Masjid me itikaf me baithne ka tarika for male in hindi – मस्जिद में इतीकाफ में कैसे बैठे

इतिकाफ एक ऐसी इबादत है जो इतीकाफ करने वाले इंसान को हर चीज़ का सवाब देती है चाहे वो बंदा सो ही क्यूँ ना रहा हो; उसे हर चीज़ का सवाब मिलता है जो वो मस्जिद में रहकर करता है, कुछ लोगों को itikaf me baithne ka tarika नहीं पता इसलिए हम आज आपको यही बताने वाले हैं. 

उससे पहले ये बता दूँ कि itikaf ke teen tarike होते हैं…. 

  • इतीकाफ वाजिब 
  • इतीकाफ सुन्नतेमौकिदा (रमजान वाला इतीकाफ) 
  • इतीकाफ मुसतहब

और आज हम रमजान मे करने वाले इतीकाफ का तरीका देखेंगे क्यूंकि अभी रमजान चल रहा है ऐसे में सिर्फ इतीकाफ सुन्नतेमौकिदा (रमजान वाला इतीकाफ) सबसे अफजल है जिसके लिए हमें रमजान के तीसरे अशरे मे मस्जिद मे रहना पड़ता है. तो आइये पहले मैं आपको कुछ जरूरी बातें बता देता हूं इतीकाफ के बारे मे. 

Itikaf ki jaruri bate

  • इतीकाफ लड़के लड़कियां दोनों ही कर सकते हैं रमजान की, लड़के मजीद मे और लड़कियां हर के किसी कोने मे. 
  • इतीकाफ में बैठने के लिए नियत जरूरी है. 
  • 20 रमजान की शाम सूरज ढ़लने से पहले यानी रोज़ा खोलने के पहले ही मस्जिद (लड़के) या कोने (लड़कियाँ) को चले जाना है और मस्जिद मे दाखिल होने के पहले itikaf ki niyat aur dua पढ़ लेनी है और फिर masjid me dakhil hone ki dua पढ़कर मस्जिद में जाना है. 
  • मस्जिद मे या ल़डकियों के घर मे इतीकाफ की हालत मे रोज़ा रखना फर्ज और जरूरी है बिना रोज़े के इतीकाफ नहीं मनाएगा. 
  • इतीकाफ की हालत मे बगैर वज़ह के मस्जिद नहीं छोड़ सकते लेकिन पखाना-पेशाब के लिए छोड़ सकते हैं; लेकिन वज़ू और घुसल के लिए नहीं छोड़ सकते क्यूंकि मस्जिद मे इसका इन्तेजाम होता है. 
  • इतीकाफ ईद का चांद दिखने के बाद ख़त्म होता है यानी 29 या 30 रमज़ान के चंद दिखने के बाद आप मस्जिद या कोना छोड़ सकते हैं. 
  • इतीकाफ की नियत से मस्जिद मे फिजूल की बातें ना करें ब्लकि कुरान की तिलावत करें, नमाजें पढ़ें, हदीस जानें और दीन की तालीम लें. लेकिन चुप रहना भी गलत है इसीलिए तिलावत का हुक्म है. 
  • मस्जिद मे बिना इतीकाफ की नीयत के किसी का सोने, खाने, पीने की इजाज़त नहीं, लेकिन अगर कोई इतीकाफ वाजिब या इतीकाफ मुसतहब की नीयत से भी जाता है और इबादत करता है (नमाज और तिलावत) करता है तब ही वो कुछ कहा पी सकता है. 
  • मोताक्किफ (इतीकाफ में बैठने वाले) को मस्जिद मे ही खाना, पीना, सोना है इन कामों के लिए बाहर ना जायें वर्ना इतीकाफ टूट जाएगा; लेकिन पखाना, पेशाब के लिए बाहर जा सकते हैं इसमे कोई गलत नहीं है.

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तो दोस्तों इतना काफी है इतीकाफ सुन्नतेमौकिदा के बारे मे जानने के लिए तो आइये अब जानते हैं ramzan ke itikaf me baithne ka tarika kya hai (इतीकाफ सुन्नतेमौकिदा), आइए शुरू करते हैं. 

Itikaf me baithne ka tarika kya hai?

हर किस्म के इतीकाफ मे बैठने का तरीका एक ही होता है बस उनमे शर्तों, दिनों, और नीयत का ही फर्क़ होता है हर इतीकाफ मे आपको इबादत का पाबंद होना पड़ता है; लेकिन आज हम सिर्फ ramzan ke itikaf me baithne ka tarika या sunnat e maukida ki itikaf me baithne ka tarika ही जानेंगे. 

Ramzan me Itikaf me baithne ka tarika नीचे लिखा है step by step…… 

  • सबसे पहले नियत कर लें मन मे कि मुझे रमज़ान का इतीकाफ सुन्नतेमौकिदा का इतीकाफ रखना है. 
  • फिर 20 रोज़े का इन्तजार कीजिए जैसे ही, 20 रोजा आए मगरिब की अज़ान होने से 40-50 मिनट पहले मस्जिद को निकल जायें. 
  • अब मस्जिद मे दाखिल होने से पहले इतीकाफ की दुआ पढ़ लें, जो दुआ मांगनी हो जैसे या अल्लाह मेरी मदद करना और या अल्लाह मेरा इतीकाफ कबूल फरमा आदि मांग लें और फिर मस्जिद दाख़िल होने की दुआ पढ़कर मस्जिद मे दाखिल हों. 
  • अब आपको मस्जिद मे जो जगह मिले या दिखे वहाँ बैठ जायें, मस्जिद मे दाखिल होते हो आपका इतीकाफ शुरू हो गया है, तो अब आपको किसी कोने को पकड़ लेना है या आपको अगर कोई जगह दिया जाए तो वहां जाकर बैठ जायें.
  • यहां आपको अब हर किस्म की इबादत करनी है जिससे आपके और आपके मुहल्ले और परिवार वालों की मगफिरत हो जाए. 

नोट:- अगर किसी मुहल्ले में कोई मस्जिद हो और उसमे कोई भी इतिकाफ में ना बैठे तो पूरे मुहल्ले वालों को गुनाह मिलेगा…..

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आज आपने क्या सीखा

दोस्तों आजकी इस पोस्ट में हमने जाना कि mardo ke masjid me ramzan ke itikaf me baithne ka tarika kya hai? और इससे जुड़ी हर छोटी बड़ी बातों पर गौर से बातें की कि; हमने इससे जुड़े हर नीचे लिखी चूजों को आपको आसानी से बताने व समझाने की पूरी कोशिश की है…..

  • Itikaf ki jaruri bate. 
  • Itikaf ke kitne kism hai? 
  • Mado ke masjid me ramzan ke itikaf me baithne ka tarika kya hai?
  • Itikaf ki sartein kya hai? 
  • Itikaf ki niyat aur dua kya hai? 
  • और भी बहुत कुछ जाना हम लोग ने….

तो दोस्तों उम्मीद करते हैं कि आपको हमारी आज की जानकारी से भरी यह पोस्ट पसंद आई होगी और कुछ नया सीखने को मिला होगा; अगर हाँ, तो इस POST को अपने दोस्तों और परिवार के साथ जरूर SHARE करें ताकि उन्हें भी itikaf ki ahmiyat kya hai ये पता चले.

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