Eid ke din kya karna chahiye?

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Eid ke din kya karna chahiye? या Eid ke din kya kya karen? मन में यह सब सवाल उठना तो लाजमी है, क्योंकि कोई भी नहीं चाहता कि 1 महीने का रोजा ईद के दिन खराब हो जाए; इसलिए हम सभी चाहते हैं कि ईद के दिन ज्यादा से ज्यादा अच्छे काम करें और प्यारे नबी की सुन्नतों पर चलें. जिससे हमें ढेर सारा सवाब, अल्लाह की रहमत और बरकत मिले.

हम सभी जानते हैं की अल्लाह ने 1 महीने के रोजे के बदले मे हमें ईद तोहफे में दी है जिस दिन अल्लाह की ढेर सारी रहमत, बरकत, रिज़क, सेहत आदि उसके बंदों को मिलती है; और साथ ही वह सभी चीजें मिलती हैं जिसके हम हकदार हैं, क्योंकि अल्लाह इस दिन काफी खुश होता है. 

और अगर आपको भी रमजान की बरकतों के अलावा अल्लाह की सभी रहमतों को हासिल करना है तो ईद के दिन भी आपको कई अच्छे अमाल करने होंगे; जिससे आप अल्लाह को राजी कर सकें और उसके बदले में अल्लाह आपको ढेर सारी खुशियों से नवाजेगा…. 

तो चलिए उन अच्छे कामों को जान लेते हैं जिसे आपको ईद के दिन करना चाहिए, जिसके बदले आप सवाब पा सकें; लेकिन एक बात और, अपने घर के सभी लोगों जैसे भाई, बहन, माँ, बाप, बेटा, बेटी, बीबी, दोस्तों, रिश्तेदारों आदि लोगों को भी ये करने को कहें जिससे सवाब मे इजाफा होगा…. 

तो दोस्तों चलिए देख लेते हैं Eid ke din kya karna chahiye?

Eid ke din kya karna chahiye? (Eid ke din kya kya karen?)

ईद के दिन अल्लाह ने छोटी से छोटी चीजों पर भी बड़े से बड़ा सवाब हासिल किया है, जिसे हम अपनाकर अल्लाह से लाखों सवाब हासिल कर सकते हैं; आपको बता दें कि ऐसी एक दो चीजें नहीं बल्कि बहुत सी चीजें हैं जिसे ईद के दिन करना काफी अफजल माना जाता है…. 

और हम आपको उनमें से ही कुछ मोटा-मोटी चीजें बता देंगे जिनका जिक्र हदीसों में हुआ है….. 

तो चलिए शुरू करते हैं Eid ke din kya karna chahiye

Eid ke din kya karna chahiye… 

ईद के दी है ये सब काम जरूर करना चाहिए…. 

  • Eid की नमाज अदा करें 
  • लोगों से गले मिलें 
  • दुश्मनों की तरफ दोस्ती का हाथ बढायें
  • चारों ओर खुशियां बाटें; ग़मों को भुला दें
  • जकात-अल-फितृ अदा करें
  • गरीबों को खाना खिलायें; कपड़े बाटें
  • घर को सजाएँ 
  • इत्र लगाएं; घर में खुशबू रखें
  • अपने घरों से गरीबों को खाली हाथ न जाने दे
  • सेवईं बनाएं और बाटें; अच्छे पकवान बनाएं खासकर गोश्त
  • अपने छोटों को ईदी दें
  • समय हो तो कुरान पढें 
  • अल्लाह को हर चीज के लिए शुक्रिया करें 

तो ये सब कुछ छोटे काम हैं जिन्हें आपको ईद के दिन जरूर करना चाहिए, और अब हम आपको इन सभी कामों को तफ़सील बताएँगे; और ये सब काम बड़े अहम हैं तो इन्हें करना ना भूलें….

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दोस्तों उपर लिखे काम जो थे उन्हें आपको बेशक करना है वो भी जरूरी हैं लेकिन अब जो काम मैं आपको बताने जा रहा हूं; वो बहुत ही ज्यादा जरूरी है और सुन्नत भी है, इन्हें आपको करना है और अपने घर के लोगों को भी करने के लिए कहना है……..

Note:- जो मैं आपको जा रहा हूँ कि ईद के दिन क्या करना जरूरी है उसे लोग eid ki sunnate से भी जानते हैं.

आइए चलिए Eid ke din kya karna chahiye? के जरूरी काम देख लेते हैं… 

#1. ईद की नमाज को पढ़ें

ईद की नमाज वैसे तो वाजिब नमाज है लेकिन इसे पढ़ने भी जरूरी है क्यूंकि अल्लाह मे इस नमाज को रमजान का तोहफा बताया है; और हम अल्लाह के इस तोहफे को मना नहीं कर सकते, और यह तोहफा रमजान में रखे हुए 1 महीने के रोजे का तोहफा है.

ईद की नमाज को अपने घर के पास के मस्जिद मे जरुर आता करें; अगर Covid-19 की वजह से नमाज पढ़ना मना है तो घर मे ही चास्त की नमाज अता करें. नमाज पूरी होने के बाद लोगों से गले भी मिलें, और दुश्मनों को दोस्त बनाने की कोशिश करें गले मिलकर. कोशिश करे चारों ओर खुशियां बाटें. 

Note:- ईद के दिन घुसल करना भी सवाब का काम है, इसलिए नमाज को जाने से पहले घुसल जरूर करें और वज़ू भी जरूर बनायें. 

नमाज को जाते वक्त इत्र जरूर लगायें और कुर्ता भी जरूर पहने टोपी के साथ, नमाज पढ़ने का सही लिबास यही है; मस्जिद से घर वापस लौटते वक्त दूसरे रास्ते से आयें, उस रास्ते से ना आयें जिससे मस्जिद को गए थें. 

#2. सेवईं बनाएं और बाटें और अच्छे पकवान बनाएं

ईद के दिल से नहीं बनना तो बहुत जरूरी है क्योंकि ईद मिठास को दर्शाता है और सेवईं भी, और eid के दिन अच्छे पकवान खासकर गोश्त भी बनायें; हो सके तो गरीबों और पड़ोसियों मे सेवईं बाटें. अच्छे पकवान बनाने और उन्हें लोगों मे बांटने और खाने का भी सवाब है. 

#3. जकात-अल-फितृ अदा करें

अल्लाह ने कहा है मेरे द्वारा तुम्हें दिए हुए दौलत पर सिर्फ तुम्हारा ही नहीं ब्लकि गरीब-व-मिसकीन का भी; तुम जितना जकात-अल-फितृ अदा करोगे मैं तुम्हें उससे कई गुना ज्यादा वापस करूंगा. अल्लाह ने वादा किया है कि तुम्हारी जकात देने से तुम्हारा रिज़क कभी भी कम नहीं होगा. 

इससे हमने ये सीखने को को मिलता है कि आप जितना ज्यादा जकात देंगे, अल्लाह आपसे उतना ही ज्यादा राजी और खुश होगा; और आपको जकात का बेहतर सिला देगा साथ-साथ रिज़क मे भी बरकत देगा….. 

आप गरीबों को जकात दे सकते जिसमें आप जरूरतमंदों को पैसे, खाने, कपड़े, या आपसे जो कुछ जितना भी बन सके, दें; लोग तो गरीबों के लिए घर भी बनाकर जकात अदा करते हैं, लेकिन आपसे जितना हो सके उतना ही दें. क्यूंकि जकात का मतलब होता है अपनी जरुरतों को पूरा करने के बाद आपके पास जो कुछ है उसमे से कुछ हिस्सा गरीबों के नाम कर दें.

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#4. घर, मुहल्ले और मस्जिद को सजाएँ

ईद जैसे खुशियों के त्योहार पर घर, मुहल्ले और मस्जिद जैसे पाक जगहों को जरूर सजाएँ; फरिश्ते उसी जगह आते हैं जहां सफाई हो और ईद के दिन अल्लाह ज्यादे फरिश्तों को अपनी रहमत के साथ भेजता है, इसलिए आपने इलाके को साफ़-सुथरा रखें. 

और साथ ही साथ घर, मुहल्ले और मस्जिद को सजाएँ, रोजाना की तरह ही साफ़-सफाई ना करें; इन जगहों पर सजावट जैसे झालर और दूसरी चीज़ों से करें. और खुशबू भी जरूर इस्तेमाल करें, ये फरिश्तों और अल्लाह को अच्छा लगता है…. 

#5. घर मे मुहब्बत रखें और अपने छोटों को ईदी दें

नमाज अदा करने के बाद जब आप घर को आयें अपने बड़ों को तोहफे या पैसे ईदी के तौर पर दें; और अपने बड़ों से ईदी मांगें, इससे भी अल्लाह बहुत खुश होता है कि मेरे इस बन्दे के घर मे मुहब्बत का बाग है. अल्लाह ऐसे घरों पर अपनी खासकर नजर और रहमत रखता है. 

अगर घर मे कोई एक दूसरे से नाराज है तो ईद से पहले ही सुलह कर लें और ईद का दिन साथ मे धूमधाम, खा-पीकर, घूम-घाम कर मनायें; आपने घरों मे मुहब्बत बरकरार रखने के लिए मां-बाप, भाई-बहन, बीबी-बच्चों से प्यार का इज़हार करें, और पूरी जिंदगी मोहब्बत रखें. 

मां-बाप, भाई-बहन, बीवी-बच्चों को अच्छी जिंदगी देने के लिए अल्लाह से दुआ करें, और कभी मन-मुटाव ना आने दें; अपने घर के सभी लोगों की तरक्की के लिए भी दुआ करें ना कि सिर्फ अपने लिए.

#6. दुश्मनों को दोस्त बनाने के लिए हाथ बढ़ाएं 

इस्लाम दुश्मनी करने की इजाजत नहीं देता और तब तो बिल्कुल भी नहीं जब मुस्लमान से ही दुश्मनी हो; मुसलमान आपका भाई है वह दुश्मनी करने के लिए नहीं है. अगर किसी गैर मुसलमान से दुश्मनी हो भी जाए तो भूल-चूक माफ करके आगे बढ़ना चाहिए. और आपको उसको माफ कर देना चाहिए और मोहब्बत से जीना चाहिए. 

अगर सामने वाला माफी का ऐतबार ना करें और दुश्मनी पर ही कायम रहे, ऐसे मे आपको अपने मन से तो सबसे पहले उसे माफ कर देना चाहिए और दिल में कोई गिला-शिकवा नहीं रखना चाहिए; और उसके किसी भी गलत काम पर react नहीं करना चाहिए, गली नहीं देना चाहिए और मारामारी नहीं करना चाहिए. 

अल्लाह से दुआ है कि वह सभी मुसलमानों के दिलों में मोहब्बत का बीज बो दे…… आमीन!!!!

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नतीज़ा 

तो दोस्तों ये थी हमारी आज की इस्लामिक जानकारी से संबंधित हारी पोस्ट जिसका मकसद आपको बताना था कि “Eid ke din kya karna chahiye”; इस पोस्ट मे हमने निम्नलिखित चीज़ों पर गौर से बातें की…. 

  • Eid ke din kya karna chahiye
  • Eid ke din kya kya karen
  • Eid ke din ki sunnate
  • Eid ki jaroori bate

उम्मीद करता हूं कि आपको हमारी आज की यह पोस्ट अच्छी लगी होगी, अगर हाँ तो इसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ जरूर SHARE करें; और हमारे इस WEBSITE को BOOKMARK कर ले ताकि आप सभी को इस्लाम से जुड़ी ऐसी ही POST मिलती रहे…. 

और comment मे हमने जरूर बताएँ कि आपको और किन चीजों पर पोस्ट चाहिए, हम उसपर भी article बनायेंगे; और Comment मे अपना suggestion और opinion भी दें…. 

अल्लाह हमे अपनी पनाह मे रखे, अमीन!!!! 

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