बकरा ईद मानाने का कारण और इस्लामिक मान्यताओं के बारे में

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Intro : कुर्बानी का दिन यानी ईद अल-अज़हा या बकरीद इस्लाम धर्म में मनाया जाने वाला एक त्यौहार है। जिसे मुस्लिम धर्म के लोग बड़ी धूमधाम से हर्षोल्लाष से एक दूसरे को गले मिल कर मनाया जाता है। बकरा ईद आमतौर पर मीठी ईद यानी रमजान के ठीक 70 दिन बाद पड़ती है।  ईद अल-अज़हा को बलिदानी ईद के नाम से भी जाना जाता है। इस मौके पर आप अपने जानने वालों के साथ बकरा ईद कोट्स, बकरा ईद की शायरी और शुभकामनाएं सन्देश शेयर करें और आपसी भाईचारे और अल्लाह के पैगाम को फैलाएं। सबको मिल कर बताये बकरा ईद क्यों मनाई जाती है और इसे किन किन अन्य नामों से पुकारा जाता है। 

बकरा ईद क्या है 

विश्व स्तर पर बकरा ईद अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है। आपको बता दें कि अरबी भाषा में ‘बक़र’ का अर्थ है गाय मगर हिंदी उर्दू भाषा के बकरी-बकरा से इसका नाम जुड़ा है। कई देशों में इसे बकरे की क़ुर्बानी त्यौहार के नाम से भी जाना जाता हैं। साल 2021 में बकरी ईद 19 जुलाई यानी सोमवार को पड़ेगी। यह त्यौहार अल्लाह पर विशवास करना सिखाता है। तो चलिए जानते हैं इस त्यौहार को मनाने के पीछे का इतिहास। 

बकरा ईद को किन किन नामों से जाना जाता है

बकरा ईद के त्यौहार को दूसरे कई नामों से भी जाना जाता है। तो चलिए जानते हैं इन नामों के बारे में। 

  • ईदुल अज़हा
  • ईद अल-अज़हा
  • ईद उल-अज़हा
  • ईद अल-अधा
  • ईदुज़ जुहा

बकरा ईद क्यों मनाई जाती है 

रमजान के 70 दिन बाद मनाया जाने वाला त्यौहार बकरा ईद मानने का मुख्य कारण यह हैं कि एक बार इस्लामिक मान्यतों के अनुसार हज़रत इब्राहिम ने अपने पुत्र हज़रत इस्माइल को खुदा के आदेश पर कुर्बान करने जा रहे थे। उन्होंने एक पल भी पुत्र का मोह नहीं किया और अल्लाह ने उसके विशवास और बलिदान का मान रखते हुए पुत्र को जीवनदान दे दिया जिसकी याद में हर साल यह पर्व मनाया जाता है। कई बार आपको बकरा ईद से मिलता जुलता शब्द ईद-ए-कुर्बां भी सुनने को मिलेगा जिस का मतलब है बलिदान की भावना।

क्यों हैं कुर्बानी का महत्व 

कुर्बानी देने की प्रथा अल्लाह के द्वारा शुरू की गयी थी। खुद  पैगंबर हजरत इब्राहिम से ही कुर्बानी देने की प्रथा की शुरुआत की थी। ऐसा बताया जाता हैं की जब पैगंबर इब्राहिम अपने बेटे को मारने वाले थे। उसी वक्त अल्लाह ने अपने दूत को भेजकर बेटे को एक बकरे से बदल दिया था। तभी से बकरा ईद अल्लाह में पैगंबर इब्राहिम के विश्वास को याद करने के लिए मनाई जाती है। तब से मुस्लिम धर्म और इस्लाम धर्म के फोल्लोवेर्स के लिए बलिदान का बहुत महत्व माना जाता है। 

बकरा ईद से जुडी कुछ खास बातें 

बहुत कम लोग यह जानते होंगे की बकरा ईद के त्यौहार वाले दिन कैसे क्या क्या किया जाता है। तो चलिए आज हम आपको विस्तार से बताते हैं बकरा ईद से जुडी कुछ खास बातों के बारे में। 

  1. बकरा ईद के दिन कुर्बानी देने के साथ-साथ इसे तीन भागों में बांटा जाता है, पहला भाग रिश्तेदारों, दोस्तों और पड़ोसियों को दिया जाता है। दूसरा हिस्सा गरीबों और जरूरतमंदों के लिए होता है। 
  2. बकरी ईद के दिन घरों में कुछ मीठा बनाने का रिवाज़ है। 
  3. बकरा ईद में भी गरीबों और जरूरतमंदों को दान दिया जाता है। 
  4. यह त्यौहार हमे अल्लाह पर विश्वास और भरोशे का पैगाम देता है। 
  5. इस्लमिक किवदंतियों के अनुसार ईद के दिन पढ़ी जाने वाली नमाज को सलत-उल-ईद कहा जाता है।
  6. भारत में भले ही बकरा ईद एक दिन मनाया जाता हो मगर तुर्की और कतर में ईद-अल-अदा 10 दिनों तक सेलिब्रेट किया जाता है। वही साऊदी अरब में ये 14 दिनों यानि दो हफ्तों का त्योहार होता है।
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