Iftar ki dua in hindi, english, arabic an hindi meaning – इफ्तार की दुआ हिन्दी मे – Roza kholne ki dua

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जैसा कि रमज़ान शुरू हो गया है और इबादत के साथ-साथ रोज़ा रखना भी शुरू हो गया ऐसे मे हमे इस बात की पूरी इल्म होनी चाहिए कि Iftar ki dua kya hai? इसलिए आज हम आपके सामने पेश करते हैं Iftar ki dua in hindi, english, arabic and hindi meaning ताकि आपको कोई दिक्कत ना हो रोज़ा खोलने मे. 

Iftar ki dua in hindi शुरू करने से पहले मैं आपको कुछ खास बातें बता देना चाहता हूं इफ्तार की दुआ हिन्दी के बारे मे, जिससे आपको इसका अंदाजा हो जाए कि सेहरी की दुआ आखिर है क्या और इसकी फ़ज़िलत क्या है. 

Iftar ki dua fact in hindi

ये हैं कुछ खास बातें सेहरी की दुआ को लेकर जिसे आपको मन मे जरूर रखना चाहिए. 

  • इफ्तार की दुआ को रोज़ा खोलते वक्त पढ़ते हैं जब मगरिब की अज़ान की आवाज़ कानों तक जाए. इस दुआ को पढ़कर ही रोजा खोलें. 
  • अगर जल्दबाजी मे पढ़ना भूल गए तो कोई बात नहीं रुक कर फिर से पढ़ लें, इसे पढ़ना जरूरी है क्यूंकि इसमे अल्लाह के लिए रोज़ा रखने की बात ही. 
  • Iftar ki dua को ही roza kholne ki dua के नाम से जाना जाता है. इनमे कोई अन्तर नहीं है. 
  • आपको बता दें कि जो मैं आपको iftar ki dua in hindi बताने जा रहा हूं वो साफ़-साफ़ हदीस मे लिखा हुआ; लेकिन सेहरी की दुआ हदीस मे नहीं आई है इसलिए सेहरी का कोई बयान नहीं है हदीस मे लेकिन iftar ki dua का हो सकता है. आइए पूरी जानकारी देखते हैं.
  • इफ्तार करना सुन्नत है, यानी कि अच्छे से दस्तरखान बिछा कर अच्छे खाने बनाकर, और पूरे घर वालों का एक साथ बैठकर इफ्तार करना सुन्नत है; ये नहीं कि मगरिब की अज़ान हुई और कुछ भी कहीं भी खाना पीना शुरू कर दिया कि नहीं ये गलत है. 
  • हमेशा रोज़ा खजूर से खोलें, कुछ लोग बिना मुह धोए (brush किए) कुछ नहीं कहा पाते फिर भी आपको रोज़ा खजूर से खोलना है ना कि brush और paste से. थोड़ा सा खजूर खायें और फिर brush करने के बाद पूरा इफ्तार करें. नोट:- दातुन से रोज़ा नहीं टूटता, इसलिए आप इफ्तार करने से पहले दातुन कर लें, आपको बता दें कि रोज़े की हालत मे मिसवाक करना सुन्नत है बशर्ते रस अंदर पेट मे ना जाये. 

बस इतना काफी है iftar ki dua in hindi जानने के लिए, अब हम सीधा दुआ की तरफ बढ़ते हैं….

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Iftar ki dua

इफ्तार करना प्यारे नबी हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सुन्नत है और हर इंसान को जिसने रोजा रखा है इफ्तार करना ही चाहिए; इफ्तार की दुआ पढ़कर, ये भी बता दूँ कि iftar karne ki do duaein हैं, जो हदीसों में आइ हैं जिसमें से पहली वाली को ज्यादा तवज्जो दिया जाता है लेकिन आप उनमे से कोई एक पढ़ सकते हैं. 

और मैं आपको दोनों ही बताउंगा आपको जो भी आसान लगे आप उसे याद कर पढ़ सकते हैं… 

Iftar ki dua #1

हदीस मे आया है कि, हज़रत इब्ने उमर र.अ. फरमाते हैं कि रसूलुल्लाह स.अ. जब भी इफ़्तार करते तो पढ़ते थें… 

ये है iftar ki dua in arabic text:- “ذَهَبَ الظَّمَأُ وَابْتَلَّتِ الْعُرُوقُ وَثَبَتَ الأَجْرُ إِنْ شَاءَ اللّهُ” 

ये है iftar ki dua in hindi text:- “ज़हाबज़ ज़मउ वब तल्लतिल उरूक़ु व सबातल अजरु इंशा अल्लाह” 

ये है iftar ki dua in hindi meaning:- “प्यास मिट गई, नसें नम हो गईं और अल्लाह ने चाहा तो इनाम पक्का है”

ये है iftar ki dua in english text:- “Zahabaz Zamau Wab Tallatil Urooqu Wa Sabatal Ajru Insha Allah” 

तो दोस्तों ये थी iftar ki dua जो हदीस सही मुस्लिम मे आई है जिसकी गवाही हज़रत इब्ने उमर र.अ. देते हैं हदीस के मुताबिक; एक दुआ और है जिसकी गवाही हज़रत मआज़ बिन ज़ुहरा फरमाते हैं. 

Iftar ki dua #2

हदीस मे आया है कि, हज़रत मआज़ बिन ज़ुहरा फरमाते हैं कि रसूलुल्लाह स.अ. जब भी इफ़्तार करते तो पढ़ते थें… 

ये है iftar ki dua in arabic text:- “اَللّٰهُمَّ اِنَّی لَکَ صُمْتُ وَبِکَ اٰمَنْتُ وَعَلَيْکَ تَوَکَّلْتُ وَعَلٰی رِزْقِکَ أَفْطَرْتُ” 

ये है iftar ki dua in hindi text:- “अल्लाहुम्मा इन्नी लका सुमतु वाबिका आमंतु वा अलाइका तवाक्कल्तु वा आला रिज़्क़िका अफ़्तरतु” 

ये है iftar ki dua in hindi meaning:- “ऐ अल्लाह! मैंने आपके लिए रोज़ा रखा और मुझे आप पर विश्वास है और मैंने आप पर भरोसा किया है और मैं आपके खाने (रिज़क) से अपना रोज़ा खोला हूं”

ये है iftar ki dua in english text:- “Allahumma Inni Laka Sumtu Wabika Aamantu Wa Alaika Tawakkaltu Wa Ala Rizqika Aftartu” 

और दोस्तों ये दुआ थी इफ्तार की जो हज़रत मआज़ बिन ज़ुहरा फरमाते है कि प्यारे नबी ये दुआ पढ़ते थे जब वे रोज़ा खोलते थे; ये भी हदीस मे शामिल है जिसका बयान खुद हज़रत मआज़ बिन ज़ुहरा ने दिया है. 

आप इन दोनों ही दुआओं में से किसी एक को पढ़ सकते हैं आपको दोनों ही से बराबर सवाब मिलेगा, क्यूंकि दोनों ही दुआएं हदीसों से साबित है और दोनों ही बड़ी फजीलत वाली दुआएँ हैं; इसलिए इस बात पर बहंस बेकार है कि कौनसी दुआ ज्यादा तवज्जो वाली है और कौनसी नहीं, तो आप इनमे से कोई भी दुआ पढें जब आप रोज़ा खोलने जा रहे हों.

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Iftar dua hadees

Iftar ki dua in hindi के कुछ हदीसें हैं जो इफ्तार की दुआ की रहमतों और ताकत को दिखलाती है, आइए इनपर भी एक नजर डाल लेते हैं. 

#1. Iftar dua hadees

पहली हदीस तो यही है कि इफ्तार के वक्त ऊपर बताई किसी एक दुआ को पढ़ा जाए, क्यूंकि ये दुआएं हदीस मे शामिल है. 

#2. Iftar dua hadees

दूसरी हदीस ये है कि प्यारे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम फरमाते हैं कि… 

“रोज़ा खोलने के समय जो कुछ भी दुआ की जाती है वह पूरी की जाती है और कभी भी खारिज नहीं किया जाता है” 

दोस्तों ये शान हैं iftar ki dua in hindi को पढ़ने की, इसलिए आप इस दुआ को पढ़ें और इसके साथ-साथ आप अपने मन की कोई भी मुराद या दुआ मांग सकते हैं, आपकी दुआ खारिज नहीं होगी जैसा कि प्यारे नबी ने बताया.

उम्मीद करते हैं कि आपको हमारी आज की यह पोस्ट पसंद आई होगी और कुछ नया सीखने को मिला होगा इस्लाम और रोज़े से related; और अगर हाँ, तो इस POST को अपने दोस्तों और परिवार के साथ ज़रूर SHARE करें ताकि उन्हें भी इफ्तार की दुआ की अहमियत पता चले और हमारे इस WEBSITE को BOOKMARK कर ले ताकि आप सभी को इस्लाम से related ऐसी ही POST रोज़ाना मिलती रहे.

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