Namaz ki dua in hindi – Namaz me padhne wali dua in hindi

नमाज़ एक फर्ज इबादत है, जो कि इस्लाम के पांच अरकानों में शामिल है, और नमाज़ में अलग अलग मौके पर कुछ खास मसनून दुआएं पढी जाती हैं, जिनका पढना फर्ज है, अगर इन दुआओं को नमाज़ में ना पढा जाए तो नमाज़ कबूल नहीं होती. इसलिए आज हम आपको namaz ki dua in hindi बताएंगे.

जिसमें namaz me padhne wali dua in hindi में जानने को मिलेगी जिससे आप अपनी नमाज़ को सहीं कर लेंगे और खूब सवाब हासिल कर सकेंगे।

नमाज़ हहमारे नबी सल्लल्लाहो अलेही वसल्लम के आंखों की ठंडक है; इसे सही तरीके से अदा करना हमारे लिए बेहद ही ज्यादा जरूरी है.

इसलिए आप namaz me padhne ki dua in hindi में ज़रूर से जानें और अपनी नमाज़ को सुन्नत तरीके से अदा कर के सवाब हासिल कर लें.

Namaz ki dua in hindi

Namaz ki dua in hindi me सना, अत्तहियात, दुआ ए मासुरा, दुआ ए कुनूत, दो सजदों के बीच की दुआ और नमाज़ के बाद की दुआ शामिल है.

इन तमाम दुआओं को अलग अलग मौकों पर पढा जाता है, इसमें सना और अत्तहियात दुआ को जरूर से पढना होता है; और बाकी की दुआओं को भी पढना जरूरी है, लेकिन उन दुआओं की जगह आप कोई और दुआ पढ सकते हैं, जो आपको याद या आसान लगती हो.

Namaz ki dua in hindi
Namaz me padhi jane wali dua in hindi

चंद मसनून दुआएं। –

Namaz me padhne wali dua in hindi

  • सना यानी सुबहानकल्लाहुम्मा।
  • दो ससजदों के बीच की दुआ।
  • दुआ ए कुनूत।
  • अत्तहियात।
  • दुआ ए मासुरा।
  • नमाज़ के बाद की दुआ।

नमाज़ में पढने की दुआ सना।

सना – “सुबहानकल्लाहुम्मा वबि ‘हम्दिका व तबारक कस्मुका व त’आला जद्दुका व ला इलाहा ग़ैरुक”

सना एक खास दुआ है, जिसे नमाज़ शुरु करने से पहले पढा जाता है, आप मस्जिद में इमाम के पीछे नमाज़ पढ रहे हों या घर में फर्ज नमाज हो, सुन्नत, नफिल या फिर वाजिब इन्हें शुरू करने से पहले सना का पढना जरूरी है.

अगर किसी नमाज़ में सना नहीं पढी जाएगी तो वह नमाज़ नहीं होगी, और अगर गलती से सना छूट जाए; तो आपको वापस से नमाज़ की नियत बांध के वापस से नमाज़ पढनी होगी.

नमाज़ पढने का सही और मुकम्मल तरीका।

दो सजदों के बीच की दुआ।

“रब्बिग-फिरली, रब्बिग-फिरली, रब्बिग-फिरली, रब्बिग-फिरली”

नमाज़ पढने के दरमियान दो सजदों के बीच दुआ पढना अफज़ल माना जाता है; लेकिन इस दुआ को काफी कम लोग पढते क्योंकि इस दुआ को पढना फरज नहीं है.

लेकिन दो सजदों के दरमियान दुआ पढने से काफी फजीलतें हासिल होती हैं; और हदीसों में इस दुआ को पढना अफजल कहा गया है।

नमाज़ का बयान। –

Namaz ki dua in hindi Dua e Qunoot

“अल्लाहुम्मा इन्ना नस्तईनुका वनसतग़ फिरूका व नु’अ मिनु बिका व न तवक्कलु अलैका व नुस्नी अलैकल खैर व नश कुरुका वला नकफुरुका व नख्लऊ व नतरुकु मैंय्यफ-जुरूका – अल्लाहुम्मा इय्याका नअबुदु व लका नुसल्ली व नस्जुदु वआलैका नस्आ व नह-फिदु व नरजू रहमतका व नख्शा अज़ाबका इन्ना अज़ा-ब-क बिल क़ुफ़्फ़ारिल मुलहिक़।”

दुआ ए कनूत एक बेहद ही अफजल दुआ है जिसे आप अपनी आम दुआओं में भी पढ सकते हैं; लेकिन इस दुआ को ज्यादातर वित्र की नमाज़ की तिसरी रकात में पढा जाता है.

आप इस खास दुआ की अहमियत इसी बात से समझ लें कि इस दुआ को वित्र की नमाज़ में पढना वाजिब करार दिया गया है.

अगर आआपको यह दुआ याद नहीं है, तो आप इस दुआ के अलावा भीयकई और दुआएं जो हदीसों से साबित है; उन्हें पढ सकते हैं, लेकिन अफजल दुआ ए कुनूत है.

वज़ु का बयान जरूर पढें। –

नमाज़ में पढने की दुआ अत्तहियात।

“अत्तहियातु लिल्लाहि वस्सलावातु वत्तैयिबातु अस्सलामु अलैका अय्युहन नबिय्यु व रहमतुल्लाही व बरकातुहू अस्सलामु अलैना व अला इबादिल्लाहिस्सालिहीन।”

अत्तहियात का नमाज़ के दरमियान पढना फर्ज है, इसे पढे बिना नमाज़ मुकम्मल नहीं हो सकती और इसके अलावा तशहुद में कोई और दुआ नहीं पढी जा सकती इसलिए नमाज पढने के लिए अत्तहियात याद होना जरूरी है.

अत्तहियात में अलाह और हमारे नबी सल्लल्लाहो अलेही वसल्लम और फरिश्तों के बीच की गुफ्तगू को बताया है; जब हमारे नबी मेराज के सफर पर गए थे.

Namaz ki dua in hindi dua e masura

“अल्लाहुम्मा इन्नी ज़लमतू नफ़्सी ज़ुलमन कसीरा, वला यग़फिरुज़-ज़ुनूबा इल्ला अनता, फग़फिरली मग़ फिरतम्मिन इनदिका वर हमनी इन्नका अनतल ग़फ़ूरूर्र रहीम”

दुआ ए मासुरा बेहद ही अहम दुआ है, जिसे अत्तहियात और दरुद शरीफ पढने के बाद पढा जाता और इस दुआ को पढने के बाद ही सलाम फेरा जाता है, और अपनी को मुकम्मल किया जाता है.

दुआ ए मासुरा के अलावा भी हदीसों में कई और दुआओं का जिक्र है, जिनहें आप द्रुपद शरीफ के पढ सकते हैं; लेकिन दुआ मासुरा को पढना सुननत है इस दुआ को हमारे नबी पढा करते थे.

जुमे का बयान जरूर पढें। –

नमाज़ के बाद की दुआ।

“अल्लाहुम्मा अंतस्सलाम व मिनकस्लासम तबारकत या ज़लज़लाली वल इकराम।”

नमाज़ के बाद की namaz ki dua in hindi में हमने शामिल किया है, इस दुआ का पढ़ना फरज तो नहीं लेकिन सुननत है; क्योंकि इस दुआ को हमारे नबी हर फरज नमाज के बाद पढा जाता है.

फर्ज नमाज के बाद पढने की कई दुआएं मौजूद हैं, लेकिन जो दुआ हमने आपको बताई है; वह सबसे अफजल है, और आप इसे ही पढें।

इन चीजों की मालूमात सभी को होनी चाहिए। –

आज आपने क्या जाना?

नमाज आपकी कोई भी हो उसमें इन दुआओं का पढ़ना जरूरी होता है, तभी जाकर के आप की नमाज मुकम्मल होती है; और आपको उस नमाज को पढ़ने का सवाब मिलता है.

आज namaz ki dua in hindi में हमने आपको तमाम दुआओं को मुकम्मल तौर से और आसान लफ्जों में बताने की कोशिश की उम्मीद है, आपको यह पोस्ट अच्छी लगी होगी.

आप से गुजारिश है, कि अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो इसे अपने व्हाट्सएप, फेसबुक पर शेयर जरूर करें; ताकि हर मुसलमान बच्चे-बच्चे तक namaz me padhne wali dua in hindi की मालूमात हो जाए.

अल्लाह हाफिज !!!

Quransays.in

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