5+ Darood e Mahi ki fazilat/fayde | Darood e Mahi benefits in hindi

Darood e mahi ki fazilat बेशुमार है जिसमें सबसे बड़ी फजीलत यह है की जो शख्स दरुद ए माही का विर्द करता है, उसे जहन्नुम की आग छू नहीं सकती सुबहान-अल्लाह।

लेकीन दोस्तों darood e mahi ke fayde यहां खत्म नहीं होते दरुद ए माही एक अफज़ल दरुद शरीफ है जिसकी अहमियत, शान और फज़ीलत काफी ज्यादा है।

आईए हम आपको दरुद ए माही पढने के चंद अहम और बडे फायदे हदीस की रौशनी में बता देते हैं, तो चलिए शुरु करते हैं।

Darood e mahi ki fazilat

दरुद ए माही अफज़ल दरुद ए पाक है जिसकी बेशुमार फज़ीलतों में जान ओ माल की हिफाजत होना, कामयाब होना और शैतान के वसवसों से निजात पाना शामिल है।

Darood e mahi ke fazail से जुडी एक बडी मशहूर हदीस है जिससे आपको इस दरुद शरीफ की अज़मत और फज़ीलत का अंदाजा हो जाएगा।

darood e mahi ki fazilat

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Darood e mahi ke benefit

एक हदीस में आया है – एक मर्तबा एक आदमी एक ढका हुआ बर्तन नबी सल्लल्लाहो अलेही वसल्लम की खिदमत में लेकर हाजीर हुआ।

इसपर नबी सल्लल्लाहो अलेही वसल्लम ने उससे पुछा की यह क्या है? इसपर वह शख्स बोला या रसूलल अल्लाह मैं तीन दिन से इस बर्तन में रखी मछली को पका रहा हूं लेकिन इसपर आग का असर ही नहीं हो रहा इसलिए मैं आपके पास आया हूं आप बेहतर जानते हैं.

इस बात पर नबी सल्लल्लाहो अलेही वसल्लम ने मछली से यह सब पुछा और मछली अल्लाह के हुक्म से बोली या रसूल अल्लाह मैं एक दिन पानी में थी और एक आदमी इस दरुद शरीफ को पढ रहा था और मैंने वह सुन लिया बस।

इसपर आका ने मछली को हुक्म दिया की वह दरुद शरीफ सुना तो मछली ने दरुद ए माही सुना दी, यह सुनकर आका ने फरमाया ऐ अली रज़ी अल्लाहू अनहा इस दरुद ए पाक को लिख लो और सभी को सिखा दो।

इंशाअल्लाह जो इस दरुद शरीफ को पढ़गा उसपर दोज़ख की आग हराम हो जाएगी।

Darood e mahi ke fayde

यहां दरुद ए माही की चंद फज़ीलतें दी गई हैं –

  • बला व मुसीबत दूर होती है।
  • कामियाबी मिमिलती है।
  • हासीदों के हसद और जिन्नातों से हिफाजत होती है।
  • दुशमनों के हमलों और साजीशों से हिफाजत होती है।
  • इस दरुद शरीफ को पढने से इज्जत में इज़ाफा होता है।
  • इस दरुद शरीफ को पढने से दोज़ख की आग हराम हो जाती है।

Darood e mahi benefits in hindi

Darood e mahi ke benefits मे सबसे बड़ी फजीलत यह है की इसे पढने वले कोको नबी करीम सल्लल्लाहो अलेही वसल्लम की जियारत नसीब होती है।

कई इस्लामीक किताबों और हदीसों में आया है की अगर कोई शख्स नबी सल्लल्लाहो अलेही वसल्लम की जियारत करना चाहता है तो वह रमज़ान में हर रोज तरावीह की नमाज़ अदा कर के 41 मर्तबा दरुद ए माही पढे।

नीचे हमने चंद और फज़ीलतों के बारे में बताया है जिन्ह आप दरुद ए माही को पढकर हासिल कर सकते है।

Durood e mahi ki fazilat in hindi

Darood e mahi padhne ke fayde –

  • गुनाहें माफ हो जाएंगी।
  • उम्र में इज़ाफा/बरकत होगी।
  • घरों में बेशुमार बरकत होगी।
  • माल ओ दौलत में बरकत होगी।
  • इसे पढने वाले को अल्लाह हर बला व मुसीबत से बचाएगा।

तो हज़रात यह थे darood e mahi ki fazilat/benefits in hindi मे उम्मीद है आपको यह पोस्ट और इसमें दी जानकारी पसंद आई होगी।

आज के लिए बस इतना ही सपोर्ट के लिए तहे दील से शुक्रिया अल्लाह हाफिज !!!

Quransays.in

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