िब्ह करना है; ऐसा करना जरूरी है इस बात का ध्यान रहे आपको.

जब आप ज़िब्ह कर लें तब आप कुर्बानी के बाद की दुआ पढ़ें।

Kurbani ke baad ki dua in hindi – कुरबानी के बाद की दुआ हिन्दी में।

अल्लाहुम्मा तकब्बल मिन्नी कमा तकब्बलता मिन ख़लीलिक इबराहीमा अलैहिस्सलामु व हबीबिक मुहम्मदिन सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम।

Note अगर आपने अपने नाम से क़ुरबानी दी है तो अल्लाहुम्म तक़ब्बल के बाद मिन्नी पढ़ें और अगर आप दूसरों के लिए कुर्बानी का जानवर ज़बह किया है, तो मिन्नी के जगह ‘मिन फलां’ पढ़ें.

और खास कर ये ध्यान रहे कि फलां का मतलब कुर्बानी देने वाले का नाम के साथ उसके वालिद का भी नाम जरूर शामिल करना है.

तो यहां आपकी qurbani karne ka tarika in hindi में होता है, मुकम्मल; अब आप जानवर के खाल को निकालकर मदरसे में जमा कर दें और कुर्बानी के गोश्त का बटवारा करें.

Qurbani ke gosht ko taqseem kaise kare?

जब आपका जानवर ज़िब्ह हो जाए तो उसके गोश्त को बराबर मात्र में तीन हिस्सों में बांटें पहला अपने घर के लिए दुसरा रिश्तेदार – दोस्तों के लिए और तीसरा हिस्सा गरीबों के लिए.

गोश्त का बटवारा सही से करने के बाद आप इन गोशतों को जल्द से जल्द बांटें; पहले अपने हिस्से को फ्रीज में रख लें और बाकी के हिस्सों को बांट दें.

इन तमाम चीजों को सही करने के बाद आपका qurbani ka tarika पुरा होता है।

ये भी पढ़ें। –

आज आपने क्या जाना?

कुर्बानी करना एक अफजल इबादत है, और इसे करना हर मुसलमान पर वाजिब है, जो इस काबिल हो कि वह जानवर खरीद सके और उसे कुर्बान कर सकें.

अगर किसी शख्स पर कुर्बानी करना वाजिब हो जाता है; और फिर भी वह अल्लाह की रजा के लिए करवाने नहीं करता तो इससे अल्लाह नाराज होता है, और वह गुनहगार.

इसलिए आज हमने आपको इन चीजों को आसान लफ्जों में तफसील से बताया…

  1. Qurbani ka tarika in hindi.
  2. Qurbani karne ka tarika in hindi.
  3. Qurbani ka gosht taqseem kaise kare.

उम्मीद है, आपको यह पोस्ट अच्छी लगी होगी, आपसे गुजारिश है ! की आप इस पोस्ट को बकरीद से पहले अपने व्हाट्सएप, फेसबुक पर शेयर जरूर करें।

अल्लाह हाफिज !!!!

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