Alvida jumma ki ibadat – Alvida jumma ki ibadat kaise kare?

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Alvida jumma ki ibadat, alvida jumma ki ibadat kaise kare? आज हम आपको बताने जा रहे हैं; ताकि आप इस मुबारक दिन इबादत करके खूब सवाब हासिल कर सके और रमजान के आखिरी जुम्मा को अलविदा कह सकें.

अलविदा जुमा को जमात उल विदा भी कहते हैं, क्योंकि यह रमजान के मुबारक महीने का आखिरी जुम्मा होता है; इस जुम्मा के बाद ईद का चांद देखकर ईद मनाई जाती है.

रमज़ान के बाद हम अगले साल ही इस नमाज को अदा कर सकते हैं, जिस वजह से यह नमाज बेहद ही खास हो जाती है.

अलविदा जुम्मा 29 अप्रैल 2022 को पड़ रहा है, जिसका हर मुसलमान को बेसब्री से इंतजार है; और इस दिन दुनिया के तमाम मुसलमान बा-जमात अलविदा जुमा की नमाज अदा कर के रमजान के आखिरी जुम्मा को अलविदा कहते हैं.

ऐसे में alvida jumma ki ibadat काफी लोगों को नहीं मालूम होती जिस वज़ह से वह इस दिल का पूरा फायदा नहीं उठा पाते और इस दिन की रहमतों, बरकतों से पीछे हो जाते हैं.

Alvida jumma ki ibadat

Alvida jumma ki ibadat में सबसे बड़ी इबादत अलविदा जुमा की नमाज अदा करना होता है; अलविदा जुमा की नमाज़ हर जुमे की नमाज की तरह ही होती है, बस उसकी नियत में कुछ तब्दीली होती है.

अलविदा जुमा की नमाज बा-जमात ही अदा कर सकते हैं, इस नमाज को बिना किसी जायज और बड़ी वजह के छोड़ना गवाह है; अगर किसी की यह नमाज छूट जाती है, तो वह कज़ा अदा नहीं कर सकते आपको इसके बदले जोहर की कज़ा नमाज अदा करनी पडती है.

ईद से पहले इन्हें जरूर से जान लें।

Alvida jumma ki ibadat kaise kare

Alvida jumma ki ibadat kaise kare? तो जैसा हमने आपको पहले बताया कि इस दिन अलविदा जुमा की नमाज अदा करना सबसे बड़ी इबादत है; तो आप का सबसे पहला काम होना चाहिए सही तरीके से वजू कर के जुम्मे की तमाम सुन्नतों को अदा करके अलविदा जुम्मा की नमाज अदा करने के लिए मस्जिद जाना है, और नमाज अदा करनी है.

अलविदा चुम्मा को लोग छोटी ईद के शक्ल में भी देखते हैं, और इस दिन की फजीलत बेशुमार है; इस दिन को बा बरकत और रहमत वाला दिन करार दिया है, और इस दिन मांगी गई दुआ कबूल होती है.

ये भी पढ़ें – जुमा का बयान।

Alvida jumma ki nafil namaz

Alvida jumma ki nafil namaz भी काफी लोग गूगल पर खोजते हैं, ताकि उन्हें पता चल जाए कि अलविदा जुम्मा की नफिल नमाज क्या है? लेकिन आपको बता दें हदीस में अलविदा जुम्मा की नफिल नमाज की कोई जानकारी नहीं दी गई है.

अलविदा जुमा के दिन नफील नमाज़ पढ़ना चाहिए इबादत के लिए लेकिन आम नमाज की तरह ही नफील नमाज़ अदा करनी होती है; इसमें कुछ भी तब्दीली नहीं होती है.

ऐसे में अगर आपसे कोई कहे कि इस नमाज को इस तरह से पढ़ लो तो सारी मुराद पूरी हो जाएगी यह कुछ हो जाएगा; तो आप उन बातों में ना आए ऐसी कोई नमाज हदीस से साबित नहीं है.

आप बस अलविदा जुमा की नमाज अदा करें और इबादत के लिए ज्यादा ज्यादा नफील नमाज़ अदा करें.

ये भी पढ़ें – रमज़ान की बातें।

Alvida jumme me kya kya ibadat kare

आप अलविदा जुमा की इबादत में सूरह यासीन, सूरह मुल्क, सूरह रहमान, सूरह कहफ, सुरह जुमा और कुरान मजीद की ज्यादा से ज्यादा तिलावत करें साथ ही साथ आप नफील नमाज़ों को भी अदा करें इसकी फजीलतें बहुत ज्यादा है.

इस बार अलविदा जुम्मा रमजान की 27 की शाम को पड़ रहा है; ऐसे में आप 27वीं शब की जाने वाली इबादतों को भी पूरी शिद्दत से करें कि आपको ज्यादा फजीलत हासिल हो.

शब ए कदर की आखिरी रात जाने से पहले इसे जरूर पढें।

Alvida Jumma ka khutba

दोस्तों जुम्मा, ईद और बकरीद की नमाज से पहले इमाम साहब खुतबा पड़ते हैं; जुम्मा की नमाज में खुतबा नमाज़ से पहले पढ़ा जाता है, वहीं ईद और बकरीद में नमाज के बाद खुतबा पढा जाता है.

जो खुतबा हम आम महीनों के जुम्मा के दिन सुनते, पढ़ते हैं, वही अलविदा जुमा के दिन भी पढ़ा जाता है.

अलहम्दु लिल्लाहिल्लज़ी ज़-आला ;यौम-ल जुमुआति-स्सय्यिदि-ल अय्याम ! वला नाअबादो वला नस्त इनु इल्ला इय्याहु व हौवल्ल्जि फ़र्द-स्सलात-ल जुमुआति फस्सा वा इल्ला ज़िक़्रिल्लाह।

वस्सलवातो अला मोहम्मदीं सय्यिदि-ल अनाम ! व अला आलेही व अस्हाबेहि-ल किराम । खोसुवसँ अला आ फ़ज़लि-ल बसरि बा’अदा अल अम्बियाई बिल तहक़ीक़।

अमिरिल मोमेनीना अबि बकरि-ल सिद्दीक । व अलन्ना तिकि बिल सिद्दकि-ल वल सवाब ! अमिरिल मोअमेनीना उमर अब्नि-ल खत्ताब ! व अला कामिलि-ल  हय्याइ व ल इकान।

अमिरिल मोाअमेनीना उस्माना अब्ने अफ्फान । व अला ग़ालिबि कुल्लि ग़ालिबी ! अमिरिल मोमेनीना अली इब्ने अबि तालिब - व अल-ल इमामैनि-ल हुमामानि – स्सय्यिदिनि-स्सय्यिदिना अबि मोहम्मदिनि-ल हसनि व अबि अब्दिल्लाहि-ल हुसैन।

व अला उम्मिहिमा सय्यिदति-न्निशायि फ़ातिमत-ज़्ज़हरा । व अला अम्माहि-स्सरिफैनि-ल मुत्तहरैनि मिन-ल अ दनासि-ल हम्ज़ाति वल अब्बास।

वला सय्येअति-ल बाक़ि-अति  मिन-ल असराति-ल मुबसराति व साय्यिरिल शाहबाति वल ताबिन-ल रिज़वानुल्लाहि तआला अलैहिम अज़मइन।

बारकल्लाहु-ल लना वलाकुम फ़ि-ल क़ुरआनि-ल अज़ीम व नफ़यना व इय्या क़ुम बिल आयाति वल ज़िक़्रिल हक़ीम।

Alvida jumma ki ibadat Khutba

अलहम्दुलिल्लाहि नहमदो हु व नसतयीनुह व नसतगफिरूह व नुमिनु बेही व नतवक्कलो अलैहि व न आउज़ोबिल्लाहि मिन सुरूरि अनफोसेना व मिन सय्येआते अमालेना मन याहदे-हिअल्लाहो फला मुगि ल्ल ल हु व मयँ युग़लिल्लहु फला हादिया लाह।

व  नशहदो अन लाइलाहा इल्ललाहु वाहदहु ला शरिका लहु व नशहदो अन्ना मुहम्मदन अब्दोहु व रसुलुह। 

इन्नल लाहा व मलाय कतऊ युसैलुना अलन्नबी या अय्यो हल लजीना आ मनु सल्लू अलैहि व सल्लिमों  तस्लीमा - अल्लाहुम्मा सल्ले अला मुहम्मदीं बैअद्दी मयँ सल्ला व साम।

अल्लाहुम्मा सल्ले अला मुहम्मदिव व अला आलि मुहम्मदिं बैअद्दी मयँ क़ाअदा व क़ा म ० व सल्ले अला ज़मियि – ल नबीयि -ल मुरसलीन व अला कुल्ले मालायिकतेक-ल मुक़र्रबिन।

व अला इबादिल्लाहि-स्सालेहिन बि रहमतिका या अर हमर्राहमिन - इबादल्लाह - इन्नल-लाहा या मोरो बिल-अदलि वल एहसाने व इताई यु ज़ि- ल क़ुरबा व यन्ह्या अनि-ल फहसाये वल मुन्करि वल बाग़यि या इज़ो क़ुम ला अल्लाकुम तज़क्करुन।

वल ज़िक़्रील्लाहि तआला आअला व अवला व अज्जु व अज़्लु व अत मो व अ हम्मु व अकबर। 

आज आपने क्या जाना?

दोस्तों आज की इस पोस्ट में हमने आपको नीचे बताए हुए तमाम चीजों की जानकारी आसान लफ्जों में तफसील से बताने की कोशिश की है, ताकि आपको आपके तमाम सवालों के सही सही जवाब मिल सके.

हमें उम्मीद है ! आपको आपके तमाम सवालों के जवाब मिल गए होंगे और आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आई होगी; अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो आप इसे अपने व्हाट्सएप, फेसबुक पर शेयर जरूर करें.

बाकी आपको यह पोस्ट कैसी लगी और आप हमें क्या सलाह देना चाहते हैं; कमेंट में जरूर बताएं? अल्लाह हाफिज अलविदा जुम्मा मुबारक !!!

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