Eid ki namaz ka tarika in hindi 2022 – ईद की नमाज का सही तरीका

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Eid ki namaz ka tarika in hindi mein काफी लोग जानना चाहते हैं, उनमें ज्यादातर बच्चे हैं; जिन्हें eid ki namaz padhne ka sahi tarika नहीं मालूम होता और वह गलत नमाज पढ़ लेते हैं.

अक्सर यह देखा गया है, कि ईद की नमाज अदा करने में काफी लोगों को मुश्किल होती है; ज्यादातर लोगों को तकबीरें समझ में नहीं आती और वह तकबीरों पर रुकु या सजदे में चले जाते हैं, जिससे उनकी नमाज गलत हो जाती है.

इनमें ज्यादातर तो बच्चे होते हैं, लेकिन बहुत से बड़े भी शामिल हैं; जिन्हें eid ki namaz ka tarika in hindi नहीं मालूम और वह इस नमाज को सही ढंग से नहीं पढ़ पाते.

इसलिए आज की इस पोस्ट में हम आपको इन तमाम चीजों की मालूमात देंगे ताकि आपकी Eid ki namaz सही से मुकम्मल हो सके और आप ईद की खुशियां मना सकें.

  • Eid ki namaz ka tarika in hindi.
  • Eid ki namaz ki niyat.
  • Eid ki namaz ki rakat kitni hoti hai?
  • Eid ki namaz ka waqt kya hai?
  • Eid ki namaz ki fazilat और भी बहुत कुछ बताएंगे….

Eid kab hai 2022?

Eid kab hai 2022 mein यह तो चांद देखने के बाद ही कहा जा सकता है; लेकिन इस्लामिक कैलेंडरों के हिसाब से और पिछले सालों के ईद की तारीख को देखते हुए यह माना जा रहा है, कि 2022 में ईद 3 मई को मंगलवार के दिन होगी.

अगर 29 का चांद होगा तो ईद 2 तारीख को मनाई जाएगी वहीं अगर 30 का चांद हुआ तो 3 मई को पूरे भारत में ईद मनाई जाएगी.

ईद साल में एक बार आती है, और ईद की नमाज साल में एक ही बार अदा की जाती है; ऐसे में काफी लोगों को ईद की नमाज याद नहीं होती और वह गलत नमाज पढ़ लेते हैं, इसलिए आज हम आपको Eid ki namaz ka tarika in hindi mein बताएंगे.

Eid ki namaz ka tarika in hindi

Eid ki namaz ka tarika in hindi – ईद का इंतजार हर मुसलमान को बेसब्री से होता है; ईद के दिन की सबसे बड़ी इबादत ईद की नमाज अदा करना होता है, बता दें ईद की नमाज वाजिब होती है.

जब हम रमजान के महीने में 30 दिन रोजे रखते हैं, अल्लाह की इबादत करते हैं; तो अल्लाह हम से खुश हो कर के हमें तोहफे की शक्ल में ईद का दिन दिया और ईद की नमाज भी दी.

ईद का दिन खुशियों का होता है, इसे मीठी ईद भी कही जाती है, साथ ही ईद उल फितर भी कहा जाता है; Eid ki namaz ka tarika आम नमाज़ों से अलग होता है.

ईद की नमाज में अलग-अलग मौकों पर इमाम साहब तकबीर देते हैं; और हमें तकबीर के जवाब में अपने हाथों को कानों तक ले जाकर के हाथ छोड़ना और हाथ बांधना होता है.

ईद की नमाज में दी जाने वाली तकबीर को काफी लोग नहीं समझ पाते और वह तकबीर पर गलत जवाब दे देते हैं; मिसाल के तौर पर जब तकबीर होती है, तो लोग रुकु या सजदे में चले जाते हैं, जो कि गलत है.

इसलिए आज हम आपको Eid ki namaz ka tarika या कहें कि eid ki namaz padhne ka sahi tarika step-by-step बताएंगे ताकि आप से कोई गलती ना हो और आपकी ईद की नमाज सही से मुकम्मल हो जाए.

Eid ki namaz ka waqt kya hai

ईद की नमाज का वक्त तो जानना हमारे लिए ज्यादा जरूरी है क्योंकि सही वक्त जानने पर हम जमात के साथ ईद की नमाज़ को पढ सकते हैं, और सवालवब हासिल कर सकते हैं, गलत वक्त पर नमाज कजा हो जाती है.

ईद की नमाज ज्यादातर जगहों पर सुबह चास्त के वक्त पढ़ी जाती है; ज्यादातर जगहों पर पूरे देश में 8:00 से 9:00 बजे के बीच में ईद की नमाज को अदा कर लिया जाता है.

बता दे ईद और बकरीद की नमाजें एक जैसी ही होती है, जिनमें खुत्बा नमाज अदा करने के बाद दी जाती है; बाकी जुम्मे के दिन खुतबा नमाज से पहले दिया जाता है.

Eid ki namaz ki rakat kitni hoti hai

दोस्तों हर नमाज की रकात अलग-अलग होती है, ईद की नमाज वाजिब होती है; और ईद की नमाज 2 रकात की होती है, जिसे एक सलाम के साथ पढ़ा जाता है.

ईद की नमाज बा-जमात अदा की जाती है, इसे आप अकेले नहीं पढ़ सकते ईद की नमाज़ इमाम के पीछे अदा की जाती है; और ईदगाह में ईद की नमाज़ पढना अफज़ल लेकिन आप इसे मस्जिद में भी अदा कर सकते हैं, लेकिन जहां अच्छी आबादी हो.

Eid ki namaz ki niyat in hindi

किसी भी नमाज को पढ़ने से पहले उस नमाज़ की नियत करना जरूरी है, नियत दिल के इरादे का दूसरा नाम होता है; उसे मुंह से बोलना जरूरी नहीं लेकिन बोल दिया जाए तो अफजल है, और नियत मुंह से बोलना मुस्तहब है.

इसी तरह Eid ki namaz ki niyat भी अलग होती है, जिसमें बस कुछ चीजों को और जोडा जाता है; जैसे जायद छः तकबीर बाकी सब आम नमाज़ों की नियत की तरह ही रहेगा.

Eid ki namaz ki niyat kaise kare

नियत - नियत करता हूं मैं 2 रकात नमाज ईद उल फितर की वाजिब जायज छः तकबीरों के वास्ते अल्लाह तआला के पीछे इस इमाम के मुंह मेरा काबा शरीफ की तरफ अल्लाह हू अकबर।

Eid ki namaz kaise padhe

  • Eid ki namaz kaise padhe – ईद की नमाज 2 रकात की होती है, जिस तरह हम अपनी आम 2 रकात नमाज अदा करते हैं; ठीक उसी तरह ईद की नमाज़ भी अदा करेंगे बस इस नमाज़ में 6 तकबीर होती हैं, जिन्हें अदा करना जरूरी है.
  • ईद की नमाज में छः तकबीर होती है, पहली रकात में तीन और दूसरी रकात में भी तीन तकबीरें होती हैं.

Eid ki namaz padhne ka sahi tarika

  • Eid ki namaz padhne ka sahi tarika बेहद ही आसान है, इस नमाज़ में आपको बस नियत में तब्दीली करनी होती है; और साथ ही साथ तकबीरें होती हैं, जिनका जवाब देना होता है, इस नमाज़ को आप घर में अदा नहीं कर सकते क्योंकि ईद की नमाज़ जमात के साथ अदा की जाती है.
  • बता दी ईद की नमाज में कोई भी नफिल नमाज नहीं अदा की जाती आप सीधे जमात के साथ इस्तेमाल अदा करते हैं और ईद की इबादत मुकम्मल करते हैं.

दोस्तों हमने आपको अब तक जितना कुछ बताया इससे आपको ईद की नमाज का लगभग बेसिक समझ में आ गया होगा की आखिर ईद की नमाज क्या है, और कैसे अदा की जाती है?

आइए अब हम Eid ki namaz ka sahi tarika step-by-step जान लेते हैं.

Eid ki namaz ka tarika in hindi

  • सबसे पहले आप ईद की नमाज को जाने से पहले अपने घर में ही वज़ु करें वज़ु करने के बाद आप तहीयातुल वज़ु की नमाज पढ़ लें; इससे वज़ु का सवाब बढ़ जाता है.
  • अब आप अपने घरों से मस्जिद के लिए निकले और रास्ते में तकबीर पढ़ते चलें मस्जिद में दाखिल होने से पहले मस्जिद में दाखिल होने की दुआ पढ़कर मस्जिद में जाएं और चुपचाप बैठ जाएं.
  • अब जब जमात खड़ी हो तब आप नमाज के लिए खड़े हो जाएं बता दें ईद की नमाज में खुतबा नमाज़ के बाद होता है; इसलिए आप परेशान ना हो कि खुतबा नहीं हुआ.
  • जमात के साथ खड़े होने के बाद आपको अब नियत करनी है, नियत करने का तरीका हमने आपको बता दिया है; उसके बाद पहली रकात होगी.

Eid ki namaz ka tarika – पहली रकात।

  • नियत हो जाने के बाद इमाम साहब अल्लाह हू अकबर कहेंगे आप भी अल्लाह हू अकबर कहते हुए अपने हाथों को कानों तक ले जाइएगा और फिर अपने हाथों को बांध लीजिएगा अब आप सना पढेंगे.
  • सना पढ़ने के बाद 6 तकबीरें होंगी पहली रकात में तीन तकबीर होगी अब जब इमाम साहब पहली तकबीर कहेंगे यानी अल्लाह हू अकबर कहेंगे तो आपको अपने हाथों को कानों तक ले जाना है, और फिर छोड़ देना है.
  • अब दूसरी तकबीर होगी दूसरी तकबीर में भी आपको अपने हाथों को कानों तक ले जाना है, और फिर छोड़ देना है; तीसरी तकबीर में आपको अपने हाथों को कानों तक ले जाना है, और फिर अपने हाथों को बांध लेना है.
  • अब इमाम साहब अल्हम्दु शरीफ और कोई एक सूरत मिलाएंगे इस वक्त आपको कुछ भी नहीं बोलना है; चुपचाप खड़े रहकर सुनना है.
  • सूरत मिलाने के बाद इमाम साहब अल्लाह हू अकबर कहते हुए रुकु में जाएंगे आप भी रुकु में जाइएगा और रुकु में तीन बार सुबहाना रब्बी यल अज़ीम पढ़िएगा.
  • रुकु करने के बाद इमाम साहब समीअल्लाह होलेमन हमीदा कहते हुए खड़े होंगे आप भी खडे हो जाइएगा; फिर इमाम साहब अल्लाह हू अकबर कहते हुए सीधे सजदे में जाएंगे आप भी सजदे में जाइएगा सजदा दो बार करिएगा और दोनों ही सजदे में सुहाना रब्बी यल अला पढ़एगा जब दूसरा सजदा मुकम्मल हो जाए तब आप दूसरी रकात के लिए खड़े हो जाइएगा.

दोस्तों यहां Eid ki namaz की पहली रकात मुकम्मल होती है, अब हम ईद की नमाज की दूसरी रकात के लिए खड़े हो जाइएंगे.

Eid ki namaz ka tarika – दूसरी रकात।

  • दूसरी रकात में आपको कुछ भी नहीं पढ़ना है, इमाम साहब खड़े होते ही सबसे पहले अल्हम्दु शरीफ फिर कोई एक सुरह पढेंगे आपको उन्हें सुनना है, उसके बाद दोबारा तकबीर होगी.
  • जब पहली तकबीर होगी तो आपको अपने हाथों को कानों तक ले जाएं और फिर छोड़ दें, फिर दूसरी तकबीर में भी आपको अपने हाथों को कानों तक ले जाना है, और फिर छोड़ देना है, अब जब तीसरी तकबीर होगी तो इसमें भी आपको अपने हाथों कानों तक ले जाना है, और फिर छोड़ देना है.
  • तीसरी तकबीर होने के बाद इमाम साहब चौथी तकबीर कहेंगे तो आपको अपने हाथों को कानों तक नहीं उठाना है; आप सीधा रुकु में चले जाएंगे.
  • रुकु में आप तीन बार सुबहाना रब्बी यल अजीम पड़ेंगे फिर सजदा करेंगे सजदा दो बार होगा दोनों सजदे में आप सजदे की तस्बीह पढेंगे उसके बाद आप तशहुद में बैठ जाएंगे.
  • तशहुद में बैठकर आप सबसे पहले अत्ताहियात पढेंगे फिर दरूदे इब्राहिम और आखिर में दुआ ए मासुरा पढ़कर सलाम कर लेंगे; यहां आपकी ईद की नमाज मुकम्मल हो जाएगी.

Eid ka do Khutba hoga

ईद की नमाज मुकम्मल होने के बाद दुआ होगी और उसके बाद खुत्बा होगा उसके लिए इमाम साहब मिमबर पर जाएंगे खुत्बा दो बार होगा पहला खुत्बा होने के पांच-छह सेकंड के लिए इमाम साहब मिमबर पर बैठेंगे उसके बाद वापस से खड़े होकर दूसरा खुत्बा पढेंगे दोनों ही खुत्बा सुनना आपके लिए जरूरी है.

खुत्बा जब हो रहा हो तो आपको अपने मुंह से कुछ भी नहीं बोलना है, आपको बस ध्यान से खुत्बा सुनना है; अगर कोई और शख्स बात कर रहा हो तो आपको वहां उसे चुप भी नहीं कराना है, इससे आपको गुनाह मिलेगा.

तो दोस्तों अभी तक हमने eid ki namaz ka tarika ही जाना लेकिन ईद की नमाज पढ़ने के साथ-साथ कुछ और ऐसे भी काम हैं जिन्हें हमें जाना और करना काफी जरूरी है; अब हम आपको वही बताने वाले हैं उम्मीद करते हैं कि आप उन्हें गौर से पढ़ेंगे, समझेंगे और उस पर अमल करेंगे…. आइए शुरू करते हैं……..

Zakat kisko dein? आप ज़कात उसे दे जो मजबूर हो जो गरीब हो जिसके पास तमाम चीजें मुहैया ना हो; की वह अपनी ईद अच्छे से मना सके तो आपको उसे ज़कात देना चाहिए जिससे कि वह अपने परिवार के साथ खुशियों से ईद मना सके और आपको दुआ दे.

जकात हर उस शख्स पर फर्ज है, जिसे अल्लाह ने इस काबिल बनाया है, कि वह किसी गरीब को कुछ दे सके अपनी तमाम जरूरतों को पूरा करने के बाद अगर किसी शख्स पर अल्लाह ने फर्ज किया है, उसने जकात नहीं अदा नहीं कि तो उसकी ईद की नमाज़ नहीं मानी जाएगी.

ईद का दिन बहुत ही खुशियों वाला होता है, और इस दिन की सुन्नतें अदा करना अफजल है; ईद की सुन्नतों का अदा करना भी ईद की इबादत में शामिल है, इसलिए आप ईद सुन्नतें जरूर अदा करें आइए अब हम ईद की चंद सुन्नतें देख लेते हैं…

  • गुसल करना।
  • मिस्वाक करना।
  • अच्छे नए और पाक-साफ कपड़ा पहनना।
  • खजूर खाके नमाज़ को जाना।
  • जिस रास्ते से ईदगाह या मस्जिद गए थे उस रास्ते से वापस घर ना आए, दूसरे रास्ते से आए।

इनके अलावा भी और भी कई सुन्नत है, जिन्हें हमें ईद के दिन करनी चाहिए; नीचे दिए हुए लिंक पर आप क्लिक करके उन तमाम सुन्नतों को जान सकते हैं…

ईद के दिन के ज़रूरी आमाल में ईद की नमाज़ आती है और जकात-अल-फितृ आती है; यानी कि आपको ये दो काम करने ही है, वैसे तो ईद की नमाज़ वाज़िब है, लेकिन जकात फर्ज है.

इस दिन बहुत ही खास और मुबारक होता है, इस दिन हमें ऐसा कोई भी काम नहीं करना है; जिससे कि हमारा यह दिन खराब हो हमें उन कामों को करना चाहिए जिससे हमें ज्यादा से ज्यादा सवाब मिले और खुशियां हासिल हों.

  • ईद की नमाज अदा करें।
  • लोगों से गले मिलें।
  • दुश्मनों की तरफ दोस्ती का हाथ बढायें।
  • चारों ओर खुशियां बाटें; ग़मों को भुला दें।
  • जकात-अल-फितृ अदा करें।
  • गरीबों को खाना खिलायें; कपड़े बाटें।
  • घर को सजाएँ।
  • इत्र लगाएं; घर में खुशबू रखें।

हमारे नबी सल्लल्लाहू अलैही वसल्लम जब भी कोई नया चांद देखते थे; तो दुआ पढ़ते थे इसलिए हमें भी eid ka chand dekhne ki dua पढ़नी चाहिए…

दुआ अरबी में – “اَللّٰہُمَّ اَھِلَّہ عَلَیْنَابِالْیُمْنِ وَالْاِیْمَانِ وَالسَّلَامَةِ وَالْاِسْلَامِ ،رَبِّیْ وَرَبُّکَ اللّٰہُ” 

जो हमने रमजान के 30 दिन के रोजे रखे हैं, और अल्लाह की हर जायज तरीके से इबादत की है; उसी का तोहफा हमें ईद की शक्ल में अल्लाह की तरफ से मिलता है, जिस दिन पूरे मुसलमान खुशियां मनाते हैं, और अल्लाह का शुक्र अदा करते हैं.

2022 में सऊदी अरब में 2 मई 2022 को ईद होगी 1 अप्रैल 2022 को शाम में सऊदी अरब में चांद देखा जा चुका है.

सोमवार को सुबह सऊदी अरब में सऊदी वाले जमात के साथ ईद की नमाज़ अदा करेंगे और ईद मनाएंगे.

Eid ki dua तब पढ़ी जाती है जब आपको किसी को ईद की बधाई देनी होती हौ; जब आप किसी से ईद के दिन मिलते हैं तो उन्हें eid ki dua बोलिए और फिर बधाई देते हुए गले मिलिए.

पिछले साल लॉकडाउन की वजह से लोगों ने ईद की नमाज़ घरों में अदा की थी लेकीन हकीकत में वह ईद की नमाज़ नहीं थी; क्योंकि ईद की नमाज़ जमात के साथ ही अदा की जा सकती है, और यह ईद की नमाज़ की शर्तों में शामिल है.

आज आपने क्या जाना?

तो दोस्ती यह थी हमारी आज की पोस्ट इस पोस्ट में हमने आपको नीचे बताई हुई चीजों की मालूमात आसान लफ्जों में और तफ्सील से बताने की कोशिश की है.

  • Eid ki namaz ka tarika in hindi.
  • Eid ki namaz ki niyat.
  • Eid ki namaz ki rakat kitni hoti hai?
  • Eid ki namaz ka waqt kya hai?
  • Eid ki namaz ki fazilat

उम्मीद है ! कि आपको आपके तमाम सवालों के जवाब मिल गए होंगे और आपको Eid ki namaz ka sahi tarika आसानी से समझ में आ गया होगा.

बाकी आपको यह पोस्ट कैसी लगी और आप हमें क्या सलाह देना चाहते हैं; कमेंट में जरूर बताएं? अल्लाह हाफिज, ईद मुबारक!!! दुआ में याद रखें।

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