Eid ka roza rakhna kaisa hai – Eid ka roza rakhna chahiye ya nahin

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Eid ka roza rakhna kaisa hai? यह सवाल काफी लोगों के मन में उठ रहा होगा क्योंकि आज से कुछ ही दिन बाद ईद का पाक और खुशियों वाला त्यौहार आने वाला है; और बहुत से लोग यह सोचते हैं, कि वह इस दिन रोजा रख करके काफी सवाब हासिल कर सकते हैं

आज हम नीचे बताई इन तमाम चीजों की सच्चाई जानेंगे इसलिए हमारे साथ बने रहे ताकि आप कोई हराम काम ना कर बैठें.

  • Eid ke din 10 baje ka roza.
  • Eid ka roza rakhna chahiye ya nahin.
  • Eid ka roza rakhna kaisa hai?

तो चलिए शुरू करते हैं…

Eid ke din roza rakhna kaisa hai

दोस्तों ईद रमजान के महीने के बाद शव्वाल कि 1 तारीख को होती है; रमजान के तीस रोजे रखने और अल्लाह की इबादत करने के बदले में अल्लाह हमें ईद के त्यौहार का तोहफा देता है.

रमजान में हम 30 दिन रोजा रखकर अल्लाह की इबादत करते हैं, और अपने गुनाहों को माफ कराते हैं; और अल्लाह की बारगाह में अपनी फरियाद लाते हैं, और दुआ मांगते हैं.

रमजान की सबसे बड़ी इबादत रमजान का रोजा रखना होता है, और यह फर्ज होता है, इसे छोड़ना हराम है.

ऐसे में काफी लोगों को यह लगने लगता है, कि जिस तरह रमजान के महीना में रोजा रखा जाता है; अगर हम ईद के दिन भी रोजा रखे तो अल्लाह हम से खुश होगा और हम ज्यादा सवाब के हकदार हो जाएंगे.

ईद आने से पहले इन्हें जरूर पढ़ें। –

Eid ke din 10 baje ka roza

काफी जगह और काफी लोगों का मानना होता है, कि ईद के दिन 10:00 बजे का रोजा रखना होता है; और छुहारे के साथ उसका रोजा तोड़ा जाता है, इससे यह तो सामने आ रहा है, कि फज़र से इफ्तार तक रोजा नहीं रखना है.

ईद के दिन 10 बजे का रोज़ा नाम की कोई चीज नहीं होती क्योंकि रोज़ा चाहे नफील हो या फर्ज सुबह फजर से लेकर इफ्तार के वक्त तक रोजा रखा जाता है; और इफ्तार में रोजा तोड़ा जाता है, इसके अलावा कोई भी और वक्त उधर के नेटवर्क में नहीं है.

ये भी पढ़ें। – ईद का बयान।

Eid ka roza rakhna kaisa hai?

Eid ka roza rakhna kaisa hai? तो आपको बता दे हराम है, ईद का रोजा रखने से जुड़ी ऐसी कोई हदीस मौजूद नहीं है; जिसमें यह कहा गया हो कि ईद के दिन रोजा रखो जो लोग ईद के दिन रोजा रखते हैं, वह गलत करते हैं, उसका सवाब तो नहीं मिलता उल्टा गुनाह मिल जाता है.

इस्लाम में ऐसे कुछ दिन होते हैं, जिसमें रोजा रखना मना किया गया है जिनमें ईद और बकरीद के दिन का रोजा रखना शामिल है; ऐसे में इन सब को जानने के बावजूद अगर ईद के दिन रोजा रखा जाएगा तो यह गुनाह होगा.

ये भी पढ़ें। – रमज़ान की बातें।

Eid ka roza rakhna chahiye ya nahin

Eid ka roza rakhna chahiye ya nahin तो बता दें हदीसों में आया है; ईद के दिन रोजा नहीं रखना चाहिए क्योंकि ईद का दिन खुशियों का होता है, इस दिन अल्लाह मेज़बान होता है, और फरमाता है, कि इस दिन खाओ पियो खुशियां मनाओ और मेरा शुक्र अदा करो अगर ऐसे में कोई शख्स ईद का रोजा रखता है, तो इसका मतलब यह है, कि उसने अल्लाह की मेजबानी कबूल नहीं की.

Eid ka roza rakhna kaisa hai से जुड़ी एक हदीस है; आइए हम उसे भी जान लें ताकि आपके सवाल का सटीक जवाब आपको मिल सके और आप ऐसा काम ना करें.

Eid ka roza rakhna haram hai

हदीसों में आया है, हुजूर ए पाक सल्ला वसल्लम ने फरमाया कि मुसलमानों पर 2 दिन रोजा रखना हराम है; और वह 2 दिन है, ईद उल फितर और ईद उल अजहा का.

इससे यह साफ पता चलता है, कि इन 2 दिनों में रोजा रखना सख्त मना किया गया है; ऐसे में हमें इन दिनों रोजा नहीं रखना चाहिए बल्कि खुशियां मनानी चाहिए, मोहब्बत बाटली चाहिए क्योंकि ईद का त्यौहार ही खुशियों का पैगाम लाता है.

ये भी पढ़ें – नमाज का बयान।

आज आपने क्या जाना?

दोस्तों आज की पोस्ट में हमने आपको Eid ka roza rakhna kaisa hai बताया साथ ही साथ उससे जुड़ी और भी चीजों को तफसील से और आसान लफ्जों में बताने की कोशिश की है, उम्मीद है ! आपको आपके तमाम सवालों के जवाब मिल गए होंगे.

अगर आपको आपके सवालों के जवाब मिल गए हों और आपको यह पोस्ट अच्छी लग रही हो; तो इसे अपने व्हाट्सएप, फेसबुक पर शेयर जरूर करें ताकि हर मुसलमान को ईद से पहले इन बातों की मालूमात की जाए

बाकी आपको ये पोस्ट कैसी लगी आप हमें क्या सलाह देना चाहते हैं, कमेंट में जरूर बताएं? अल्लाह हाफिज ईद मुबारक !!!

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