Darood E Shifa In Hindi, English & Arabic | Darood E Shifa Ki Fazilat

आज के समय में बिमार होना या जिस्म में किसी मर्ज का आ जाना आम बात है, और बिमारी/मर्ज से बचने के लिए हम डॉक्टर के पास जाते हैं और इलाज कराते और दवा खाते हैं.

लेकिन यह कोई जरुरी नहीं होता की हमें उस बिमारी से शिफा मिल ही जाए और हमें उस मर्ज से निजात मिल जाए क्योंकि इलाज कराना, दवा खाना तो हमारे बस में है लेकिन शिफा देना अल्लाह के हाथ में.

अल्लाह की मर्जी के बिना ना कोई बिमारी हम तक पहुंच सकती है और ना ही हमें किसी बिमारी से शिफा मिल सकती है.

किसी बीमारी से शिफा कब मिलेगी यह तो अल्लाह ही बेहतर जानता है, लेकिन अल्लाह से दुआ कर के और हदिसों में बताई दुआओं को पढ कर हम जल्दी शिफा हासिल कर सकते हैं.

ऐसे ही हदिसों में darood e shifa (एक दरुद शरीफ) मौजूद है, जिसे पढकर हम किसी भी मर्ज से शिफा हासिल कर सकते हैं.

तो चलिए शुरू करते हैं…

Darood e shifa

दरुद ए शिफा एक अफजल दरुद शरीफ है जिसे किसी बिमारी या मर्ज को खत्म या उससे निजात पाने के लिए पढा जाता है.

दरुद ए शिफा की फजीलत काफी ज्यादा है इसे पढकर किसी मरीज पर दम करने से बिमारी दूर हो जाती है सेहत और तंदुरस्ती हासिल होती है.

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Darood e shifa arbi me

اللهم صلى وسلم وبارك على سيدنا ومولانا محمد طب القلوب وداواٌيها وعافية الابدان وشفاٌيها ونور الابصار وضياٌيها واله وصحبه دائمآ ابدا

Darood e shifa in hindi

Darood e shifa
DAROOD E SHIFA HINDI
अल्लाहुम्मा सल्लि वसल्लिम वबारिक अला सय्यिदिना व मौलाना मुहम्मदिन तिब्बिल क़ुलूबी वदावा–एहा वआफियातिल अबदानि वशिफा–एहा व नूरिल अब्सारि व’देया–एहा वआलिही वसहबिही दा–इमन अबदा।

Darood e shifa in english

Allahumma Salli WaSallim Wa Baariq Alaa Sayyidina Wa Moulana Muhammadin Tibbil Kuloobi Wadaava-Ehaa W’aafiyatil Abdaani WaShifa-Ehaa Wa Nuril ABsaari W;deya-ehaa Wa Aalihi Wa As;haaBihi Daa-iman Abdaa.

Darood e shifa ki fazilat

दरुद ए शिफा की फजीलत बाकी बा-बरकत दरुद शरीफ के जैसे ही काफी ज्यादा हैं, जिसे आप सच्चे दिल से पढकर हासिल कर सकते हैं.

यहाँ दरूद ए शिफ़ा पढ़ने के कुछ फायदे दिए गए हैं –

  • हर मर्ज से शिफा मिलती है।
  • हर किस्म की बिमारी से निजात मिलती है।
  • सेहत और तंदरुस्ती हासिल होती है।
  • दूसरे मरजों से हिफाजत होती है।

Darood e shifa ka wajifa

दरुद ए शिफा का वज़िफा। - वज़िफा कुछ इस तरह है कि आपको 100 दिनों तक रोज़ाना 40 मर्तबा दरुद ए शिफा पढकर मरीज़ र दम करना है। 

वज़िफा ककरते वक्त आ पाक साफ रहें तो ज्यादा बेहतर है और durood e shifa के अलावा आप दरुद ए इब्राहिम, सुरह फातिहा, सुरह यासीन, सुरह मुल्क और चारों कुल की भी तिलावत करें.

Darood e shifa kab padhe?

आप दरुद ए शिफा कभी भी किसी भी वक्त पढ सकते हैं जब कोई किसी मर्ज में मुबतला हो तो उस वक्त दरुद ए शिफा पढकर उसपर दम करना चाहिए.

वैसे तो darood e shifa पढ़ने का कोई खास वक्त मुकर्रर नहीं किया गया है इसलिए आप इसे जब चाहें पढ़ सकते हैं इसको पढ़ने से आपको सेहत तो मिलती ही है साथ ही साथ काफी सवाब भी हासिल होता है.

आज आपने क्या जाना?

दरुथवद ए शिफा एक बेहद ही अज़ीम दरुद शरीफ है जिसे अगर किसी मरीज पर पढकर दम कर दिया जाए तो उसकी बिमारी दूर हो जाथवती है.

लेकिन इस दरुद शरीफ की मालूमात काफी कम लोगों को होती है इसलिए हमने सोचा की आपको दरुद ए शिफा की मुकम्मल मुलूमात दे दी जाए.

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अल्लाह हाफिज !!!

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