Eid ke din kya padhna chahiye – Eid ke din kya padhe

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Eid ke din kya padhna chahiye ये काफी लोग जानना चाहते हैं, क्योंकि ईद का दिन बेहद ही मुबारक होता है; और दिन ऐसी कुछ चीजें होती है, जिसको पढ़ने से ईद के दिन की अहमियत और भी ज्यादा बढ़ जाती है, और इन्हें पढ़ना सुन्नत भी है.

लेकिन दोस्तों ज्यादातर लोगों को Eid ke din kya padhna chahiye – Eid ke din kya padhe; इसकी मालूमात नहीं होती जीस वजह से वह ईद की सुन्नतों से और उसके सवाब से महरूम रह जाते हैं.

आप किसी भी सवाब और सुन्नत से मैहरूम ना रहे इसलिए आज हम आप के दरमियान में Eid ke din kya padhna chahiye; लेकर आए हैं, जिसकी मदद से आप ईद के दिन की फजीलतों को हासिल कर सकेंगे.

Eid ke din kya padhna chahiye

Eid ke din kya padhna chahiye तो आपको बता दें ईद के दिन पढ़ने वाली सबसे अफजल चीज है; ईद की नमाज अदा करना ईद की नमाज साल में एक बार होती है, और यह मर्दों पर वाजिब है, इसे बा-जमात ही अदा कर सकते हैं.

ईद की नमाज अदा करना हर मर्द को जरूरी है; ईद की नमाज अदा करना ईद के दिन की सबसे बड़ी इबादत होती है; ईद की नमाज में छह तकबीरें होती है.

इसके अलावा भी ऐसी चंद चीजें मौजूद है, जिन्हें हमें ईद के दिन पढ़ना चाहिए जो कि सुन्नत है; उन्हें पढ़ने का हुक्म हमें हदीसों से मिला है.

ये भी पढ़ें। – ईद का बयान।

Eid ke din kya padhe

  • ईद की नमाज़ अदा करें।
  • ईद की नमाज़ को जाते वक्त की तकबीर पढना।
  • ईद का चांद देखने की दुआ पढना।
  • ईद की दुआ पढना।
  • औरतें चास्त, ईशराक नफिल नमाज पढें।
  • कब्रिस्तान जाके फातिहा पढें।

ईद की नमाज़ अदा करें।

ईद के दिन की सबसे बड़ी इबादत ईद की नमाज अदा करना होता है, ईद की नमाज वाजिब नमाज होती है, जिसमें दो रकाते होती है; और छः जाइद तकबीरें होती हैं, जिनका जवाब देना होता है, तीन तकबीर पहली रकात में होती है, और बाकी की तीन तकबीर दुसरी रकात में.

ये भी पढ़ें। – ईद की बातें।

ईद की नमाज़ को जाते वक्त की तकबीर पढना।

ईद के दिन की सबसे बड़ी सुन्नत है, इसके ईद की नमाज़ को जाते वक्त की तकबीर पढना जब हम अपने घरों से नहा-धोकर के ईद की नमाज अदा करने के लिए मस्जिद या ईदगाह को जाते हैं, तो रास्ते में हमें इन तकबीरों को पढ़ते रहना होता है, और यह ईद कि सुन्नत होती है.

“अल्लाहू अकबर अल्लाहू अकबर, ला इलाहा इलल्लाह, अल्लाहू अकबर अल्लाहू अकबर, वलिल्लाहिहम्द ”

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ईद का चांद देखने की दुआ पढना।

ईद की चांद रात वाले दिन हमें चांद देख करके एक दुआ को पढ़ना चाहिए इस दुआ को हमारे नबी पढ़ा करते थे; हमारे नबी जब भी कोई नया चांद देखते थे तो इस दुआ को पढ़ते थे और इस दुआ को पढ़ना हमारे लिए सुन्नत है.

"अल्लाहुम्मा अहिल लहू अलैना बिल अमनि वल इमानि वस सलामति वल इस्लामि वत तौफीकि लिमा तुहिब्बु व तरज़ा रब्बी व रब्बुकल लाह"

ईद की दुआ पढना।

ईद की दुआ एक ऐसी दुआ है, जो सहाबा ए कराम एक दूसरे को ईद की मुबारकबाद देने के लिए इस्तेमाल करते थे; यह दुआ हदीसों से भी साबित है, ऐसे में इस दुआ को ईद के दिन मुबारकबाद देने के लिए पढना घाहिए.

"तक़ब्बल अल्लाहु मिन्ना वा मिंकुम”

औरतें चास्त, ईशराक नफिल नमाज पढें।

जैसा कि हमने आपको बताया ईद की नमाज़ बा-जमात के साथ अदा की जाती है, और इसे मस्जिद में ही अदा कर सकते हैं; और औरतों पर ईद की नमाज वाजिब नहीं होती ऐसे में औरतें घरों में ही चास्त या ईशराक की नमाज अदा करें.

चास्त की नमाज़ पढने का सही तरीका।

कब्रिस्तान जाके फातिहा पढें।

कब्रिस्तान जाना वैसे भी इसाले सवाब का काम है और अगर ईद के पाक मौके पर कब्रिस्तान अच्छी नियत के साथ जाया जाय तो सवाब मिलता है; आप ईद के दिन अपने मरहूम घरवालों की कब्र पर जा सकते हैं. और साथ-साथ आप दरगाह पर भी जा सकते हैं.

आज आपने क्या जाना!?

तो दोस्ती याद हमारी आज की पोस्ट इस पोस्ट में हमने आपको Eid ke din kya padhna chahiye, Eid ke din kya padhe; कि मुकम्मल जानकारी दी है, उम्मीद है ! आपको आपके सवालों के जवाब मिल गए होंगे.

अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो आप अपने व्हाट्सएप, फेसबुक पर शेयर जरूर करें; ताकि ईद से पहले तमाम मुसलमानों तक यह जानकारी पहुंच सके.

बाकी आपको यह पोस्ट कैसी लगी और आप हमें क्या सलाह देना चाहते हैं, कमेंट में जरूर बताएं? अल्लाह हाफिज, ईद मुबारक !!!

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