Pehli qurbani kiske naam par karni chahiye – पहली कुरबानी किसके नाम पर करें

Pehli qurbani kiske naam par karni chahiye? यह सवाल आज के दिन काफी ज्यादा पूछा जा रहा है; क्योंकि कई लोगों का यह मानना होता है, और कई लोग ऐसा करते हैं, कि अपनी पहली कुर्बानी अपने वालीदैन, बीवी या बच्चों वगैरह के नाम पर कर देते हैं.

जैसा कि आपको पता है, कुर्बानी एक वाजिब इबादत है, जोकि हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की सुन्नत है; और इसे अदा करना वाला अल्लाह को बेहद ही ज्यादा पसंद है, और इसके बदले अल्लाह ढेरों सवाल और अजर अता करता है.

आज हम आपको सबसे sabse pehli qurbani kiske naam par karni chahiye? बताएंगे ताकि आपको इस बड़े सवाल का आसान जवाब मिल सके.

Qurbani kis par wajib hai?

  • आकिल पर।
  • मुकीम पर।
  • साहिब ए निसाब पर।
  • मुसलमान पर।
  • बालिग पर।

जो भी इन पांच शर्तों पर खड़ा हो जाता है, यानी वह आकिल, मुकीम, साहिबे निसाब, मुसलमान और बालिग हो जाता है; तो उस पर कुर्बानी वाजिब हो जाती है.

Qurbani kiske naam par karni chahiye?

कुर्बानी तो आप किसी के भी नाम पर कर सकते हैं, लेकिन जिस शख्स के ऊपर कुर्बानी वाजिब हो जाती है; उसे कुर्बानी करना जरूरी होता है, अगर वह कुर्बानी ना करें तो वह गुनाहगार होगा.

जब आप कुर्बानी वाजिब होने की शर्तों को पूरा करते हैं, तो आप पर उसी वक्त कुर्बानी करना जरूरी हो जाता है; अगर आप कुर्बानी के दिन से 3 दिन पहले कुर्बानी आप पर वाजिब होती है, तो आपको कुर्बानी करना जरूरी हो जाएगा.

कुरबानी का बयान जरूर पढें। –

Pehli qurbani kiske naam par karni chahiye?

Pehli qurbani kiske naam par karni chahiye? तो इसका जवाब है, आपको अपने ज़िन्दगी की पहली कुरबानी अपने ही नाम पर करनी चाहिए और जब भी आपपर कुर्बानी वाजिब हो आप अपने ही नाम पर कुर्बानी करें.

कई बार लोग क्या कहते हैं, कि वह अपनी पहली कुर्बानी अपने वालीदैन के नाम पर करवाते हैं, उसके अगले साल किसी और के नाम पर फिर किसी और के नाम पर फिर अपने नाम पर.

तो ऐसा करना गलत है, जिस किसी शख्स पर कुर्बानी वाजिब होती है, उसको कुर्बानी करना जरूरी होता है.

Sabse Pehli qurbani kiske naam par karni chahiye?

अपनी जिंदगी की सबसे पहले कुर्बानी आपको अपने ही नाम पर करनी चाहिए क्योंकि कुर्बानी आप पर वाजिब हुई है किसी और पर नहीं और हदीसों में आया है, जिस शख्स पर कुर्बानी वाजिब हो जाती है, उसे अपने नाम पर कुर्बानी करना जरूरी हो जाता है.

लेकिन अगर अल्लाह ने आपको माल ओ दौलत से नवाजा है, तो आप अपने वालीदैन, भाई बहन, बीवी के नाम पर भी कुर्बानी कर सकते हैं, इसमें कोई हर्ज नहीं बल्कि यह बेहतर है.

कुछ सवालों के जवाब। –

Baccho ke naam par qurbani karna chahiye ya nahi?

दोस्तों कुर्बानी उसी के नाम पर की जा सकती है, जिस पर कुर्बानी वाजिब होती है, और कुर्बानी वाजिब होने की कुछ शर्तें होती हैं; जिसमें बालिक होना जरूरी है, और बच्चे बालिग नहीं होते इस लिहाज से बच्चों पर कुर्बानी करना वाजिब नहीं.

लेकिन अगर आपको अल्लाह ने इतनी हैसियत दी है, कि आप अपने बच्चे के लिए भी एक जानवर खरीद सके और उस कि कुर्बानी दे सकें तो आप अपने बच्चों के नाम पर भी कुर्बानी दे सकते हैं, इससे आपको सवाब जरूर मिलेगा.

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Qurbani kiske naam par dena chahiye?

कुर्बानी हमेशा अपने ही नाम पर देना चाहिए जब आप पर कुर्बानी वाजिब हो जाए तो आप कुर्बानी का जानवर खरीदें और उसकी कुर्बानी दें.

अगर आप कोई बड़ा जानवर लेते हैं, तो उसमें सात हिस्से होते हैं; इस लिहाज से आप अपने घर के और छह लोगों के नाम पर भी कुर्बानी दे सकते हैं.

Ghar me Pehli qurbani kiske naam ki ho

घर में कई लोग होते हैं, और जितने भी लोग साहिबे निसाब होते हैं, वह कुर्बानी कर सकते हैं; और अगर घर में आप अकेले रहते हैं, और आप पर कुर्बानी वाजिब हो जाती है, तो आपको अपने नाम की कुर्बानी देनी होगी.

नमाज़ पढने का सही तरीका जरूर जानें। –

Qurbani kiske naam se dena chahiye?

जब आप बालिग हो जाएं और कुर्बानी वाजिब होने की शरतें आप पर लागू हों, तो आप अपने नाम की कुर्बानी दें और आपको हमेशा अपने ही नाम की कुर्बानी देनी चाहिए क्योंकि जिसपर कुर्बानी वाजिब होती है, उसे ही अपने नाम की कुर्बानी देनी होती है.

ऐसा नहीं कि कुर्बानी आप पर वाजिब हो और आप अपनी बीवी या वालीदैन या बच्चे पर कुर्बानी दे दें तो इस बात का आप ध्यान रखें.

आज आपने क्या जाना?

दोस्तों कुर्बानी करना अल्लाह को बकरीद के दिन महबूब और पसंद है; इसलिए हर किसी का यह जानना जरूरी है, कि आखिर वह अपनी pehli qurbani kiske naam par kare?

इसलिए आज हमने आपको sabse pehli qurbani kiske naam par karni chahiye? बताया उम्मीद है आपको यह पोस्ट अच्छी लगी होगी.

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