Eid ke fatiha ka tarika in hindi? – ईद के फातिहा का तरीका – Kiske naam par kare

0
141

Eid ke fatiha ka tarika in hindi kya hai? ये जानना बहुत जरूरी है उन लोगों के लिए जो लोग हर पाक और मुबारक मौके पर फातिहा किया करते हैं; आपको बता दें कि ईद का फातिहा बहुत बड़ा माना जाता है, और लोग इसे काफी शान से करते है और आज हम आपको इसका पूरा तरीका और इससे जुड़े सभी सवालों के जवाब देने वाले हैं. 

आज हम जानेंगे……. 

  • Eid ke fatiha ka tarika in hindi kya hai? 
  • Eid ka fatiha kyu kiya jata hai? 
  • Eid ka fatiha kiske naam par hota hai? 
  • Eid ka fatiha kab hota hai? 
  • और भी कई सारी चीजें  इस post में………. 

आइये पहले आपको eid ka fatiha से जुड़े सवालों के ज़वाब दे देते हैं ताकि आपको eid ke fatiha ka tarika in hindi समझने में कोई परेशानी न हो; फिर उसके बाद हम ईद के फातिहा का तरीका जानेंगे……. 

Eid ka fatiha kiske naam par hota hai?

जैसा कि हम जानते हैं कि हर महीने के साथिया पर अलग-अलग नाम लेते हैं जैसे ग्यारहवीं शरीफ मे हुजूर गौसे आज़म का नाम लिया जाता है; और अलग-अलग महीनों मे अलग-अलग नाम लिए जाते हैं लेकिन ईद के फातिहा के लिए कोई बिलखुसूस नाम नहीं लिए जाते हैं यानी कोई मखसूस नहीं है जिनके नाम पर फातिहा पढ़ा जाए. 

Eid ka fatiha हम किसी के भी नाम पर पढ़ सकते हैं, जी हां, आपने सही सुना. आप eid ka fatiha किसी के भी नाम पर पढ़ सकते हैं; यानी कि आपको जिनका भी नाम याद आये आप उनके नाम से पढ़ सकते हैं, इसमे कोई बुराई या दो-राय नहीं है. 

आप चाहे तो अपने घर के किसी मरहूम शख्स के नाम पर फातिहा पढ़ सकते हैं ईद का, गौसे आज़म के नाम पर पढ़ सकते हैं, या प्यारे नबी अल्लाह-वाले-वसल्लम के नाम पर पढ़ सकते हैं या किसी और के नाम पर भी पढ़ सकते हैं. अब आइए जानते हैं Eid ke fatiha ka tarika in hindi…….

ये भी पढ़ें:-

Eid ke fatiha ka tarika in hindi

Eid ke fatiha ka tarika बिल्कुल ही आसान है और जो लोग फातिहा किया करते हैं उनके लिए तो और भी आसान है; दूसरे त्यौहारों पर किये जाने वाले फातिहा से ज्यादा अलग नहीं है ईद का फातिहा, आइए आपको step-by-step समझाते हैं……….

Step 1:- सबसे पहले वज़ु कर लें क्यूंकि हमें कुरान की आयतें और सूरह पढ़नी है, वज़ु करके tayyar ho जायें कुर्ता, टोपी पहनकर और जानेमाज बिछा कर. 

Step 2:- अब किबला की तरफ मुह करके जानेमाज पर बैठ जायें और अपने सामने फातिहा का तबर्रुक रख लें जिसपर फातिहा पढ़ना है; ध्यान रखें कि फातिहा का तबर्रुक ढका ना हो अगर पहले से ढका हो तो खोल लें.

Step 3:- अब आपको खुशबु के लिए अगरबत्ती या लोहबान को जलाना है ताकि खुशबु बनी रहे; अगर आपको उसकी खुशबु से allergy है तो थोड़ा दूर भी रख सकते हैं.

अब असली का फातिहा शुरू होता है क्यूंकि अभी तक तो हमने सिर्फ इन्तेजाम ही किया है फातिहा करने का…. 

Step 4:- सबसे पहले आपको दरूद शरीफ पढ़ना है, यह बहुत जरूरी है इसकी बहुत बरकत है और इसको पढ़ने से सवाब बहुत ज्यादा मिलता है; अल्लाह को वह बंदा काफी पसंद है जो उसके रसूल पर दरूद भेजता है.

Step 5:- अब आपको Surah Kafirun पढ़ना है, फिर इसके बाद Surah Ikhlas 3 मर्तबा पढ़ना है. Surah Ikhlas पढ़ने के बाद 1-1 मर्तबा Surah Falaq और Surah Nas पढ़ें. 

Step 6:- चारों कुल पढ़ने के बाद एक बार Surah Fatiha पढ़ें, Surah fatiha पढ़ने के बाद आप Surah Baqrah पढ़ें, आप सूरह बकरा को “अलिफ लाम मीम” से लेकर “मुफलीहून” तक एक मरतबा पढ़ना है. 

Step 7:- Surah Baqrah पढ़ने के बाद अब आपको आयत ए खमसा पढ़ना है. 

Step 8:- आयत ए खमसा एक मर्तबा पढ़ने के बाद अब आपको फिर से 11 मर्तबा Darood Sharif पढ़ना है…

बस इन 8 steps में फातिहा मुकम्मल होता है, उम्मीद करते हैं कि हमने आपको आसानी से समझा दिया है; और आपके मन मे कोई confusion नहीं बचा होगा fatiha ka tarika से related.

लेकिन अभी आपको एक काम और करना है जो है eid ke fatiha ke baad ki dua…. ये बहुत ही जरूरी है, इसे जरूर करें.

Eid ke fatiha ke baad ki dua in hindi / Fatiha ko bakshne ka tarika

Eid ke fatiha ke bad आपको नीचे लिखी हुई दुआ पढ़नी है बख्शने के लिए……. 

“या अल्लाह मैंने तेरी कलाम पढ़ी या अल्लाह इसमें बेशक गलतियां हुई है और बेशुमार गलतियां हुई है. 

या अल्लाह अपने रहमत बरकत और फजीलत से इन गलतियों को माफ फरमा; या अल्लाह मेरे पढ़ने को कुबूल फरमा. 

या अल्लाह मैंने जो कुरान शरीफ की तिलावत की या अल्लाह इस पढ़ने या शीरनी का सवाब हुजूर-ए-पाक-सल्ललाहो-अलैही-व-आलीही-वसल्लम की बारगाहे अनवर को नजर फरमा कर आपकी जुम्ला आल औलाद, अज़्वाजे मुत्तहिरात रज़ी अल्लाहु अन्हुम की अबहि पाक को जुम्ला अम्बिया व मुरसलीन अलेहुस्सलाम, जुम्ला सहाबा ए कराम, ताबयीन, तबअ ताबयीन रज़ी अल्लाहु ता आला अलैहीम अजमयीन की अबहि पाक नजर फरमा कर उम्मते मुस्तफा की अबहि पाक को पहुंचा (नोट:- जैसा मैंने कहा था आप किसी का भी नाम ले सकते हैं, और अगर आप चाहे तो उपर लिखे नामों मे अपने घर के किसी मरहूम का भी नाम ले सकते हैं) “

अब आपको फिर एक मरतबा दरूद शरीफ पढ़ना है, दरूद शरीफ पढकर दुआ मांगने से दुआ रद्द नहीं होती, क़बूल ही होती है; अब हमें एक बार और दुआ मंगनी है कबूलियत के लिए….. 

“या अल्लाह हमने जो तेरी कलाम पढ़ी उसे तू कबूल फरमा व सल्ललाहो तआला अला खैरी खलकीही मुहम्मदियुं व आलीही व असहाबीही अजमयीन बि रहमतिका या अर्रहमरराहिमीन। ला इलाहा इल्ललाह मुहम्मदुर रसुल्लाह, सल्लल्लाहो अलैही व आलीही वसल्लम”

ये भी पढ़ें:-

Eid ka fatiha kyu hota hai

फातिहा एक इसाले सवाब का जरिया है जो हम मुसलमान ज्यादा से ज्यादा सवाब पानी के लिए करते हैं, अब वह चाहे ग्यारहवीं शरीफ का हो या ईद का आपको ढेर सारा सवाब मिलता है फातिहा करने से.

और फातिहा करने का सवाब इतना ज्यादा इसलिए मिलता है क्यूंकि फातिहा का तबर्रुक हम गरीबों में बांटते है और फिर वो हमें दुआ देते है; और अल्लाह हमें ढेर सारा सवाब इस नेक काम के अजर मे देता है.

Eid ka fatiha kab hota hai?

Eid ka fatiha सुबह-सुबह ईद की नाज़ को जाने से पहले होता है, जिसमें ज्यादातर लोग मावा रखते हैं; और फातिहा पढ़कर घर के सभी लोग थोड़ा-थोड़ा तबर्रुक चखते हैं और फिर बाकी के तबर्रुक को गरीबों में बांट दिया जाता है.

Eid ka tabrruk खाने के बाद eid ki namaz को जाने का रिवाज सा बन गया है, घर के सभी लोग तबर्रुक चखकर ही नमाज़ को जाते हैं; और बाकी के तबर्रुक को फितरा कर दिया जाता है. 

उम्मीद करते हैं कि आपको हमारी आज की यह जानकारी से भरी पोस्ट “Eid ke fatiha ka tarika” पसंद आई होगी और कुछ नया सीखने को मिला होगा; अगर हाँ, तो इस POST को अपने दोस्तों और परिवार के साथ जरूर SHARE करें ताकि उन्हें भी ईद का फातिहा का तरीका सही से मालूम हो जाए. 

और हमारे इस वेबसाइट को बुकमार्क कर ले ताकि आप सभी को इस्लाम से रिलेटेड ऐसी ही जानकारी रोजाना मिलती रहें…… ईद मुबारक आप सभी को ❤️ ❤️ ❤️ ❤️ 

Leave A Reply

Please enter your comment!
Please enter your name here